संभल के ग्राम खेड़ा मानी में खौराज सिंह और उसकी सात माह की गर्भवती पत्नी ने कमरे में एक ही साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने खिड़की से झांककर दोनों को छत की सरिया से लटका देखा। पुलिस जांच में सामने आया कि पहले पत्नी और फिर पति ने फंदा लगाया था। युवक के शराब पीने को लेकर पति-पत्नी में विवाद की बात भी सामने आई है।
संभल के जुनावई थाना क्षेत्र के गांव में युवक खौराज सिंह यादव (24) व उसकी सात माह की गर्भवती पत्नी सरोज देवी (22) ने कमरे में बंद होकर एक ही साड़ी के दोनों सिरों से गले में फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। हालांकि दंपती ने जान क्यों दी इसके बारे में परिवार के लोग कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। महिला के मायके वालों द्वारा पोस्टमार्टम से इन्कार करने पर दोनों शवों का परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार कर दिया गया।
थाना क्षेत्र के ग्राम खेड़ा मानी निवासी खौराज सिंह यादव (24) की शादी तीन वर्ष पहले इसी थाना क्षेत्र के ग्राम भिरावटी की सरोज देवी (22) के साथ हुई थी। खौराज कभी दिल्ली तो कभी गांव में ही मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। पति-पत्नी सहित दोनों घर पर रहते थे, जबकि मां कटोरी देवी एवं बड़ा भाई राजेंद्र सिंह घेर पर रहते थे। देर शाम पति-पत्नी अंदर से कमरे की कुंडी लगाकर सो गए।
विज्ञापन
2 of 11
घटना के बाद गमगीन परिजन
- फोटो : संवाद
खौराज का बड़ा भाई राजेंद्र पड़ोसी गांव देवरा भूड़ में दावत खाकर रात में करीब दो बजे घर लौटा तो खौराज के कमरे के पास ही चारपाई डालकर सो गया। भोर में लगभग चार बजे कटोरी देवी पशुओं को चारा डालने के लिए बेटे खौराज को जगाने के लिए घेर से घर पहुंचीं और आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
विज्ञापन
3 of 11
जुनावई में घटना के बाद गमगीन परिजन
- फोटो : संवाद
जब उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो कमरे में बेटा और बहू के गले में साड़ी का फंदा लगा था और दोनों के शव छत में लगी सरिया के सहारे झूल रहे थे। चीख पुकार पर गांव के लोग भी आ गए और किवाड़ तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन किवाड़ नहीं टूटे। इसके बाद दीवार तोड़कर दोनों के शव फंदे से नीचे उतारे गए।
4 of 11
जान गंवाने वाली सरोज
- फोटो : संवाद
सूचना पर सरोज के मायके वाले और थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की, लेकिन परिवार वालों ने पीएम कराने से इन्कार कर दिया। इसके बाद दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि सरोज देवी सात माह की गर्भवती थी।
विज्ञापन
5 of 11
जुनावई में दंपती की माैत
- फोटो : संवाद
थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान ने बताया खेड़ा मानी गांव में खौराज सिंह एवं उसकी पत्नी सरोज ने फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। परिवार के लोग नहीं चाहते थे कि पोस्टमार्टम कराया जाए। इस पर पुलिस ने कुछ लोगों के बयान दर्ज करने के बाद शवों के अंतिम संस्कार की अनुमति दे दी।
विज्ञापन
6 of 11
जुनावई में सरोज ने की आत्महत्या
- फोटो : संवाद
आर्थिक तंगी और शराब की लत बनी तीन मौतों का कारण
मात्र दो तीन बीघा जमीन, मजदूरी मिलना अनिश्चित, पत्नी के साथ ही मां और मानसिक रूप से कमजोर भाई के भरण पोषण की जिम्मेदारी, ऐसे में घोर आर्थिक तंगी के बाद भी शराब की लत ने एक झटके में परिवार को तहस नहस कर दिया।
विज्ञापन
7 of 11
खौराज सिंह
- फोटो : संवाद
थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान ने बताया गर्भवती पत्नी के साथ फंदे पर लटक कर जान देने वाले ग्राम खेड़ा मानी के खौराज सिंह के पास दो-तीन बीघा ही जमीन थी, जिसमें परिवार पालना आसान नहीं था। वह दिल्ली जाकर मजदूरी करता और जो कुछ रुपये बचते उनसे परिवार को पाल रहा था। गांव आ जाता तो आसपास के गांवों में जाकर मजदूरी कर लेता, लेकिन यह जरूरी नहीं था कि उसे रोज मजदूरी मिल जाए। इसके बाद भी वह शराब का लती था। कुछ लोगों से उधार लेकर भी वह शराब पीता था। आर्थिक संकट से जूझती पत्नी से इसी को लेकर कलह रहती थी।
8 of 11
जुनावई में दंपती की माैत
- फोटो : संवाद
गांव के लोगों का कहना है कि खौराज ही घर में अकेला कमाने वाला था, लेकिन शराब की लत लगी होने के कारण वह अक्सर मजदूरी में मिलने वाले रुपयों की भी शराब पी जाता था। आर्थिक तंगी के चलते पैसों को लेकर अक्सर पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। लोगों का मानना है कि इन्हीं कारणों से पति-पत्नी ने आत्महत्या कर ली। इसमें सरोज के गर्भ में पल रहे सात माह के बच्चे की भी मौत हो गई। थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि शराब के कारण अक्सर दोनों के बीच होने वाला विवाद ही संभवत: आत्महत्या का कारण बना है।
9 of 11
घटना की जानकारी देते परिजन
- फोटो : संवाद
तीन भाइयों में सबसे छोटे खौराज सिंह की ही हुई थी शादी
पत्नी के साथ फंदे पर झूलकर जान देने वाला खौराज सिंह पांच भाई बहनों में सबसे छोटा था। दो बहनों की पहले ही शादी हो चुकी है। छह वर्ष पहले बड़े भाई पप्पू की दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके एक वर्ष बाद ही पिता ने पुत्र वियोग में दम तोड़ दिया था। दूसरा बड़ा भाई राजेंद्र मानसिक रूप से कमजोर है। उसकी भी शादी नहीं हुई तीनों भाइयों में खौराज की ही तीन वर्ष पहले भिरावटी की सरोज देवी के साथ हुई थी। पत्नी के साथ खुद भी मौत को गले लगाने वाले खौराज के परिवार में अब उसकी मां कटोरी देवी एवं बड़ा भाई राजेंद्र सिंह ही बचे हैं। दंपती व गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि परिवार के लोग आत्महत्या के बारे में कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं।
10 of 11
जांच में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
घटना को लेकर लगाए जा रहे कई तरह के कयास
खेड़ा मानी गांव में दंपती द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में गांव वाले तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि पहले महिला ने गले में फंदा डालकर आत्महत्या की होगी, फिर खुद फंसने के डर से उसके पति खौराज सिंह ने आत्महत्या क ली। अहम बात यह है कि एक ही साड़ी के दोनों छोरों को पति-पत्नी ने गले में बांधकर जान दी थी। सोचनीय यह भी है कि छत में पड़े सरिया में आखिर महिला ने साड़ी कैसे डाली होगी। कुछ लोग दबी जुबान यह भी कह रहे हैं कि पहले पत्नी को फंदे पर लटकाया होगा और बाद में खुद गले में साड़ी का फंदा लगाकर लटक गया होगा।
संभल के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई।
- फोटो : अमर उजाला।
युवक शराबी था, इसको लेकर अक्सर उसकी पत्नी से विवाद होता था। मौके पर पहुंची पुलिस की जांच में प्रकाश में आया है कि पहले महिला ने साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या की और इसके बाद उसके पति खौराज सिंह ने फंदे पर झूलकर जान दे दी। परिवार के लोगों के इनकार करने पर शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।-कृष्ण कुमार विश्नाेई, एसपी संभल