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UP: मुरादाबाद में बीते 329 दिन बवाल और हिंसा का खतरा, महज 37 दिन ही रहा अमर-चैन,छोटे-बड़े 125 से जुलूस निकले

Fri, 30 May 2025 05:31 PM IST
विमल शर्मा मो. सलाम खां, अमर उजाला मुरादाबाद

सार

पीतल नगरी मुरादाबाद में 28 मई 2024 से 28 मई 2025 के बीच छह बार धारा 144 लागू की गई। शहर में साल के 329 दिन बवाल या हिंसा की आशंका बनी रही। हालांकि इस दौरान कोई बड़ी घटना नहीं हुई। त्योहारों, जुलूसों और रैलियों के कारण मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में तनाव की संभावना को देखते हुए प्रशासन एहतियातन धारा 144 लागू करता रहा। 
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मुरादाबाद में गश्त करते पुलिसकर्मी - फोटो : पुलिस

देश दुनिया में पीतल की चमक बिखेरने वाले जिगर के शहर मुरादाबाद में साल के 329 दिन बवाल और हिंसा का खतरा रहा। यही वजह है कि 28 मई 2024 से 28 मई 2025 तक शहर में छह बार धारा 144 लागू की गई। साल में सिर्फ 37 दिन ही बवाल की आशंका नहीं रही। हालांकि, पिछले एक साल में शहर में बवाल जैसी कोई बड़ी घटना नहीं हुई।

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मुरादाबाद पुलिस (file) - फोटो : पुलिस एक्स
मुरादाबाद में विभिन्न अवसरों पर छोटे-बड़े 125 से ज्यादा जुलूस निकाले जाते हैं। इसमें त्योहारों और जयंतियों पर निकाले जाने वाले संस्थाओं के जुलूस शामिल हैं। इसके अलावा राजनीतिक दलों की रैलियां और संस्थाओं के स्थापना दिवस पर कुछ जुलूस निकाले जाते हैं। यह जुलूस मिश्रित आबादी के बीच से गुजरते हैं। पूर्व में कई जुलूसों केे समय छोटी-बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं।
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मुरादाबाद में गश्त करती पुलिस - फोटो : पुलिस
ऐसे में इन घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन अलर्ट रहता है। त्योहारों और जुलूसों के दाैरान शहर में अमन चैन बनाए रखने के लिए प्रशासन समय-समय पर धारा 144 लागू करता है। 28 मई 2024 से 28 मई 2025 के बीच छह बार ऐसे माैके आए, जब शहर में धारा 144 लागू की गई।

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गश्त करती मुरादाबाद पुलिस - फोटो : संवाद
इनकी अवधि 48 से 59 दिन रही। साल के 366 दिनों में सिर्फ 37 दिन ही ऐसे रहे, जब शहर में किसी हिंसा या बवाल का खतरा नहीं रहा। यह 37 दिन बिना धारा 144 के गुजरे। फिलहाल बकरीद को देखते हुए शहर में सात जून तक धारा 144 लागू की गई है।
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गश्त करती मुरादाबाद पुलिस - फोटो : पुलिस
28 मई 2024 से 28 मई 2025 तक कब-कब लगी धारा 144
  • 28 मई 2024 से 21 जुलाई 2024 (55 दिन)
  • 01 अगस्त 2024 से 26 सितंबर 2024 (57 दिन)
  • 30 सितंबर 2024 से 27 नवंबर 2024 (59 दिन)
  • 16 दिसंबर 2024 से 9 फरवरी 2025 (56 दिन)
  • 13 फरवरी 2025 से 7 अप्रैल 2025 (54 दिन)
  • 11 अप्रैल 2025 से 28 मई 2025 (48 दिन)
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मुरादाबाद में गश्त करती पुलिस - फोटो : पुलिस
त्योहारों, जुलूसों, धरना-प्रदर्शन को देखते हुए बीच-बीच में धारा 144 लागू की जाती है। इसका मकसद शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना होता है। - कुमार रणविजय सिंह, एसपी सिटी
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कांठ में गश्त करती पुलिस - फोटो : पुलिस
यह हैं शहर के प्रमुख जुलूस
होली पर शोभा यात्राएं, रामनवमी का जुलूस, गणेश उत्सव, दुर्गा मूर्तियों/प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस, ईद मिलादुन्नबी और मोहर्रम के जुलूस, महावीर जयंती, आंबेडकर जयंती, वाल्मीकि जयंती, परशुराम जयंती, चित्रगुप्त जयंती पर प्रमुख जुलूस निकाले जाते हैं।

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मुरादाबाद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
कब लागू की जाती है धारा 144
  • किसी भी ऐसी जगह पर जहां दो समुदायों में आपस में हिंसा होने की संभावना हो।
  • विरोध प्रदर्शन व रैलियों के कारण होने वाली भीड़ को रोकने के लिए।
  • किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं या आपात स्थिति के मामले में बचाव कार्य के बीच में रुकावट बनने वाले लोगों व प्रदर्शन करने वालों को रोकने के लिए।
  • चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के लड़ाई-झगड़े को रोकने के लिए।
  • संक्रमण वाली किसी भी महामारी के दौरान की जाने वाली रैलियों व लोगों के समूहों में घूमने से रोकने के लिए।
  • किसी सरकारी नौकरी की परीक्षा के दौरान होने वाली किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए।

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कांठ में गश्त करती पुलिस - फोटो : पुलिस
दो महीने के लिए लागू की जा सकती है धारा 144
सीआरपीसी की धारा 144 दो महीने तक लागू की जा सकती है। इसके बाद भी अगर किसी क्षेत्र के हालात ठीक नहीं होते हैं तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। यदि किसी क्षेत्र में स्थिति जल्द से जल्द सामान्य हो जाती है तो कुछ ही दिनों में ही इसे हटा दिया जाता है।

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मुरादाबाद पुलिस - फोटो : पुलिस
कभी-कभी तो इसे केवल 2 या 3 दिन के लिए ही लगाया जाता है और हालात सामान्य होने पर हटा लिया जाता है। धारा 144 लगने के बाद जरूरत पड़ने पर इंटरनेट सेवाओं को भी बंद किया जा सकता है। इलाके में हथियार ले जाने पर भी पाबंदी होती है।
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ठाकुरद्वारा पुलिस - फोटो : पुलिस
उल्लंघन करने पर अधिकतम तीन साल की सजा
धारा 144 का उल्लंघन करने पर पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है। यदि बार-बार कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो उसे धारा 144 के उल्लंघन में सजा के तौर पर एक से तीन साल तक कारावास की सजा भी हो सकती है।
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