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UP: आजम खां के 18 गवाहों पर भारी पड़े नौ गवाह... मजबूत दस्तावेजों का तोड़ न तलाश पाए; 450 पेज में दर्ज फैसला

Wed, 19 Nov 2025 02:58 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

दो पैन कार्ड के मामले का फैसला 450 पेज में आया है। इस फैसले में पूरे केस का विवरण दिया गया है। इसमें बताया गया है कि आखिर किस तरह अब्दुल्ला आजम ने अपने पिता आजम खां के रसूख के जरिए दो पैन कार्ड बनवाए थे। 
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Azam Khan - फोटो : अमर उजाला
दो पैन कार्ड मामले सपा नेता आजम खां की ओर 18 गवाहों को पेश किया गया, लेकिन उनकी गवाही पर दूसरे पक्ष के गवाह भारी पड़ गए। नौ गवाहों की बदौलत सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को एक बार फिर जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा। 

सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में सोमवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट शोभित बंसल ने फैसला सुनाया। 2019 में सिविल लाइंस थाने में दर्ज इस मुकदमे में लगातार सुनवाई हुई।
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आजम खां और बेटे अब्दुल्ला को सजा - फोटो : संवाद
सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आयकर अधिकारी विजय कुमार व मुकदमे के वादी आकाश सक्सेना समेत नौ गवाहों को पेश किया गया, जबकि इस मामले में सपा नेता की ओर से अपने बचाव में कुल 18 गवाह पेश किए गए। अभियोजन ने बताया कि अब्दुल्ला आजम का एक पैन कार्ड 2013 में जबकि दूसरा पैन कार्ड 2015 में जारी किया गया।
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दो पैन कार्ड मामले में सुनवाई - फोटो : संवाद
दोनों में जन्म तिथि का ही फेर है। इस मामले में अभियोजन की ओर से आयकर अधिकारी विजय कुमार की गवाही कराई गई थी, जबकि बचाव पक्ष की ओर से एक सीए की गवाही कराई गई। दोनों की बहस के दौरान सीए ने आयकर अधिकारी की ओर से दी गई दलील को स्वीकार कर लिया। सीए की यह स्वीकारोक्ति अभियोजन के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हुई। 
 

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कोर्ट परिसर के बाहर भीड़ - फोटो : संवाद
वीडियो कैसेट कोर्ट में पेश की
अभियोजन अधिकारी ने बताया कि बचाव पक्ष की ओर से एक फोटोग्राफर को पेश किया गया था। उन्होंने वीडियो कैसेट कोर्ट में पेश की थी। अभियोजन की ओर से की गई बहस में यह बात सामने आई कि जब अब्दुल्ला आजम की यह वीडियो कैसेट जब बनाई गई, तब इस नाम की कंपनी भारत के बाजार में नहीं थी। 
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कोर्ट में पेश होने के लिए जाते आजम खां - फोटो : संवाद
450 पेज में दर्ज है आजम-अब्दुल्ला केस का फैसला
अभियोजन अधिकारी ने बताया कि इस केस का फैसला 450 पेज में आया है। इस फैसले में पूरे केस का विवरण दिया गया है। इसमें बताया गया है कि आखिर किस तरह अब्दुल्ला आजम ने अपने पिता आजम खां के रसूख के जरिए दो पैन कार्ड बनवाए थे। 
 
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कोर्ट में प्रवेश से पहले लोगों की चेकिंग - फोटो : संवाद
मजबूत दस्तावेजों का तोड़ नहीं तलाश पाए आजम खां
सपा नेता आजम खां व अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दर्ज दो पैन कार्ड का मामला मजबूत दस्तावेज के आधार पर पेश किया गया था। यही वजह रही कि तमाम कोशिशों के बाद भी बचाव पक्ष अभियोजन की दलीलों को ठुकरा नहीं सका। मुकदमे की सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी दशा में एक व्यक्ति के दो पैन कार्ड नहीं बन सकते हैं। 
 
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आजम खां और बेटे अब्दुल्ला को सजा सुनाए जाने के दाैरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही - फोटो : संवाद
अगर किसी के पैन कार्ड में कोई तथ्य गलत दर्ज हो गया है तो उसके लिए अलग से आवेदन करके उसे सही कराया जा सकता है। मगर उस दशा में भी पैन कार्ड का नंबर नहीं बदलेगा। वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान आजम खां अपने बेटे अब्दुल्ला आजम को विधायक बनाने की मंशा से उनका दूसरा पैन कार्ड बनवाया था। अभियोजन की ओर से मजबूत दस्तावेज पेश किए गए। 

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आजम खां - फोटो : पीटीआई
यही वजह है कि आजम अब्दुल्ला और उनके पिता आजम खां को दोबारा जेल जाना पड़ा। आजम खां के प्रयास से ही अब्दुल्ला का लखनऊ से दूसरा जन्म प्रमाणपत्र बनाया गया। उस प्रकरण में भी आजम खां और अब्दुल्ला के साथ ही उनकी पत्नी तजीन फात्मा को सात-सात साल की सजा हो चुकी है। 

 

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जेल भेजे गए आजम खां - फोटो : पीटीआई
पैन कार्ड के मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजी साक्ष्य की काट निकालने में आजम खां की ओर से प्रस्तुत किए गए तर्क काम नहीं आए। इससे साफ हो गया कि बेटे को समय से पहले विधायक बनाने की चाह में आजम खां के इशारे पर दूसरा पैन कार्ड तैयार किया गया था।
 

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रामपुर की जिला जेल - फोटो : पीटीआई
किस धारा में कितनी सजा
  • 420 : तीन साल की सजा व दस हजार रुपये जुर्माना।
  • 467 : सात साल की सजा व दस हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा।
  • 468 : तीन साल की सजा व दस हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास। 
  • 471 : दो साल की सजा दस हजार रुपये जुर्माना।
  • 120 बी : दो साल की सजा व दस हजार रुपये का जुर्माना।

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हाथ में दो पैकेट बिस्किट लेकर जेल पहुंचे आजम खां - फोटो : अमर उजाला
बचाव पक्ष ने पेश की यह दलील
  • सपा नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम खां को राजनीतिक रंजिश के आधार पर फंसाया गया है। उनके पास दो पैन कार्ड का आरोप पूरी तरह निराधार है।
  • सपा नेता आजम खां 77 वर्ष के हैं और बीमार भी हैं। उनका इलाज चल रहा है। इसलिए कम से कम सजा दी जाए। 

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अब्दुल्ला आजम से गले मिलते अदीब - फोटो : संवाद
अभियोजन की यह रही दलील
  • अभियोजन पक्ष की ओर से यह दलील दी गई कि सपा नेता आजम खां का आपराधिक इतिहास लंबा है। उनके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। इसलिए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

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रामपुर कोर्ट में पेश होने के लिए पहुंचे आजम खां - फोटो : संवाद
फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में होगी अपील
  • सपा नेता आजम खां के केस से जुड़े अधिवक्ता का कहना है कि फैसले का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है। अध्ययन के बाद इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील की जाएगी। 
नोट : अभियोजन अधिकारी के अनुसार यह सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस सजा में जेल में बिताई गई सजा भी समाहित की जाएगी।

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वकीलों के साथ सपा नेता - फोटो : संवाद
इन मामलों में सुनाई जा चुकी सजा
केस संख्या एक : 27 अक्टूबर 2022  को मिलक कोतवाली में दर्ज भड़काऊ भाषण मामले में  एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी। सजा के फैसले को सेशन कोर्ट ने निरस्त कर दिया था।

 

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आजम खां के घर के बाहर सन्नाटा - फोटो : संवाद
केस संख्या दो : 13 फरवरी 2023 को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट मुरादाबाद ने छजलैट में हाईवे जाम करने के मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दो-दो साल की सजा सुनाई थी। इसमें अब्दुल्ला की विधायकी चली गई थी।
केस संख्या तीन : 15 जुलाई 2023 को भड़काऊ भाषण के एक दूसरे मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने आजम खान को दो साल कैद की सजा सुनाई थी। यह सजा शहजादनगर थाने में दर्ज मुकदमे में हुई थी। इसमें सजा के खिलाफ उनकी अपील सेशन कोर्ट से खारिज हो चुकी है। 
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रामपुर की कोर्ट ने सुनाई सजा - फोटो : अमर उजाला
केस संख्या 4 : दो जन्म प्रमाण पत्र मामले  18 अक्तूबर 2023 में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने आजम खां, उनकी पत्नी पूर्व सांसद डा. तजीन फात्मा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई थी।
केस संख्या 5 : 18 मार्च 2024 को फिर डूंगरपुर प्रकरण के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया, जिसमें आजम खान को सात साल कारावास की सजा सुनाई थी।
केस संख्या छह : 30 मई 2024 को डूंगरपुर प्रकरण के एक अन्य मुकदमे में फैसला आया, जिसमें उन्हें 10 साल के कारावास और 14 लाख रुपये जुर्माने की सजा हुई है। यह अब तक की सबसे बड़ी सजा है।

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