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UP: 15 साल बाद दिखा रामगंगा का राैद्र रूप, मुरादाबाद में चलानी पड़ी मेडिकल बोट, गांव- शहर से बाढ़ की तस्वीरें

Sun, 10 Aug 2025 02:27 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में 15 साल बाद रामंगा नदी का राैद्र रूप देखने को मिली। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ, पीएसी और अन्य विभागों को अलर्ट पर रखा है। डीएम अनुज सिंह ने अधिकारियों को देर रात तक स्थिति की निगरानी और फंसे लोगों की मदद के निर्देश दिए हैं।
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मुरादाबाद में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला

मुरादाबाद में बाढ़ की दहशत फैलाने वाली रामगंगा का जलस्तर रविवार से घटने लगा है। करीब तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से रामगंगा का पानी उतरने लगा है। जलस्तर में कमी आने से बाढ़ खंड के अभियंताओं ने राहत की सास ली। शनिवार दिनभर स्थिर रहने के बाद शाम को रामगंगा में पानी बढ़ गया था लेकिन रात में जलस्तर में कमी आने लगी। रामगंगा में पानी बढ़ने के कारण  जिला प्रशासन ने पुलिस, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और विभाग के अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है।

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मुरादाबाद में रेस्क्यू अभियान - फोटो : अमर उजाला

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ और पीएसी की टुकड़ियां अपनी अपनी नावों से गश्त कर रही हैं। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद तहसील की टीमें तत्काल अन्य विभागों से संपर्क कर दवाएं और सुरक्षा के उपाय को कर रही हैं। बाढ़ के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार गंगवार ने बताया कि 2010 में 192.73 मीटर तक बाढ़ रामगंगा में आई थी। उसके बाद लगातार रामगंगा नदी में पानी कम आता था।

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मुरादाबाद में चलने लगी मेडिकल नाव - फोटो : अमर उजाला

15 साल बाद रामगंगा नदी में इस साल 191.460 मीटर तक पानी आया था। शनिवार की सुबह पानी की रफ्तार कम हो गई थी। शाम को रफ्तार बढ़ गई लेकिन रात आठ बजे के बाद पानी तीन सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से घटने लगा है।  देर रात 10 बजे  पानी 191.120 मीटर घट गया था।  

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मुरादाबाद में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
डीएम अनुज सिंह ने बताया कि वह  देर रात तक बाढ़ के अधिकारियों से बात कर  पानी  की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। तहसील से लेकर जिले के अधिकारियों को भी देर रात तक सूचनाओं के सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ में फंसे लोगों की हर संभव मदद करने के लिए अधीनस्थों को हिदायत दी गई है। 
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मुरादाबाद में अलर्ट की जानकारी देता पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
एंबुलेंस बोट बनेगी बाढ़ पीड़ितों के लिए कारगर
एडीएम वित्त एवं राजस्व ममता मालवीय और एसडीएम सदर डॉ. राम मोहन मीणा ने दसवां घाट पर एंबुलेंस बोट का उद्घाटन किया। इस दौरान मौजूद बाढ़ कंट्रोल रूप के प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बोट में गर्भवती और बीमार महिलाओं को रेस्क्यू किया जाएगा। एंबुलेंस में जिला अस्पताल के डॉक्टर मौजूद है। पेट्रोल चालित नाव धारा के सापेक्ष 45 किमी प्रतिघंटा और धारा के विपरीत 25 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी। इस नाव से पानी में घुसकर मेडिकल टीम इलाज कर सकती है।
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मुरादाबाद में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ से सब्जियों की आई शामत
बाढ़ के पानी से खेतों में बोई गई सब्जियां बर्बाद हो गई हैं। सिर्फ गन्ना और धान की फसल ही बाढ़ से पाएगी। यह कहना है कि कृषि विज्ञान के प्रभारी अधिकारी डॉ. रवींद्र कुमार का। उन्होंने बताया कि बाढ़ के पानी से तोरई, लौकी, टमाटर बैगन, उड़द आदि सब्जियां पानी से नष्ट हो जाएंगी। सिर्फ गन्ना और धान की फसल को बाढ़ का पानी प्रभावित नहीं कर पाएगा।
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मुरादाबाद में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
शहर में भी पानी घटने लगा
शहर के हरदासपुर स्थित निर्माणाधीन यूनिवर्सिटी में शनिवार की शाम एक फीट पानी कम हो गया लेकिन काम करना अभी भी मुश्किल हैं। जामा मस्जिद के नजदीक ताजपुर रोड पर भी रात में पानी कम हो गया था।

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मुरादाबाद में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
जमीयत ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा
जमीयत उलेमा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मौलाना अब्दुल जलील खान कासमी के नेतृत्व में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने ताजपुर और वारसी नगर एवं जामा मस्जिद के इलाके में लोगों की परेशानियों को जाना। मौलाना अब्दुल जलील ने कहा कि शहर में जमीयत सक्रिय है और जिला प्रशासन के संपर्क में है। प्रभावित लोगों को भोजन और अस्थाई आवास आदि के इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में मौलाना रहमत अली, मुफ्ती मो. नोमान कासमी, मो. साजिद मंसूरी, मो. लुकमान, अंजर रशीद, मौलाना मोहम्मद, उमर मोहम्मद और मो. आमिर आदि शामिल रहे। 

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मुरादाबाद में बारिश के बाद जलभराव का नजारा - फोटो : अमर उजाला/ संवाद
कांठ-करनपुर मार्ग हल्के वाहनों के लिए खुला
रामगंगा नदी के उफान से चौथे दिन भी कांठ-कांवड़ पथ मार्ग बंद रहा, लेकिन कांठ-करनपुर ठाकुरद्वारा मार्ग पर पानी कम होने से हल्के वाहनों का आवागमन शुरू हो गया।प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए अभी भारी वाहनों (ट्रक, बस, ट्रैक्टर आदि) पर प्रतिबंध जारी रखा है। कुम्हरिया जुबला, गोपालपुर और बहारदपुर खद्दर समेत कई मार्ग अभी भी जलमग्न हैं, जहां कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कांवड़ पथ मार्ग पर रसूलपुर चौहरा के नजदीक रपटा पुल अभी भी बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।

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मुरादाबाद में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
करूला नदी में नहाते समय 10वीं का छात्र डूबा
लाडलाबाद स्थित प्रकटेश्वर शिव मंदिर के पास करूला नदी में नहाते समय हाईस्कूल का  छात्र पानी के तेज बहाव में बह गया। पीएसी की बाढ़ राहत टीम ने छात्र की तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चल सका। खतापुर निवासी बृजपाल सिंह का पुत्र कपिल (16) दिल्ली में अपने मामा के साथ रहता है। वह रक्षाबंधन पर अपने घर आया हुआ था। शनिवार की सुबह उसने अपनी बहन सलोनी से राखी बंधवाई।

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मुरादाबाद में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद दोपहर करीब 12:30 बजे अपने तीन दोस्तों के साथ नदी में नहाने चला गया। मंदिर के पास उसने  पुल से  नदी में छलांग लगाई। इसी दौरान पानी का बहाव तेज होने की वजह से वह बह गया। उसने बचने की कोशिश की, लेकिन गहराई में चला गया।

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मुरादाबाद में जलभराव के बाद का नजारा - फोटो : अमर उजाला
दोस्तों के हो हल्ला की आवाज सुनकर  स्थानीय गोताखोरों ने नदी में छलांग लगाई लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। इस मामले में ग्रामीणों की सूचना पर एसडीएम संत दास पवार और थाना प्रभारी कांठ सुदेशपाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया। 

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मुरादाबाद में जलभराव के बाद का नजारा - फोटो : अमर उजाला
कुंदरकी में बाढ़ के पानी में डूबकर किसान की मौत
गागन नदी के बाढ़ के पानी में डूबने से गांव बांहपुर के किसान दिनेश सैनी (32) की शनिवार दोपहर मौत हो गई। किसान अपने खेत की ओर जा रहा था। इसी समय अचानक बाढ़ के पानी से भरे तालाब में गिर गया। ग्रामीणों की सूचना पर गोताखोरों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद उसका शव बाहर निकाला। शनिवार को किसान अपने खेत पर गया था। इस बीच गागन नदी में आई बाढ़ के कारण उसका खेत पानी में डूब गया था।

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मुरादाबाद में जलभराव के बाद का नजारा - फोटो : अमर उजाला
वह पानी की गहराई का थाह नहीं लगा पाया और अंदर चला गया। गहरे पानी में किसान डूबने लगा। उसकी आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। इसके बाद गांव की कुछ गोताखोर किसान को ढूढ़ने के लिए पानी में उतर गए। एक घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोराें ने दिनेश सैनी को पानी से निकाला। उसकी मौत हो चुकी थी।

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मुरादाबाद में जलभराव के बाद का नजारा - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रक्षाबंधन के त्योहार पर घर के मुखिया की मौत से पूरा परिवार शोक में डूब गया है। किसान की पत्नी संतोष गर्भवती है। उसके पांच बच्चे मौजूद हैं। किसान आठ भाई-बहनों में पांचवें नंबर पर था। 
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मुरादाबाद में बारिश के बाद जलभराव का नजारा - फोटो : अमर उजाला/ संवाद
तैराक होने के बावजूद नहीं बच पाई जान
दिनेश पानी में तैरने की कला  जानता था, लेकिन पानी की अधिक गहराई और तेज बहाव के कारण वह अपनी जान नहीं बचा सका। ग्रामीणों ने बताया कि 10 साल पहले उसके पिता की भी डूबने से मौत हुई थी। दिनेश के पिता दुर्गा प्रसाद गागन नदी में डूब गए थे।  यह घटना परिवार के लिए दूसरा झटका था।
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