मुरादाबाद में तेंदुओं के हमले लगातार जारी हैं। एक माह के भीतर तेंदुए तीन महिलाओं की जान ले चुके हैं। ठाकुरद्वारा के 36 गांव तेंदुआ प्रभावित घोषित हैं, जहां वन विभाग लोगों को समूह में जाने और शोर करने की सलाह दे रहा है।
मुरादाबाद में तेंदुओं के बढ़ते हमलों को देख ग्रामीण खेतों पर समूह में जाने लगे हैं। लेकिन इसके बावजूद भी आदमखोर के हमले थम नहीं रहे हैं। मंगलवार को बहापुर बलिया गांव में जब तेंदुए ने खेत में काम कर रहीं मिथिलेश पर हमला किया तो उस समय उनके पति समेत आसपास नौ लोग थे। 18 अगस्त को इसी गांव में जब ब्रह्मो देवी पर हमला किया था तब भी बीस लोग आसपास थे। लेकिन आदमखोर तेंदुआ फिर भी नहीं घबराया।
तेंदुआ गर्दन पकड़ता है और श्वांस नली काट देता है। तीन अगस्त से 25 अगस्त तक तेंदुए ने तीन महिलाओं की जान ली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक तीनों की ही गर्दन पकड़ी और श्वांस नली तोड़ डाली। ठाकुरद्वारा को तेंदुआ प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इस इलाके के 36 गांव ऐसे हैं जहां तेंदुआ अक्सर आबादी या जंगल में नजर आता है। वन विभाग भी इन गांवों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहा है कि समूह बनाकर खेतों पर जाएं। शोर करते रहें।
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मुरादाबाद में तेंदुए का आतंक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तेंदुओं की बढ़ती दहशत के बीच ग्रामीणों ने समूह बनाकर जाना भी शुरू कर दिया है। लोग अब अकेले खेतों पर जाने से बच रहे हैं। लेकिन तेंदुए फिर भी नहीं डर रहे। बाहपुर बलिया गांव निवासी बृजपाल सिंह ने बताया कि खेत पर नौ लोग थे। लेकिन तेंदुए ने फिर भी मिथिलेश पर हमला कर दिया । दीवान सिंह और नन्हें सिंह ने बताया कि सभी पास-पास खड़े थे। ऐसा भी नहीं है कि कोई दूरी रही हो। तेंदुए ने मिथिलेश की गर्दन पकड़ ली थी और खेत के भीतर ले जाने लगा था। जब लोग दौड़े तो वह छोेड़कर भाग गया। लेकिन तब तक मौत हो गई थी।
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मुरादाबाद में तेंदुए का आतंक
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काट दी थी श्वांस नली, सिर और गर्दन पर थे जख्म
एटा में तैनात सिपाही रोहित कुमार की मां मिथलेश देवी की श्वांस नली तेंदुए ने काट दी थी। सिर और गर्दन पर आठ हमले किए थे। मंगलवार की शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। ठाकुरद्वारा के बाहपुर बलिया निवासी 45 वर्षीय मिथलेश अपने पति बृजपाल और गांव की अन्य महिलाओं और लोगों के साथ खेत से चारा लेने गईं थीं। तेंदुए के डर के कारण सभी लोग ग्रुप बनाकर गए थे बावजूद इसके तेंदुए ने मिथलेश पर हमला कर दिया था। मिथलेश अन्य महिलाएं और अपने पति के साथ चारा जुटा रही थीं। इसी दौरान तेंदुए ने हमला कर दिया और महिला की गर्दन दबा ली।
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मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुए का आतंक
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महिला की चीख पुकार सुनकर आस-पास पति और अन्य लोग पहुंचे लेकिन तब तक तेंदुआ महिला की जान ले चुका था। पुलिस अधीक्षक देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि मंगलवार को महिला के शव का पोस्टमार्टम किया गया। जिससे पता चला कि तेंदुए ने महिला की श्वांस वाली नली दबा ली थी और गर्दन के अलावा सिर पर हमला किया था। सिर और गर्दन पर चोटों के आठ निशान मिले हैं।
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मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुए का आतंक
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गर्दन पर मोटा कपड़ा बांधकर जाएं लोग
लगातार बढ़ते हमलों के बीच वन विभाग के अफसर लोगों को बता रहे हैं कि जब भी खेतों पर जाएं तो मोटा कपड़ा गर्दन पर बांधकर जाएं। क्योंकि तेंदुआ गर्दन ही पकड़ रहा है। जब कपड़ा मोटा होगा तो उसके दांत श्वांस नली तक नहीं पहुंच सकेंगे। डीएफओ डा. विनय कुमार सिंह का कहना है कि तेंदुआ गर्दन ही पकड़ता है। इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि खेतों पर काम करते समय गर्दन पर मोटा कपड़ा पहने रहें।
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मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुए का आतंक
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मंगलवार की घटना दुखद है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि बरसात के बाद समूह बनाकर भी खेतों में न जाएं। मौसम गर्म होने पर ही खेतों में जाएं। हाथ में दरांत या लाठी जरूर रखें। खेतों में लगातार शोर करते रहें। ठाकुरद्वारा के 15 गांवों में 21 पिंजरे लगाए गए हैं। - डॉ. विनय कुमार सिंह, डीएफओ
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मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुए का आतंक
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विधायक ने जताया दुख
ठाकुरद्वारा से सपा विधायक नवाब जान खां ने मंगलवार को तेंदुए के हमले में सिपाही की मां मिथिलेश की मौत पर गांव में पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। महिला के बेटे एटा में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं। विधायक नवाब जान खां ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। पुलिस प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों से बात कर गांव में तेंदुए के हमले में दो महिलाओं की मौत पर चिंता व्यक्त की। अधिकारियों से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक और प्रभावी कदम उठाने की मांग की। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुए का आतंक
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पति के सामने तेंदुए ने महिला को मार डाला, 22 दिन में तीसरी माैत
मुरादाबाद जिले के बहापुर बलिया गांव में मंगलवार की सुबह तेंदुए ने पति के सामने ही महिला को मार डाला। मृतका का बेटा एटा में सिपाही है। 22 दिन के भीतर तेंदुए के हमले में तीसरी महिला की माैत से क्षेत्रवासी खाैफजदा हैं। पहले तीन अगस्त को लालापुर पीपलसाना और फिर 18 अगस्त को बहापुर बलिया में तेंदुए ने महिला को मार डाला था।
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मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुए का आतंक
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एकबार फिर बहापुर बलिया में मंगलवार को हुई घटना ने वनविभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दहशतजदा क्षेत्रवासी भी कह रहे हैं कि आखिर वे कब तक वे तेंदुए का शिकार होते रहेंगे। ठाकुरद्वारा के गांव बहापुर बलिया में तेंदुए ने धान के खेत में पशुओं के चारे के लिए घास निकाल रहीं मिथलेश देवी (45) पर घात लगाकर हमला कर दिया।
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मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुए का आतंक
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इस दाैरान मिथलेश देवी के पति बृजपाल सिंह सैनी समेत गांव के ही दीवान सिंह, जॉनी, नन्हे सिंह, दिनेश सिंह और गीता देवी भी आसपास माैजूद थे। महिला की चीख सुनकर सभी लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े लेकिन उनके सामने ही तेंदुए ने मिथिलेश को मार डाला और फिर भाग खड़ा हुआ। वहीं, मिथिलेश के साथ काम कर रहीं पुष्पा देवी तेंदुए को देखकर बेहोश हो गईं।उन्हें ग्रामीण घर ले गए, जहां करीब दो घंटे बाद होश आया।
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मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुए का आतंक
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घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि हर माैत के बाद वन विभाग पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़ने का भरोसा देता है लेकिन हमले थम नहीं रहे हैं। खेतों में काम करने जाना अब मौत को न्योता देने जैसा है। किसान और महिलाएं तेंदुए के डर से खाैफजदा हैं लेकिन खेती का काम रोकना भी संभव नहीं है।
तेंदुए का शिकार बनी मिथिलेश और ब्रह्मो देवी
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घटना की सूचना पर डीएफओ डॉ. विनय कुमार सिंह, रेंजर, डिप्टी रेंजर समेत वन विभाग की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। बामुश्किल लोगों को समझाकर शांत कराया गया। शाम को मिथलेश देवी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दाैरान बेटी कांता सैनी और स्वाती तथा सिपाही बेटे रोहित कुमार समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।