उम्र व अवस्था देखकर आजम खां को कम सजा देते तो न्याय की मंशा के विपरीत होता। कोर्ट ने कहा कि कैबिनेट मंत्री रहते आजम खां ने अब्दुल्ला का दूसरा पैन कार्ड बनवाया था। आजम-अब्दुल्ला के दो पैन कार्ड मामले में कोर्ट ने सवाल उठाए।
सपा नेता आजम खां ने कैबिनेट मंत्री रहते बेटे अब्दुल्ला आजम को कम उम्र में चुनाव लड़ाने के लिए दूसरा पैन कार्ड बनवाया, जबकि उन्हें इस महत्वपूर्ण पद रहते हुए ऐसा नहीं करना चाहिए था। यदि कोर्ट उनकी उम्र व अवस्था को देखते हुए कम सजा देता है तो यह न्याय की मंशा के विपरीत होता। यह विचार एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) शोभित बंसल ने अब्दुल्ला आजम और आजम खां को सजा सुनाते हुए व्यक्त किए।
सोमवार को रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने दो पैन कार्ड मामले में पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम व सपा नेता आजम खां को सात-सात साल की सजा व 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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आजम खां के घर के बाहर सन्नाटा
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शहर विधायक आकाश सक्सेना की ओर से वर्ष 2019 में सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आजम के पुत्र मोह का जिक्र किया है। 415 पृष्ठ में दर्ज फैसले में गवाहों के बयानों से लेकर बचाव पक्ष के 18 गवाहों का जिक्र किया गया। यह भी बताया गया है कि किस तरह सपा नेता ने अपने बेटे को 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ाने के लिए दूसरा पैन कार्ड बनवाया।
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जेल जाते आजम खां
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कोर्ट ने कहा कि आजम खां प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। उनका दायित्व था कि वह अपने बेटे का झूठा नामांकन न कराते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इस परिस्थिति में यदि कोर्ट उनकी उम्र व अवस्था को देखते हुए कम सजा देती है तो यह न्याय की मंशा के विपरीत होगा। यदि उनकी सजा में नरमी बरती जाती है तो जनता के मन में यही ख्याल आएगा कि प्रभावशाली पदों पर बैठे लोगों के अंदर कानून या न्यायिक प्रक्रिया का कोई भय नहीं है।
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आजम खां और बेटे अब्दुल्ला को सजा
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कोर्ट ने कहा कि न्याय का उद्देश्य जनता के समक्ष उदाहरण पेश करना है कि कोई भी व्यक्ति, संस्थान व संगठन आदि गलत कृत्य करने के बाद बच नहीं सकता।
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आजम खां को सजा
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सपा नेता को वृद्ध होने का नहीं मिला अधिकतम कारावास
सपा नेता आजम खां के अधिवक्ताओं की ओर से तर्क दिया गया था कि आजम खां वृद्ध हैं। कोर्ट ने भी इस बात को मानते हुए कहा कि इसलिए अधिकतम सजा दिए जाने का कोई न्यायोचित आधार नहीं है।
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आजम खां
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अदालत ने ये माना
अदालत ने पाया कि अब्दुल्ला आजम खां के पास दो पैन कार्ड थे। पहला (संख्या DFOPK6164K) जन्मतिथि 01-01-1993 के साथ, जो उनके बैंक खाते और आयकर रिटर्न से जुड़ा था। दूसरा (संख्या DWAPK7513R) जन्मतिथि 30-09-1990 के साथ, जिसका इस्तेमाल चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु पूरी दिखाने के लिए किया गया।
अदालत ने माना कि यह एक सोचा-समझा और सुनियोजित षड्यंत्र था। आजम खां, जो उस समय एक कैबिनेट मंत्री थे, ने अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए जाली जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर दूसरा पैन कार्ड बनवाया।
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कोर्ट में पेश होने के दौरान आजम खां
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अदालत ने पाया कि नामांकन पत्र और संलग्न बैंक पासबुक में जानबूझकर पहले पैन कार्ड की संख्या को काटकर दूसरे (जाली) पैन कार्ड की संख्या लिखी गई, ताकि चुनाव लड़ने की योग्यता प्राप्त की जा सके।
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रामपुर कोर्ट परिसर
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अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्य (दस्तावेजी और मौखिक) को विश्वसनीय माना और कहा कि बचाव पक्ष की ओर से इन सबूतों का खंडन करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया।
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आजम खां और बेटे अब्दुल्ला को सजा
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बचाव पक्ष की ओर से उम्र और स्वास्थ्य के आधार पर राहत की गुहार लगाने के बावजूद, अदालत ने कहा कि यह मामला जनता के विश्वास और न्यायिक प्रक्रिया की शुद्धता से जुड़ा है। अदालत ने कहा कि प्रभावशाली लोगों को कानून से ऊपर नहीं समझना चाहिए और उचित सजा देना न्याय की मांग है।
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आजम खां
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दो पैन कार्ड मामले में आजम और अब्दुल्ला को सात साल की कैद
दो पैन कार्ड मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की कैद व 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। आदेश के बाद आजम खां और अब्दुल्ला आजम को जेल भेज दिया गया है।
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आजम खां
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वर्ष 2019 में शहर विधायक आकाश सक्सेना की ओर से सिविल लाइंस थाने में दो पैन कार्ड रखने का मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले में पूर्व मंत्री आजम खां भी आरोपी बनाए गए। सोमवार को मामले में फैसला सुनाया गया। इसके लिए सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम कोर्ट पहुंचे। शहर विधायक आकाश सक्सेना भी कोर्ट पहुंचे।
एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट के जज शोभित बंसल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद यह माना कि अब्दुल्ला आजम ने दो पैन कार्ड बनवाए थे। इससे उन्होंने लाभ भी लिया। कोर्ट ने इस मामले में अब्दुल्ला आजम व उनके पिता आजम खां को दोषी मानते हुए दोनों को सात-सात साल की सजा व 50-50 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। फैसले के बाद सपा नेता आजम खां व अब्दुल्ला आजम को हिरासत में ले लिया गया। करीब तीन घंटे की हिरासत के बाद दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच रामपुर जेल भेज दिया गया।