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राष्ट्रीय बालिका दिवस: बेटी है वरदान रैली में उमड़ आया मुरादाबाद, देखें तस्वीरें

Fri, 25 Jan 2019 04:49 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
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राष्ट्रीय बालिका दिवस पर अमर उजाला के अभियान में शामिल छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद के रेलवे स्टेडियम में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर अमर उजाला के अभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के अंतर्गत गुरुवार महारैली ‘बेटी है वरदान’ का आयोजन किया गया। शहर के 30 से ज्यादा विद्यालयों-महाविद्यालयों ने अपने-अपने विद्यालयों से रैली निकाली। रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ करीब 13 हजार से अधिक लोगों ने बालिका सुरक्षा की शपथ ली, साथ ही महिलाओं के सम्मान को अक्षुण्ण रखने के लिए सदैव प्रयासरत रहने का प्रण दोहराया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आईजी रमित शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर विनोद अग्रवाल ने की। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए बेटियों की समस्याओं और महत्व के बारे में बताया। सीओ एनसीसी कर्नल अनिल ढिल्लन, डीआईजी जे. रविंदर गौड, एसपी सिटी अंकित मित्तल, एसपी यातायात सतीश चंद्र, एएसपी अपर्णा गुप्ता, बेटी बचाओ की संयोजिका प्रिया अग्रवाल, कैप्टन डॉ. मीनू मेहरोत्रा, डॉ. मधुबाला त्यागी, डॉ. वीएस यादव, डॉ. अनामिका गुप्ता, प्रेम सिंह, 24 यूपी बॉयज बटालियन एनसीसी के त्रिवेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमर द्विवेदी ने बच्चों को प्रोत्साहित किया। संचालन संजीव आकांक्षी ने किया।

टीएमयू, आईएफटीएम, एमआईटी, चित्रगुप्त इंटर कॉलेज, एसएस इंटर कॉलेज, मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज, आरएन इंटर कॉलेज, महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज, बलदेव कन्या इंटर कॉलेज, जीजी हिंदू इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, केसीएम स्कूल, पीएमएस स्कूल, सेंटमेरी स्कूल, बोनी ऐनी स्कूल, एसएस चिल्ड्रेन एकेडमी, विल्सोनिया स्कूल, हिंदू मॉडल स्कूल, पारकर इंटर कॉलेज, साहू रमेश कुमार इंटर कॉलेज, जेआर अग्रवाल कन्या इंटर कॉलेज, टाइनी टॉट्स स्कूल, वीएबी लोधी इंटर कॉलेज, केके पब्लिक स्कूल, नोलेज गेन स्कूल, नोसगे स्कूल, सेंट मीराज अकादमी, रामचंद्र शर्मा कन्या इंटर कॉलेज, गांधी नगर पब्लिक स्कूल, चिल्ड्रन फ्यूचर एकेडमी, विकसित इंटर कॉलेज, ग्रीन फील्ड स्कूल आदि ने सहभागिता की।
 
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राष्ट्रीय बालिका दिवस पर नृत्य करती छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम में मंच पर प्रस्तुति देने के लिए बच्चों में होड़ लग गई। रामचंद्र कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने बालिका उत्पीड़न विषय पर समूह नृत्य प्रस्तुत किया। आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने समूह नृत्य, नुक्कड़ नाटक, छात्रा प्रदक्षिणा और संस्कृति ने सुरीली आवाज में गीत सुनाया। नोलेज गेन की छात्राओं ने ओरी चिरैया पर नृत्य किया। हिंदू मॉडल की छात्रा खुशी कक्कड़ ने इंडिया वाले, सेंट मीराज की छात्राओं ने जागा हिंदुस्तान गीत पर समूह नृत्य किया। नोसगे की छात्रा गुरलीन ने अपने भाषण में बेटियों पर हो रहे अत्याचार पर विचार व्यक्त किए। महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज की छात्राओं ने समूह गान के अलावा जन्नत ने कविता सुनाई। केके पब्लिक स्कूल की खुशी और इशिका ने बेटियां गीत पर नृत्य किया। मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने समूह गान प्रस्तुत किया। टाइनी टॉट्स की कुलसुम ने कविता सुनाई। सेंट मीराज की छात्रा अंशिका, गौरी और साक्षी ने सुनो गौर से दुनिया वालो गीत पर नृत्य किया।

 
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राष्ट्रीय बालिका दिवस नुक्कड़ नाटक करते छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला अपने नैतिक दायित्व का बखूबी निर्वहन कर रहा है। अपराजिता अभियान इस समय की आवश्यकता है। बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी अच्छाई और बुराई में भेद करने की सोच विकसित करने का प्रयास सराहनीय है। 
- विनोद अग्रवाल, मेयर।

 

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राष्ट्रीय बालिका दिवस पर शामिल हुए कई अतिथि - फोटो : अमर उजाला
समाज में बदलाव लाने की शुरुआत अपने घर से करनी होगी। यदि हम खुद को सुधार लेंगे तो समाज खुद ब खुद सुधर जाएगा। अब बेटियां हर क्षेत्र में अपना नाम कर रही हैं। हमें बेटियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने का माध्यम बनना चाहिए।
- रमित शर्मा, आईजी

अपराजिता अभियान से सकारात्मक बदलाव आएगा। महिलाओं के मजबूत होने के लिए हर बेटी का शिक्षित होना जरूरी है। जिससे वह आने वाली पीढ़ियों को सुशिक्षित कर अच्छे भविष्य और राष्ट्र के निर्माण में सहायक साबित होगी। 
- जे. रविंदर गौड, डीआईजी

 
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राष्ट्रीय बालिका दिवस पर अमर उजाला के अभियान बच्चे - फोटो : अमर उजाला
बालिकाओं के छोटे-छोटे कदमों को बड़े-बड़े सपने साकार करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। सौहार्दपूर्ण समाज बनाने में जरूरी है कि बालक अपने साथ पढ़ने वाली बालिकाओं को और पुरुष महिला सहकर्मी को सुरक्षित वातावरण महसूस करवाएं। 
- अपर्णा गुप्ता, एएसपी

बदलाव को हमें स्वीकारना चाहिए। अब सेना में भी बेटियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वह हर वो काम बहादुरी से कर रही हैं, जिसे उनके लिए मुश्किल माना जाता था। जोखिमों से लड़ने के लिए वह आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठा रही हैं। 
- अनिल ढिल्लन, सीओ एनसीसी
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