रामपुर में हुए हादसे के चश्मदीद की-मैन मक्खन सिंह ने बताया कि बच्चे को तो बचा लिया, लेकिन जब महिला का हाथ खींचा तो ट्रेन की चपेट में आने से नहीं बचा सका और तीनों आंखों के सामने कट गए, इसका अफसोस है।
रामपुर में घरेलू विवाद के बाद ट्रैक पर पहुंचे दंपती और छह साल बेटी की गुरुवार को रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। दंपती को ट्रैक पर नोकझोंक करता देख मौके पर पहुंचे की मैन ने उनके नौ साल के बेटे को किसी तरह से बचा लिया। हालांकि दंपती और बेटी को नहीं बचा पाए।
ट्रेन से हुई घटना के दौरान की-मैन का हौंसला देखने वाला था। एक परिवार को मरता देख उसने अपनी जान की परवाह नहीं की और उनको बचाने के लिए दौड़ पड़ा। अस्पताल में घायल की-मैन मक्खन ने बताया कि बच्चे को तो बचा लिया, लेकिन जब महिला का हाथ खींचा तो ट्रेन की चपेट में आने से नहीं बचा सका और तीनों आंखों के सामने कट गए, इसका अफसोस है।
पनवड़िया बस्ती के लोगों का कहना है कि सतपाल दिल्ली में काम करता था और अपने परिवार का पेट पालता था। देर रात वह होली के त्योहार पर घर पहुंचा था। जिसके बाद कुछ कहासुनी हो गई और फिर परिवार में चीखने चिल्लाने की आवाजें आने लगीं।
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ट्रेन की चपेट में आने से पति-पत्नी और बेटी प्रियांशी की मौत के बाद घटना स्थल का मुआयना करते अधिकारी
- फोटो : संवाद
घटना का चश्मदीद की-मैन मक्खन सिंह ने बताई आपबीती
उन लोगों के बीच झगड़ा हो रहा था। इसके बाद देर रात तक घर से शोर आता रहा। वहीं, घटना का चश्मदीद की-मैन मक्खन सिंह बताता है कि परिवार को ट्रैक पर लड़ता देख उसके होश उड़ गए थे। जब ट्रेन के हॉर्न देने पर भी उन लोगों ने नहीं सुना तो फिर वह वहां अपना काम छोड़कर आवाज लगाते हुए भागा और उनको वहां से हटाने का प्रयास किया, लेकिन सतपाल टस से मस नहीं हुआ और उसने परिवार को बांहों में जकड़ लिया।
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ट्रेन की चपेट में आने से पति-पत्नी और बेटी प्रियांशी की मौत के बाद घटना स्थल का मुआयना करते अधिकारी
- फोटो : संवाद
'सतपाल से खींचतान में मेरा कॉलर पकड़ लिया'
इस बीच जब उसने सतपाल से खींचतान की तो उसने उसका कॉलर पकड़ लिया। जिसके बाद वह उसे छुड़ाने में लग गए। ट्रेन करीब आता देख उसने पहले बच्चे का हाथ खींचा और फिर उसने महिला का हाथ खींचा, लेकिन इतने में उसके सिर पर ट्रेन का कोना झटके से लगा और उनका सिर चकराया और वह नीचे गिर गया, जिससे उनकी नाक से खून आने लगा और हाथ में झटका लग गया। उसने जैसे-तैसे बच्चे को बचाया, लेकिन महिला को खींचने से पहले ट्रेन उसको घायल करते हुए निकल गई।
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ट्रेन से कटकर जान गंवाने वाले सतपाल और रिंकी का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
विवाद के बाद ट्रैक पर पहुंचे दंपती और बेटी की ट्रेन से कटकर मौत
पनवड़िया फाटक के पास नई बस्ती के निवासी सतपाल (40) दिल्ली में रहकर सिलाई का काम करता था। होली पर सतपाल बुधवार की रात रामपुर आया था। पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि बृहस्पतिवार दोपहर सतपाल ट्रेन से कटने के लिए ट्रैक पर पहुंच गया। उसके पीछे उसकी पत्नी रिंकी (38) बेटी प्रियांसी (6) और बेटे निर्भय (9) को लेकर ट्रैक पर पहुंच गई। दोनों के बीच ट्रैक पर ही नोकझोंक हो रहा था। यह देखकर रेलवे स्टेशन पर तैनात की मैन मक्खन सिंह उनको ट्रैक से हटाने से पहुंच गया। तभी बरेली से मुरादाबाद की ओर जाने वाली होली स्पेशल ट्रेन आती दिखी।
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ट्रेन की चपेट में आने से पति-पत्नी और बेटी प्रियांशी की मौत के बाद घटना स्थल का मुआयना करते अधिकारी
- फोटो : संवाद
मक्खन सिंह ने सतपाल को हटाने की कोशिश की, लेकिन उसने मक्खन का कॉलर पकड़ लिया। ट्रेन नजदीक आने पर मक्खन सिंह ने निर्भय का हाथ पकड़कर खींच दिया। इतने में ट्रेन आ गई। टक्कर लगने से मक्खन और निर्भय दूर छिटककर जा गिरे,जबकि सतपाल उसकी पत्नी रिंकी और बेटी प्रियांसी उसकी चपेट में आ गए। मौके पर ही तीनों की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। जीआरपी ने सतपाल के भाइयों को इस घटना के बारे में जानकारी दी।
ट्रेन की चपेट में आने से पति-पत्नी और बेटी प्रियांशी की मौत के बाद घटना स्थल पर लोगों की भीड़
- फोटो : संवाद
होली स्पेशल ट्रेन की चपेट में आने से दंपती और बच्ची की मौत हुई है। घरेलू कलह की वजह से पहले सतपाल ट्रैक पर आया और उसके पीछे उसकी पत्नी और बच्चे भी आ गए थे। की मैन ने उनको बचाने की कोशिश की लेकिन वह सिर्फ एक बच्चे को बचाने में कामयाब हो सके।-मुकेश कुमार, प्रभारी निरीक्षक, जीआरपी