संभल जिले में मुस्तफ़ा क़ादरी मस्जिद को गिराए जाने के दौरान उसके अंदर "आई लव मुहम्मद" स्लोगन वाले 49 पोस्टर और "पाकिस्तानी झंडे जैसा" दिखने वाला एक झंडा मिलने के बाद आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।पुलिस ने आपत्तिजनक मानते हुए कार्रवाई की है।
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संभल में अवैध तरीके से बनाई गई मस्जिद को तोड़ा गया
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
यूपी के संभल के नखासा थाना पुलिस ने गांव कसेरुआ में शनिवार को सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद मुस्तफा कादरी के ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान मिले आई लव मोहम्मद लिखे पोस्टर और झंडे के मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने मस्जिद के मुतवल्ली जाकिर समेत इसी गांव के आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शनिवार को सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी इस दो मंजिला मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई थी। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही थी। रविवार को नखासा थाने के उप निरीक्षक अरुण कुमार की ओर से दर्ज कराई गई इस रिपोर्ट के मुताबिक, अरुण कुमार मय हमराह कांस्टेबल शुभम कुमार, अजय कुमार, राजन पंवार, विनय बर्मन के साथ गांव कसेरुआ में अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की ड्यूटी में गए थे।
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संभल की कसेरुआ में अवैध अतिक्रमण को तोड़ा गया
- फोटो : संवाद
इसमें कोई व्यक्ति न हो, इस बात को मुतमईन करने के लिए भवन के अंदर गए और निरीक्षण किया। मस्जिद की सबसे ऊपरी मंजिल में बने मुख्य हॉल में रखे तख्त पर गद्दे के नीचे 49 पोस्टर मिले, जिन पर आई लव मोहम्मद प्रिंट हुआ है। हरे रंग का एक झंडा भी मिला, जो पाकिस्तानी झंडा प्रतीत हो रहा है।
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कसेरुआ में भारी पुलिसबल तैनात
- फोटो : संवाद
इसे कब्जे में लिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में मुतवल्ली जाकिर, तसलीम, जाकिर हुसैन, भूरे अली, शरफुद्दीन, दिल शरीफ, मोहब्बत अली, नन्हें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई
- फोटो : संवाद
गैर जमानती अपराध, तीन वर्ष कारावास या जुर्माना, दोनों भी संभव
कानून के जानकार वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता बीएनएस, 2023 की धारा 353 (2) के तहत वह कारावास से जो तीन वर्ष तक का हो सकेगा या जुर्माने से या फिर दोनों से दंडित किया जा सकता है। यह गैर जमानती अपराध है।
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अवैध अतिक्रमण के खिलाफ संभल में चला अभियान
- फोटो : संवाद
कसेरुआ में 70 फीसदी ध्वस्त हो चुकी है मस्जिद
संभल। गांव कसेरुआ में मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रविवार को भी चली। बुलडोजर और क्रेन के माध्यम से कार्रवाई होती रही। प्रशासन के मुताबिक, करीब 70 फीसदी मस्जिद का निर्माण ध्वस्त हो गया है। एक-दो दिन में निर्माण को पूरी तरह से ढहाकर जमीन अतिक्रमण से मुक्त करा दी जाएगी।
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मस्जिद से बरामद पोस्टर
- फोटो : संवाद
दरअसल, गांव में राजस्व अभिलेखों के अनुसार, गाटा संख्या 409 कब्रिस्तान की जमीन है। इसी जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया गया। शिकायत के आधार पर प्रशासन ने सुनवाई की। इसके बाद कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया।
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संभल के कसेरुआ गांव में तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद
तहसीलदार ने बताया कि सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी कोई दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाई। इसके चलते कार्रवाई की गई। शनिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई, जो रविवार को पूरे दिन जारी रही।
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अवैध तरीके से बनी मस्जिद को जेसीबी से तोड़ा गया
- फोटो : संवाद
करीब 70 फीसदी निर्माण ध्वस्त हो गया है। एक दो-दिन में निर्माण पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगा और जमीन कब्जा मुक्त करा दी जाएगी। वहीं, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने जायजा लिया। फोर्स भी तैनात रही। ट्रैक्टर-ट्राली और डंपरों से मलबा हटवाया गया।
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सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क
- फोटो : बर्क ट्वविटर
डरकर नहीं बैठें, बल्कि उच्च न्यायालय जाएं, मिलेगा इंसाफ : सपा सांसद
गांव कसेरुआ में मस्जिद को हटाने की कार्रवाई के दूसरे रविवार को सपा के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने प्रेस कांफ्रेंस की। पत्रकारों को बताया कि करीब 150 वर्षों से यह मस्जिद है, इस तरह के कुछ प्रमाण हैं। वक्फ बोर्ड में 1984 में यह दर्ज है। वक्फ ट्रिव्यूलन बोर्ड में यह प्रकरण चल भी रहा है।
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कसेरुआ में गश्त करती पुलिस
- फोटो : संवाद
बावजूद इसके सुनवाई कर ली गई है, जबकि अधिकार ही नही हैं। बर्क ने कहा कि सांसद होने के नाते कानूनी दायरे में रहकर अपने लोगों की लड़ाई मैं लडूंगा। धार्मिक स्थलों से कोई खिलवाड़ नहीं करने देंगे। गलत काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट जाऊंगा।
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कार्रवाई के दाैरान पुलिस बल
- फोटो : संवाद
सांसद ने लोगों से भी आह्वान किया कि डरकर नहीं बैठे, जागरूक बनें। गलत आवाज के खिलाफ उच्च न्यायालय जाएं। कई बार बाद में उच्च न्यायालयों से इंसाफ मिलता है। सांसद ने मस्जिद में हर झंडा मिलने पर हुई कार्रवाई को लेकर हुए सवाल के जवाब में कहा कि हमारा मजहबी झंडा हरे रंग का होता है।
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संभल में कार्रवाई के दाैरान प्रशासनिक अधिकारी
- फोटो : संवाद
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर इसका उपयोग होता है। दूसरे देशों में जहां भी मुसलमान रह रहे हैं, वहां भी इसका प्रयोग में लाया जाता है। इसे बांग्लादेश, या पाकिस्तान का झंडा कहना गलत है।
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संभल में अवैध तरीके से बनाई गई मस्जिद को तोड़ा गया
- फोटो : संवाद
अधिकारियों को पता है कि वह गलत कर रहे हैं, इसलिए डायवर्ट करना चाहते हैं लेकिन कामयाबी नहीं मिलेगी। ताकत के बल पर यदि गलत कार्रवाई करेंगे, तो आने वाले समय में खामियाजा भुगतना पड़ेगा। देश में बढ़ती महंगाई पर सांसद ने कहा कि महंगाई के दौरान सरकार को टैक्स सस्पेंड कर देने चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिले।
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मस्जिद को तोड़ा गया
- फोटो : संवाद
असंवैधानिक तरीके से की बुलडोजर कार्रवाई : सपा विधायक
असमोली विधानसभा क्षेत्र की विधायक पिंकी यादव ने गांव कसेरुआ में मस्जिद हटाने की कार्रवाई को असंवैधानिक करार दिया है। विधायक ने एक्स पर लिखा कि सरकार के इशारे पर प्रशासन ने असंवैधानिक तरीके से मस्जिद पर बुलडोजर की कार्रवाई की है, जो पूर्णतया गलत है।
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संभल में अवैध तरीके से बनाई गई मस्जिद
- फोटो : संवाद
प्रकरण की जानकारी के लिए प्रशासन के अधिकारियों को फोन किए लेकिन बात नहीं की गई। स्टेनो ने फोन रिसीव किया। आगे लिखा कि भाजपा ने बुलडोजर को अपनी गैरकानूनी ताकत दिखाने का प्रतीक बना लिया है।
मुसलमान, अन्य अल्पसंख्यक पिछड़े और दलित इनके निशाने पर हैं। पूर्व में राया बुजुर्ग, मुबारकपुर बंद और ऐंचोड़ा कंबोह में भी गलत कार्रवाई प्रशासन कर चुका है। हम इस तरह की कार्रवाई की निंदा करते हैं।