मुरादाबाद जिला प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार बूथ संख्या 406 पर पहले शिक्षक रिंकू को तैनात किया गया था। रिंकू ने पारिवारिक समस्या का हवाला दिया तो उन्हें हटाया गया। इस स्थान पर सर्वेश सिंह ने खुद बीएलओ बनने की लिखित इच्छा जताई थी। इसके बाद सर्वेश सिंह को बीएलओ बनाया गया था।
आत्महत्या करने वाले बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) सर्वेश सिंह के घर में सोमवार को लोगों का आना जाना लगा रहा। उनके जाने के बाद बेटियों के सवाल मम्मी और दादी को झकझोर रहे हैं, वह बार बार पूछ रहीं हैं पापा कहां चले गए। कब घर आएंगे।
तीसरे नंबर की बेटी ने किसी के मोबाइल में पिता को रोते हुए देख लिया (वायरल वीडियो में) तो चीखने लगी। उसे रोता देखकर घर के अन्य लोग भी फूट फूट कर रोने लगे। भोजपुर के बहेड़ी ब्रह्मनान निवासी सर्वेश सिंह भगतपुर टांडा ब्लॉक के जाहिदपुर सीकमपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक थे।
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मुरादाबाद में गमगीन पत्नी और बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
सात अक्तूबर को उन्हें बूथ नंबर 406 का बीएलओ बनाया गया था। एसआईआर का कार्य पूरा न होने से परेशान होकर उन्होंने फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली थी। रविवार तड़के चार बजे परिजनों ने उनका शव फंदे पर लटका देखा था।
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आत्महत्या करने वाले बीएलओ सर्वेश सिंह का फाइल फाटो
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को दिनभर बीच बीच में उनके घर अलग-अलग संगठन, अधिकारी और गांव के लोगों का आना जाना लगा रहा है लेकिन जाने के बाद तनिष्क, माही, नाइयू और रूही अपनी मां बबली और दादी सोमवती अपने पिता के बारे में सवाल कर रही हैं।
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बीएलओ सर्वेश सिंह का सुसाइड नोट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह बार बार पूछ रही हैं कि पापा कहां चले गए। कब वापस आएंगे। माही और नाइयू ने पिता के बिना खाना खाने से इन्कार कर दिया। दादी और मम्मी ने बेटियों को समझाकर किसी तरह थोड़ा बहुत भोजन कराया।
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रोते-बिलखते बीएलओ सर्वेश सिंह की मां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो गांव में हर कोई देख देख रहा है। तीसरे नंबर की बेटी नाइयू ने सोमवार को किसी के मोबाइल में अपने पिता को देखा तो वह चीख चीखकर रोने लगी। किसी तरह मम्मी और दादी ने बच्ची को समझाकर शांत कराया है।
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रोते-बिलखते बीएलओ सर्वेश सिंह का परिवार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रशासन ने बीएलओ की पत्नी को दो लाख का चेक सौंपा
बीएलओ सर्वेश सिंह की पत्नी को ठाकुरद्वारा की एसडीएम ने घर जाकर दो लाख रुपये का चेक प्रदान किया। उन्होंने बताया कि मृतक आश्रित कोटे में नौकरी के लिए भी जिला स्तर पर प्रयास चल रहा है।
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रोते-बिलखते बीएलओ सर्वेश सिंह का परिवार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीएम अनुज सिंह के निर्देश पर ठाकुरद्वारा की एसडीएम प्रीति सिंह सोमवार को बीएलओ सर्वेश सिंह के घर पहुंचीं। उन्होंने बीएलओ की पत्नी बबली सिंह को दो लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने बताया कि मृतक आश्रित कोटे में नौकरी के लिए कागजात शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भेजना होगा।
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रोते-बिलखते बीएलओ सर्वेश सिंह का परिवार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीएम ने बताया कि बीएलओ की पत्नी का कागजात मंगाया गया है। इस मामले में नौकरी दिलाने के लिए विभागीय कार्रवाई शीघ्र शुरू की जाएगी। जिला प्रशासन स्तर से बीएलओ के परिवार को मदद दी जाएगी।
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बीएलओ सर्वेश सिंह का सुसाइड नोट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सर्वेश सिंह ने बीएलओ बनने की खुद जताई थी इच्छा
मुरादाबाद जिला प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार बूथ संख्या 406 पर पहले शिक्षक रिंकू को तैनात किया गया था। रिंकू ने पारिवारिक समस्या का हवाला दिया तो उन्हें हटाया गया। इस स्थान पर सर्वेश सिंह ने खुद बीएलओ बनने की लिखित इच्छा जताई थी। इसके बाद सर्वेश सिंह को बीएलओ बनाया गया था।
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बीएलओ सर्वेश सिंह का सुसाइड नोट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फूट-फूटकर रोए छात्र
सोमवार को विद्यार्थी विद्यालय पहुंचे तब उन्हें अपने गुरु सर्वेश सिंह की मृत्यु की जानकारी हुई। इसके बाद तो बच्चे उन्हें याद कर फूट फूट कर रोने लगे। शिक्षक और शिक्षिकाओं की आंखों में भी आंसू छलक आए।
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रोते-बिलखते बीएलओ सर्वेश सिंह का परिवार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भोजपुर क्षेत्र के बहेड़ी ब्रह्मनान निवासी कंपोजिट विद्यालय जाहिदपुर सीकमपुर में सहायक अध्यापक थे। रविवार को अवकाश होने के कारण अधिकांश विद्यार्थियों को पता ही नहीं चला था कि उनके उनके गुरु सर्वेश सिंह की मृत्यु हो चुकी है।
बीएलओ सर्वेश सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोमवार को विद्यालय खुलने पर अन्य अध्यापकों ने बच्चों को जानकारी दी तो कई बच्चे फूट फूट कर रोने लगे। इस दौरान प्रधानाध्यापक मो. तकी, स्वाति वर्मा, प्रणव नारायण पाठक, नीतू पांडे, रिंकल चौधरी, रोमित सिंह और मो. नईम ने भी शोक जताया और बच्चों को शांत कराया।