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Sambhal Violence: सात दिन में न कोई बयान दर्ज न सबूत मिला... 27 मोबाइल से भी नहीं मिला कोई अहम सुराग

Mon, 02 Dec 2024 02:08 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल में 24 नवंबर को हुए बवाल के बाद डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने मजिस्ट्रीयल जांच के लिए डिप्टी कलक्टर मुख्यालय दीपक चौधरी को जांच अधिकारी नामित किया था। संभल एसडीएम व सीओ समेत अन्य अधिकारियों को बुलाया गया था लेकिन वह भी बयान दर्ज कराने के लिए नहीं पहुंचे हैं।
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Sambhal Violence - फोटो : अमर उजाला
संभल में मजिस्ट्रीयल जांच के लिए तय किया गया सात दिन का समय तो पूरा हो गया है लेकिन अभी किसी ने बयान भी दर्ज नहीं कराए हैं। इसलिए मजिस्ट्रीयल जांच प्रभावित है। आम आदमी के साथ अधिकारी भी बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे हैं। अब अधिकारियों के लिए मंगलवार को दिन तय किया है।

24 नवंबर को हुए बवाल के बाद डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने मजिस्ट्रीयल जांच के लिए डिप्टी कलक्टर मुख्यालय दीपक चौधरी को जांच अधिकारी नामित किया था। दीपक चौधरी ने 28 नवंबर को आम लोगों को अपने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय बयान व साक्ष्य उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। जिससे मजिस्ट्रीयल जांच सही क्रम में आगे बढ़ सके लेकिन आम आदमी कोई नहीं पहुंचा। 

इसी तरह 30 नवंबर को संभल एसडीएम व सीओ समेत अन्य अधिकारियों को बुलाया गया था लेकिन वह भी बयान दर्ज कराने के लिए नहीं पहुंचे हैं। इसलिए मजिस्ट्रीयल जाचं तय समय सीमा सात दिन में पूरी नहीं हो सकी। अब मंगलवार को फिर से अधिकारी बयान के लिए बुलाए गए हैं।
 
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संभल में बवाल के बाद खुलने लगे बाजार और तैनात पुलिस - फोटो : संवाद
उपद्रवियों की तलाश में जुटी पुलिस की पांच टीमें
24 नवंबर को चार घंटे तक शहर में बवाल करने वाले बवालियों को तलाशने में पांच टीमें जुटी हैं। साथ ही उत्पात मचाने वालों की वीडियो और फोटो से पहचान की जा रही है। जिनकी पहचान हो चुकी है, उनके पोस्टर जारी कर दिए हैं, लेकिन अभी चस्पा नहीं किए गए हैं। पोस्टर चस्पा करने के लिए प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। उसके बाद ही पोस्टर चस्पा किए जाएंगे।
 
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संभल पहुंची न्यायिक जांच आयोग की टीम - फोटो : संवाद
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि जामा मस्जिद, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में बवाल करने के आरोपियों की वीडियो और फोटो की छानबीन पांच टीम द्वारा की जा रही हैं। 300 उपद्रवियों की पहचान हो चुकी है। बताया कि जितने भी चेहरे वीडियो या फोटो में उपद्रव करते हुए कैद हुए हैं, उन सभी की पहचान करना पुलिस की प्राथमिकता है। बताया कि वीडियो और फोटो से पहचान करने के बाद कार्रवाई करने के दौरान निर्दोष लोग चपेट में नहीं आएंगे। सिर्फ उत्पात मचाने वालों पर ही कार्रवाई हो इसलिए पहले उपद्रवियों के चेहरे बेनकाब किए जा रहे हैं।
 

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संभल में बवाल के बाद खुलने लगे बाजार और तैनात पुलिस - फोटो : संवाद
आरोपियों से बरामद हुए 27 मोबाइल से नहीं मिला कोई अहम सुराग
24 नवंबर को बवाल के बाद तीन महिला समेत 27 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस ने घटनास्थल और आरोपियों के कब्जे से 27 मोबाइल फोन बरामद किए थे। सर्विलांस टीम ने इन मोबाइल की छानबीन की लेकिन कोई अहम सुराग नहीं मिल सका। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि छानबीन में कोई ऐसा सुराग नहीं मिला है जिससे घटना की साजिश का राजफाश हो सके।
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संभल में बवाल के बाद खुलने लगे बाजार और तैनात पुलिस - फोटो : संवाद
कई डीवीआर का खंगाला जा रहा है डाटा
पुलिस ने बवाल के बाद जगह जगह लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को कब्जे में लिया था। इन्हीं डीवीआर के डाटा में कई ऐसे चेहरे कैद हुए हैं जो पुलिस को अन्य किसी वीडियो में नहीं मिले थे। ऐसी कई डीवीआर हैं जिनमें कई चेहरे पहचाने गए हैं और लगातार पुलिस का प्रयास चल रहा है कि ज्यादातर चेहरे पहचान कराए जाएं।
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