मुरादाबाद के चर्चित ध्रुव अपहरण मामले का हैरतअंगेज खुलासा हुआ है। पांच साल के मासूम ध्रुव का उसी की मां शिखा ने अपने प्रेमी से अपहरण कराया था। पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए शिखा, उसके प्रेमी अशफाक और कार चालक इमरान खान को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से अपहरण में इस्तेमाल की गई कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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ध्रुव और मां शिखा
- फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने मंगलवार दोपहर अपहरण कांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ध्रुव की मां शिखा की तेलंगाना राज्य के जिला निजामाबाद के जलालपुर गांव निवासी मो. अशफाक से दो साल पहले फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। दोनों पहले फेसबुक पर ही चैटिंग करते थे। इसके बाद दोनों ने एक दूसरे के मोबाइल नंबर पर बातचीत शुरू कर दी। आरोपियों ने कबूला है कि वह मुरादाबाद, मेरठ और रामनगर में मुलाकात कर चुके हैं।
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मामले का खुलासा करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
अपहरण की साजिश मां शिखा ने सीरियल क्राइम पेट्रोल देखकर प्रेमी के साथ रची थी। आरोपियों की योजना थी कि फिरौती की रकम लेकर शिखा प्रेमी के पास आएगी और वह कार में बैठकर तेलंगाना चले जाएंगे, जबकि ध्रुव को कपूर कंपनी पुल के पास छोड़ दिया जाएगा। आरोपियों ने पुलिस को यह भी बताया कि फिरौती की रकम से तेलंगाना में जिम खोलने की योजना बना चुके थे।
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आरोपियों को पकड़कर ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी मो. अशफाक इलेक्ट्रिशियन है। ट्रांसफार्मर ठीक करने का कार्य करता है। उसने चालक इमरान खान निवासी साटापुर थाना रंजल जनपद निजामाबाद तेलंगाना से 40 हजार रुपये में गाड़ी बुक की थी। इस गाड़ी से मुरादाबाद आया था।
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आरोपी प्रेमी अशफाक
- फोटो : अमर उजाला
मझोला थानाक्षेत्र के लाइन पार रामलीला मैदान के पास रहने वाले श्रीराम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी गौरव कुमार के पांच साल के बेटे ध्रुव को सात अगस्त की दोपहर करीब एक बजे अगवा कर लिया गया था। उसी दिन शाम साढ़े चार बजे गौरव से अपहरण करने वालों ने इंटरनेट कॉल के जरिये 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। अगले दिन आठ अगस्त 2020 की सुबह साढ़े सात बजे ध्रुव गाजियाबाद के कौशांबी में रोडवेज की बस में बैठा मिला था, जिसे पुलिस मुरादाबाद लेकर आई थी।
मां ने ही कार तक पहुंचाया था ध्रुव को
एसएसपी ने बताया कि अपहरण वाले दिन मां ने ही ध्रुव को तैयार किया और उसे नए कपड़े पहनाकर कार तक पहुंचाया था। ध्रुव से कहा था कि वह अंकल को परेशान न करे। मैं भी आ जाऊंगी। हम बाहर घूमने चल रहे हैं। इसके बाद मो. अशफाक कार से बच्चे को ले गया था।