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UP: 'आर्टिकल, कारीगर और मीडिया', इन कोड वर्ड में बात करते थे गिरोह के सदस्य; धनवर्षा केस में एक और नया खुलासा

Sun, 06 Apr 2025 11:34 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल के धनवर्षा गैंग मामले में एक और नया खुलासा हुआ है। गिरोह के सदस्य अपने गिरोह को कोड भाषा में मीडिया कहते हैं। इसके अलावा सदस्य कोड वर्ड में ही बातें करते थे।
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संभल में तंत्र क्रिया गैंग का भंडाफोड़ - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के संभल जिले की धनारी थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया, जो लड़कियों को धनवर्षा के लालच में फंसा लेता था। यह गैंग लड़कियों और लड़कों का यौन शोषण करता था। गिरोह को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने मथुरा के निजी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को भी शुक्रवार को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पुलिस को कई चौंकाने वाली बातें बताई। आरोपी प्रोफेसर दशरथ सिंह ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। कम समय में अमीर बनने के लालच में वह इस गिरोह से जुड़ गया था। आरोपी के मोबाइल से वीडियो-फोटो और फार्म समेत कई चीजें मिली हैं। फोन में मिले ऐसे वीडियो भी मिले हैं, जिसमें लड़कियां खुद को फीते से नापते हुए दिख रही हैं। 
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संभल में तंत्र क्रिया गैंग का भंडाफोड़ - फोटो : संवाद
कोड भाषा में गिरोह को मीडिया कह कर बुलाते हैं सदस्य
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य अपने गिरोह को कोड भाषा में मीडिया कहते हैं। यह गिरोह तंत्र क्रिया कर घर में नोटों की बारिश होने का झांसा देकर भोले भाले लोगों के साथ ठगी करता है और उनको प्रलोभन देकर उनकी लड़कियों व लड़कों का शोषण करता है। धन वर्षा तांत्रिक क्रिया एक ऐसी तांत्रिक पद्धति है जिसमें किसी दुर्लभ सामान के ऊपर कारीगर या गुरु या डीआर (कोड नेम) के द्वारा किसी विशेष दिनों में पूजा करने से धन की वर्षा होती है।
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संभल में तंत्र क्रिया गैंग का भंडाफोड़ - फोटो : संवाद
एएसपी अनुकृति शर्मा ने बताया कि इस गैंग में तीन पार्टी हैं, पहली पार्टी लड़कियों (आर्टिकल या सामान) को देती है। धनवर्षा के रुपयों में से 30 फीसदी रुपये लड़कियों (आर्टिकल) और उनके परिवार को मिलता था। दूसरी पार्टी का काम लड़कियों को कारीगर से मिलवाने का होता था, इसे मीडिया भी कहते हैं, तीसरी पार्टी का काम अच्छे गुरु की तलाश करना होता था। इसमें गुरु वो लोग होते हैं, जो तंत्र क्रिया का काम करते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तंत्र क्रिया करने वाले गुरु भी डिमांड पर ही आते थे। शुक्रवार को गिरफ्तार मथुरा के प्रोफेसर की आर्टिकल और गुरु से अच्छी खासी पहचान है। 

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संभल में तंत्र क्रिया गैंग का भंडाफोड़ - फोटो : संवाद
गरीब परिवार को निशाना बनाता था गैंग
गिरोह के सदस्य झांसा देते हैं कि तंत्र क्रिया के लिए युवती कुंवारी हो, लंबाई 5 फीट 5 इंच से अधिक, शरीर पर कोई कटे-जले व टैटू गोदना का निशान नहीं, कोई आपरेशन नहीं, किसी जानवर ने काटा नहीं हो। नोटों की बारिश करवाने के लिए एक गुरु या कारीगर (कोड नाम) होता है। जो तंत्र क्रिया करता है। यह लोग गरीब परिवार को निशाना बनाते हैं और उन्हें प्रलोभन देते हैं कि उनकी लड़की विशेष गुण संपन्न है, जिस पर तंत्र क्रिया करने से घर में नोटों की बारिश होगी।
 
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संभल में तंत्र क्रिया गैंग का भंडाफोड़ - फोटो : संवाद
तंत्र क्रिया से पहले लड़की की होती है जांच
तंत्र क्रिया करने से पहले गुरु या कारीगर (कोड नाम) लड़की का वीडियो बनवाता है। उसके हाथ में एक कागज देकर एक फोटो खींची जाती है। इसके अलावा अन्य चीजें भी देखी जाती हैं। इसके बाद गिरोह के सदस्य लड़की को गुरु कारीगर के पास लेकर जाते हैं, जो की एकांत में लड़की पर तंत्र क्रिया का नाटक करता है।

 
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संभल में तंत्र क्रिया गैंग का भंडाफोड़ - फोटो : संवाद
इसमें तांत्रिक लड़की को अचेत करते हुए दैवी शक्ति का भय दिखाकर संबंध बनाते हैं। पुलिस का दावा है कि ऐसे कई प्रमाण इस गिरोह के सदस्यों के मोबाइल से प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार पीड़ित राजपाल की भी यही विशेषता थी कि वह उल्टा पैदा हुआ था और किसी भी जानवर कुत्ते या बंदर के द्वारा काटा नहीं गया था। आरोपी रिंकू और अजय को पांच लाख का प्रलोभन दिया गया था।

 
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संभल में तंत्र क्रिया गैंग का भंडाफोड़ - फोटो : संवाद
लोगों में भ्रम फैला कर अपने जाल में फंसाता है गिरोह
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह किसी भी वस्तु को पूजा के लिए विशेष या दुर्लभ वस्तु बताकर भ्रम फैलाता है। यह दुर्लभ सामान कोई भी वस्तु हो सकती है। जैसे 20 नख का कछुआ, दो मुंह का सांप, विशेष प्रजाति का उल्लू, विशेष सीरियल नंबर के नोट, पुराने सिक्के और नव युवतियां और नवयुवक। गिरोह यह भ्रम फैलाता है कि सबसे ज्यादा नोटों की वर्षा लड़की के ऊपर तंत्र क्रिया करने पर होती है।

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संभल में तंत्र क्रिया गैंग का खुलासा करती पुलिस - फोटो : संवाद
ऐसे हुआ खुलासा
21 मार्च को थाना धनारी क्षेत्र के गांव बमनपुरी के रहने वाले राजपाल ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी मां की कमर में दर्द था। 11 मार्च को वह मां का तंत्र मंत्र से इलाज करवाने के लिए गांव के ही लाखन व रिंकू से मिला था। पुलिस के अनुसार, लाखन गिरोह का सरगना है। इसके बाद लाखन, रिंकू, अजय सिंह व दुर्जन, राजपाल को नरौरा ले गए। जहां वह लोग एटा से संतोष व शिवम के साथ जबरन आगरा में अज्ञात जगह पर ले गए। वहां से जैसे तैसे निकलकर दो दिन बाद राजपाल अपने घर पहुंचा और पुलिस को जानकारी दी। मामले में थाना पुलिस ने बीएनएस की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। 
 

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संभल में तंत्र क्रिया गैंग का खुलासा करती पुलिस - फोटो : संवाद
विवेचना के दौरान जब नामजद रिंकू, अजय, संतोष, दुर्जन आदि से पूछताछ की गई व उनके मोबाइल खंगाले तो पाया गया कि ये सभी अभियुक्त अंतरराज्यीय धनवर्षा ठगी गिरोह के सदस्य हैं। ये तंत्र क्रिया के माध्यम से धन वर्षा (नोटों की बारिश) का झांसा देकर भोले भाले गरीब परिवार की लड़कियों व लड़कों की तस्करी कर यौन शोषण करते हैं और वन्य जीव की तस्करी भी करते हैं। इस मामले में 28 मार्च को पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

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संभल में तंत्र क्रिया गैंग का भंडाफोड़ - फोटो : संवाद
प्रोफेसर भरवाता था फॉर्म
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि गिरफ्तार प्रोफेसर डीएन त्रिपाठी के मोबाइल से कई ऑडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई थीं। जिसमें लड़की को लाकर तांत्रिक द्वारा काम कराने की बात हो रही थी। डीएन त्रिपाठी ने पुलिस को बताया था कि यह बातचीत मथुरा निवासी डीएस सिसोदिया से हो रही थी। विवेचना के क्रम में पुलिस ने मथुरा की शास्त्री नगर कॉलोनी निवासी दशरथ सिंह उर्फ डीएस सिसौदिया को जब पूछताछ के लिए बुलाया गया तो दशरथ सिंह के मोबाइल से भी अन्य अभियुक्तों की तरह कई लड़कियों के वीडियो, फोटो व धनवर्षा गैंग के कोड वर्ड में बातचीत की चैट इत्यादि दिखीं।

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संभल में तंत्र क्रिया गैंग का खुलासा करती पुलिस - फोटो : संवाद
दशरथ सिंह से जब इन सबके बारे में पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह भी धनवर्षा तांत्रिक क्रिया में विश्वास रखता है और वह लगभग तीन वर्ष से इस गिरोह से जुड़ा हुआ है। वह भी यौन शोषण के लिए लड़कियों को सप्लाई करने का कार्य करता था।

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संभल में तंत्र क्रिया गैंग का भंडाफोड़ - फोटो : संवाद
फॉर्म में भरनी होती थी ये डिटेल 
आरोपी प्रोफेसर पांच फीट छह इंच लंबाई वाली लड़कियों की पूरी डिटेल फॉर्म में भरवाता था। फॉर्म में कई तरह की जानकारी और भी भरवाते थे। इसमें लड़की का नाम, पता, आयु, गोत्र, मासिक धर्म की तिथि, लंबाई, वजन, कुंवारी या शादीशुदा, किसी ने आपको छुआ या नहीं, प्राइवेट पार्ट के पास कोई तिल है या नहीं, शरीर पर कोई टैटू है या नहीं, ऐसे सवाल पूछे जाते थे। इसके बाद फॉर्म में डिटेल भरवाने के बाद युवतियों का वीडियो बनाया जाता था, इस वीडियो में वो इंच टेप से अपने शरीर की लंबाई मापती हैं, उसके बाद गिरोह का सदस्य यह डिटेल्स, फोटो-वीडियो अपने गुरु के मैनेजर तक पहुंचाते थे। 
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संभल पुलिस की हिरासत में आरोपी - फोटो : संवाद
धनारी पुलिस ने धन वर्षा यानी नोटों की बारिश के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। ये गिरोह भोले भाले गरीब परिवार की लड़कियों पर तंत्र क्रिया करने के नाम पर शोषण करता है। मानव व विशेष वन्य जीवों की तस्करी करता है। गिरोह के 15 सदस्य गिरफ्तार किए हैं। इनसे तांत्रिक क्रिया का सामान समेत वन्य जीव बरामद किए गए हैं। विधिक कार्रवाई की जा रही है। - कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी संभल

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