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संदिग्ध आतंकी शाहरुख ने 13 वर्ष में घर छोड़ा: जयपुर के मदरसे में पढ़ा, कश्मीर में हथियारों की ट्रेनिंग ली

Fri, 04 Aug 2023 11:38 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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अहमद रजा - फोटो : amar ujala
आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के हत्थे चढ़े संदिग्ध आतंकी अहमद रजा उर्फ शाहरुख ने 13 साल की उम्र में ही गांव छोड़ दिया था। उसने जयपुर स्थित मदरसे में पढ़ाई की। यहीं हाफिज बना और फिर बच्चों को दीनी शिक्षा देने लगा था लेकिन उसके मंसूबे खतरनाक थे। वो भारत में शरिया लागू करना चाहता था। वह सोशल मीडिया के जरिए आतंकी संगठनों से जुड़ गया। उसने हिजबुल के सदस्य फिरदौस और पाकिस्तान के हैंडलर के कहने पर जम्मू कश्मीर के श्रीनगर और अनंतनाग में जाकर हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी।
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UP ATS

संदिग्ध अहमद रजा का परिवार मूंढापांडे के मिलक गुलड़िया गांव में रहता है। परिवार में पिता फिरासत, मां गुड्डो, छह भाई-बहन हैं। बड़ा भाई सद्दाम रामपुर में रहता है जबकि छोटा भाई जुनैद अभी इंटरमीडिएट का छात्र है। दो बहनों की शादी हो चुकी है जबकि छोटी बहन भी अविवाहित है। एटीएस और अन्य एजेंसियों की जांच पड़ताल में सामने आया है कि अहमद रजा 13 साल की उम्र में जयपुर स्थित मदरसे में पढ़ाई करने गया था। कई साल तक उसने इसी मदरसे में पढ़ाई की थी। वह बीच-बीच में वह घर आता था।

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UP ATS

कभी कभी परिवार के लोग उसे मिलने जयपुर जाते थे। इसी बीच वह पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सक्रिय जिहादी संगठनों प्रभावित होने लगा था। अहमद रजा ने एटीएस को पूछताछ में बताया कि वह उनकी जिहादी सोच और कार्रवाई पर बहुत विश्वास करता है। दिन रात उनकी वीडियो देखता था। इसके बाद वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन और पाकिस्तान के हैंडलर से जुड़ गया था।

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धीरे-धीरे अहमद रजा जम्मू कश्मीर के अनंतनाग निवासी फिरदौस के संपर्क में आ गया था। फिरदौस हिजबुल मुजाहिद्दीन पीर पंजाल तंजील का सदस्य है। फिरदौस और पाकिस्तान के हैंडलर के कहने पर उसने दो बार श्रीनगर और अनंतनाग में हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी। अब वह आतंकी कमांडो की ट्रेनिंग लेने के लिए पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान जाने वाला था।
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up police, up inspector - फोटो : फाइल फोटो
इसकी भनक लगने पर यूपी एटीएस उसे दबोचने में जुटी थी। एक माह पहले अहमद रजा अपने गांव आया था। उस वक्त एटीएस के बिछाए जाल से भाग निकला था। दो दिन पहले वह जयपुर से मुरादाबाद आया था। इसके बाद टीम ने उसे करनपुर अड्डे के पास से दबोचा और अपने साथ ले गई थी।
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यूपी पुलिस - फोटो : amar ujala

इंदौर की आसमां से किया प्रेम विवाह, परिजन थे खफा

अहमद रजा पढ़ाई करने जयपुर गया था। पढ़ाई पूरी होने के बाद परिजन उस पर वापस आने के लिए दबाव बनाते थे लेकिन उसने आने से मना कर दिया था। परिवार के लोग चाहते थे कि अहमद रजा यहीं आकर मदरसे में पढ़ाए लेकिन उसने जयपुर में ही मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी आसमां से प्रेम विवाह कर लिया था। उसकी एक साल की बेटी है। इससे खफा परिवार ने अहमद रजा को बेदखल कर दिया था। बावजूद इसके वह पत्नी और बच्ची को लेकर कई बार गांव आया था लेकिन यहां ज्यादा रुकता नहीं था।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

अहमद रजा निकला हिजबुल का आतंकी, गांव वाले हैरान

सीधा सादा दिखने वाला अहमद रजा उर्फ शाहरुख उर्फ मोहिउद्दीन हिजबुल का आतंकी निकला तो गांव वाले भी हैरान रह गए। गांव के लोगों का कहना है कि उन्हें कभी नहीं लगा कि अहमद रजा इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है। यहां आकर भी कभी आतंकी संगठनों की बात नहीं की थी। अहमद रजा की मां गुड्डो का कहना है कि उसका बेटा किसी संगठन से नहीं जुड़ा है। वह ईद पर घर आया था। कुछ दिन रुकने के बाद चला गया था। दो दिन पहले वह घर आ रहा था। करनपुर अड्डे से कुछ लोग पकड़ ले गए थे।
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