मुरादाबाद के मझोला के बुद्धि विहार में शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डीपी यादव उर्फ धर्मपाल यादव (62) ने पत्नी के लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण डिप्रेशन बताया जा रहा है। सपा ने लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें पद से हटा कर उनके साले जयवीर सिंह यादव को जिला अध्यक्ष बना दिया था।
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डीपी यादव पत्नी सविता यादव, बेटे अंकित यादव और बेटी अंजली के साथ बुद्धि विहार स्थित आवास में रहते थे। शुक्रवार को डीपी यादव परिवार के साथ हरिद्वार गए थे। शाम को ही हरिद्वार से लौटे थे।
शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे परिवार के लोग पहली मंजिल पर अपने-अपने कमरे में थे, तभी बेटी अंजली ने नौकर मलखान से कहा कि पापा दिखाई नहीं दे रहे हैं। नौकर ने देखा कि मुख्य गेट अंदर से बंद है। नौकर उनको खोजते हुए ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचा। उसने देखा कि स्टोर रूम का दरवाजा अंदर से बंद है।
नौकर के शोर मचाने पर पत्नी, बेटा, बेटी नीचे आ गए। उन्होंने धक्का मारकर स्टोर रूम का दरवाजा खोलकर देखा तो फर्श पर डीपी यादव का शव पड़ा था। शव के पास ही पिस्टल पड़ी थी। डीपी यादव की सांसें थम चुकी थीं। घटना की जानकारी होने पर आस पड़ोस के लोग पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी।
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DP Yadav Suicide
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एसएसपी हेमराज मीना, एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार और सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर मौके पर पहुंच गए और मौका मुआयना किया। परिवार से पूछताछ की। फॉरेंसिक टीम ने मौके से नमूने लिए हैं। पुलिस ने पिस्टल को कब्जे में लिया है। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि परिवार से पूछताछ में पता चला है कि डीपी यादव तीन माह से डिप्रेशन में थे। पुलिस टीमें हर एंगल पर जांच पड़ताल कर रही है।
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चुनाव में जमा करा दिए थे दो हथियार, पिस्टल रखी थी घर
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि डीपी यादव के घर में तीन लाइसेंसी हथियार हैं। एक पिस्टल और एक रायफल डीपी यादव के नाम पर हैं, जबकि एक पिस्टल पत्नी के नाम पर है। पत्नी की पिस्टल घर में रखी थी, जबकि डीपी यादव ने अपने दोनों हथियार लोकसभा चुनाव में थाने में जमा करा दिए थे।
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भेजे में फंसी मिली बुलेट
पुलिस ने शनिवार दोपहर डीपी यादव के शव का पोस्टमार्टम किया गया। बुलेट की एंट्री और एग्जिट प्वाइंट देखने के लिए शव का एक्स रे भी कराया गया। पोस्टमार्टम के दौरान डिजिटल फोटो व वीडियोग्राफी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक डीपी यादव ने दाहिनी कनपटी पर 32 बोर की पिस्टल सटाकर गोली मारी थी। गोली भेजे के अंदर फंसी मिली।
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डीपी यादव के नाम से बन गई चौराहे की पहचान
बुद्धि विहार में जिस चौराहे पर डीपी यादव का मकान है। उस चौराहे की पहचान अब डीपी यादव के नाम से बन चुकी है। बुद्धि विहार में रहने वाले लोग बताते हैं कि चौराहे के आसपास सबसे पहले बसने वाले लोगों में डीपी यादव भी थे। चौराहे के आसपास डीपी यादव के मकान के अलावा अन्य कोई मकान नहीं था। लोग किसी को इस चौराहे के आसपास बुलाते थे तो डीपी यादव चौराहे बताकर ही बुलाते थे।
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दिल्ली से चल रहा था इलाज
पुलिस को पूछताछ में परिवार ने बताया कि डीपी यादव तीन माह से डिप्रेशन में थे। दिल्ली में डॉक्टर से उनका इलाज चल रहा था। किसी भी बात को लेकर वह परेशान होने लगते थे। परिवार के लोग उन्हें शुक्रवार को हरिद्वार भी लेकर गए थे।
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बेटा वकील है और बेटी मल्टीनेशनल कंपनी में करती है जॉब
डीपी यादव की एक बेटी अंजली और एक बेटा अंकित यादव है। बेटा वकील है और वह सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करता है। जबकि बेटी नोएडा में रहकर मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती है। डीपी यादव का परिवार बेटे की शादी की तैयारियां कर रहा है। बताया जा रहा है कि बेटे का रिश्ता तय हो चुका है और अगले माह रिंग सेरेमनी होनी थी।
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सितंबर में तय थी बेटे अंकित की शादी
सपा नेता के पड़ोसी भाजपा नेता वीर सिंह ने बताया कि डीपी यादव काफी मिलनसार थे। समाजवादी पार्टी के पक्के सिपाही थे। 15 दिन पहले वह मेरे घर आए थे। दोनों ने एक साथ चाय भी पी। उन्होंने बताया कि बहुत तनाव रहता है। दिल्ली से इलाज चल रहा है। दवा खाने से कुछ आराम मिलता है। बताया था कि उन्होंने बेटे अंकित की शादी जयपुर में तय कर दी है। करीब 15 दिन पहले गोदभराई का कार्यक्रम हुआ था।
सितंबर माह में होने की तिथि तय की गई थी। डीपी यादव के बेटे अंकित सिंह यादव हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। बेटे की शादी करने से पहले डीपी यादव दुनिया से चले गए। इसका सभी को काफी दुख महसूस हो रहा है। स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण इधर बीच में उनकी भागदौड़ भी कम हो गई थी। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष पद से हटने के बाद भी वह पार्टी के लिए चिंतित रहते थे।