नवाब को मिला विक्टोरिया मेडल
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इस पर नवाब कल्बे अली खां खुद मंदिर निर्माण के लिए आधार शिला रखने पहुंचे और सोने की ईंट रखकर मंदिर निर्माण का शिलान्यास करवाया। इस दौरान नवाब कल्बे अली खां ने पंडित दत्तराम से पूछा कि शंख कैसे बजता है, जिस पर उन्होंने शंख बजाया तो नवाब कल्बे अली खां ने कहा कि इसकी आवाज से मेरा ईमान तो गया नहीं, जिस पर मुसलमानों द्वारा किया जा रहा विरोध समाप्त हो गया।