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रामपुर में नवाबों ने बनवाया था पहला शिव मंदिर, विरोध होने पर नवाब कल्बे ने किया था ये काम

Mon, 17 Feb 2020 01:39 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
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नवाब कल्बे अली खां - फोटो : अमर उजाला
रामपुर में रुहेला रियासत में दस नवाबों ने शासन किया। इनमें पहले शासक नवाब फैजुल्ला खां थे तो अंतिम और दसवें शासक नवाब रजा अली खां रहे। रामपुर रियासत के चौथे शासक नवाब अहमद अली खां ने धार्मिक सौहार्द्र की मिसाल कायम की थी। उन्होंने उस समय भमरौआ में स्थित श्री पातालेश्वर महादेव शिव मंदिर के लिए करीब 35 बीघा जमीन दान दी थी। 
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नवाब कल्बे अली ने बनवाया था शिव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
श्री पातालेश्वर शिवालय सेवा ट्रस्ट के सेवादार संदीप अग्रवाल बताते हैं कि भमरौआ में जिस स्थान पर श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर है वहां पर जंगल हुआ करता था। एक दिन यहां पर ज्योर्तिलिंग प्रकट हुआ। जिसे कुछ लोगों द्वारा उसे उखाड़ने की कोशिश की गई और जब कामयाब नहीं हुए तो शिवलिंग को धारदार हथियारों से काटने की कोशिश की गई। 
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नवाब कल्बे अली ने बनवाया था शिव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
इस पर शिवलिंग से पहले दूध और बाद में रक्त बहने लगा। जो कि चर्चा का विषय बन गया। सूचना पर उस वक्त के शासक नवाब अहमद अली खां मौके पर पहुंचे और उन्होंने उस स्थान पर मंदिर निर्माण के लिए करीब 35 बीघा जमीन दान दी।

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शिव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
रामपुर शहर के अंदर स्थित पंडित दत्तराम शिवालय मंदिर का निर्माण रामपुर के सातवें शासक नवाब कल्बे अली खां के कार्यकाल में हुआ। इस मंदिर के निर्माण के बाद इस गली का नाम ही मंदिर वाली गली पड़ गया। प्रसिद्ध इतिहासकार और रियासतकाल के जानकार एडवोकेट शौकत अली खां बताते हैं कि इस शिव मंदिर निर्माण को लेकर कुछ मुसलमानों ने इस आधार पर विरोध किया था कि मंदिर में शंख के उद्घोष किया जाएगा। 
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नवाब को मिला विक्टोरिया मेडल - फोटो : अमर उजाला
इस पर नवाब कल्बे अली खां खुद मंदिर निर्माण के लिए आधार शिला रखने पहुंचे और सोने की ईंट रखकर मंदिर निर्माण का शिलान्यास करवाया। इस दौरान नवाब कल्बे अली खां ने पंडित दत्तराम से पूछा कि शंख कैसे बजता है, जिस पर उन्होंने शंख बजाया तो नवाब कल्बे अली खां ने कहा कि इसकी आवाज से मेरा ईमान तो गया नहीं, जिस पर मुसलमानों द्वारा किया जा रहा विरोध समाप्त हो गया। 
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