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कोसी का कहर: मुरादाबाद जिले के कई गांव बाढ़ से जलमग्न, बाधित हो गया आवागमन, जरूरी सामान नहीं पहुंच रहा

Tue, 17 Sep 2024 07:31 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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मुरादाबाद के गांवों में जलभराव - फोटो : अमर उजाला

कोसी नदी में आई बाढ़ का पानी मूंढापांडे-रनियाठेर पुलिया के करीब चार फीट बह रहा है। इससे गदईखेड़ा, हरपाल नगर का तीसरे दिन भी आवागमन बाधित रहा। करीब 10 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। इन गांवों के लोगों को जरूरी सामान भी नहीं मिल पा रहा है।

एडीएम वित्त एवं राजस्व सत्यम मिश्र ने रनियाठेर का निरीक्षण कर लोगों की समस्याएं सुनीं, लेकिन अधिक पानी होने के कारण गदईखेड़ा और  हरपाल नगर नहीं जा सके। भीतखेड़ा स्थित बिजलीघर में बाढ़ का पानी घुस जाने से तीसरे दिन भी आपूर्ति बाधित रही।

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मुरादाबाद के गांवों में जलभराव - फोटो : अमर उजाला
इस बारे में एसडीओ रामनारायण राठौर ने बताया कि ट्रांसफार्मर के नीचे से पानी हट जाने के बाद अभी बिजली सप्लाई नहीं शुरू हो सकी है। मंगलवार को टेस्टिंग के बाद विद्युत आपूर्ति शुरू होगी। अभी भी दस गांवों के किसानों की फसलें डूबी हुई हैं। आवागमन, चारा, बिजली की समस्या को लेकर गांव के लोग जूझ रहे हैं।
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मुरादाबाद के गांवों में जलभराव - फोटो : अमर उजाला

कोसी नदी पर बांध बनाने की मांग

जैतपुर विसाहट के जोगराज सिंह, हरपाल नगर के सर्वेश कुमार सिंह, हीरापुर के दुर्गपालसिंह, जगरंपुरा के पूर्व प्रधान देवेंद्र सिंह रनियाठेर के प्रधान विजय लक्ष्मी, अभिनाश ठाकुर का कहना है कोसी नदी पर रामपुर क्षेत्र में बांध बनाया गया है।

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मुरादाबाद के गांवों में जलभराव - फोटो : अमर उजाला
इस कारण पानी तेज बहाव के साथ मूंढापांडे क्षेत्र में आ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मूंढापांडे क्षेत्र में कोसी नदी पर बांध बनाने की मांग की है। बांध बनने से हर साल बाढ़ की तबाही से ग्रामीण बच सकेंगे।
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मुरादाबाद के गांवों में जलभराव - फोटो : अमर उजाला

अब ढहने लगे मकान 

बाढ़ के पानी से गल चुके कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। पानी के बहाव के चलते रनियाठेर निवासी राजेश और कुशलपाल का कच्चा मकान गिर गया। इसके अलावा मित्रपाल, राजपाल, दिनेश, गीता की दीवारें गिर गई हैं। भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष अविनाश ठाकुर ने बताया कि धान की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।

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मुरादाबाद के गांवों में जलभराव - फोटो : अमर उजाला
पानी उतरने के बाद धान खराब हो गए हैं। पशुओं के चारे की किल्लत है। उधर, ब्लाॅक प्रमुख डाॅ. नवदीप यादव ने हरपाल नगर, रनियाठेर, जैतपुर विसाहट, मिलक विसाहट रजोड़ा कन्नरदेव, हीरापुर में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं।

इस दौरान लोगों ने बताया कि धान की फसल चौपट हो गई है। तेज धूप के बावजूद कई घर गिर गए हैं। ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख से मुआवजा दिलाने की मांग की।
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मुरादाबाद के गांवों में जलभराव - फोटो : अमर उजाला

खतरे के निशान से सिर्फ 40 सेमी. दूर रामगंगा

रामनगर बैराज और कालागढ़ डैम से पानी छोड़े जाने से कोसी और रामगंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। सोमवार को रामगंगा का कटघर पुल के पास जलस्तर 190.20 मीटर पहुंच गया है, यहां नदी खतरे के निशान से सिर्फ 40 सेमी नीचे बह रही है।

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मुरादाबाद के गांवों में जलभराव - फोटो : अमर उजाला
अगर जलस्तर और बढ़ा तो शहरी इलाकों में भी बाढ़ का पानी घुसने लगेगा। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के अनुसार कालागढ़ में रामगंगा नदी खतरे के निशान से दूर है। कालागढ़ में खतरे का निशान 365.30 मीटर पर है। सोमवार को वहां जलस्तर 356.63 मीटर रिकाॅर्ड किया गया है।
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मुरादाबाद के गांवों में जलभराव - फोटो : अमर उजाला
इसी प्रकार कटघर रेलवे पुल पर रामगंगा नदी के खतरे का निशान 190.60 मीटर पर है। यहां रामगंगा खतरे के निशान से महज 60 सेमी नीचे बह रही है। वहीं गांगन नदी का जलस्तर 190.05 मीटर पर पहुंच गया है। इस नदी का खतरे का निशान 192.28 मीटर है। कोसी का जलस्तर बढ़ने के कारण मूंढापांडे क्षेत्र के 10 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। 
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