कांठ में लगाया गया पिंजरा
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जबकि पहले से ही क्षेत्र के गांव सलेमपुर, फजलाबाद, दरियापुर, राजीपुर खद्दर, मल्लीवाला, अकबरपुर चैदरी, गढ़ी, सिकंरादबाद, गोपालपुर, बहादरपुर खद्दर, फत्तेहपुर विश्नोई, मुख्त्यारपुर नवादा, नसीरपुर, हरिनूरपुर, डेहरा, मल्हपुर खैईया, नजराना, मुंडाला, फलैदा, वैरमपुर, चंगेरी समेत 40 गांवों के ग्रामीण भयभीत हैं। किसान खेतों पर जरूरी काम करने के लिए जाने से भी कतराते हैं, तो वहीं बच्चों को भी अकेले घरों से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।