क्रिकेट की पारी समाप्त कर राजनीति की पारी शुरू करते समय चेतन चौहान ने एक सवाल पर कहा था कि वह राजनीति में शुचिता स्थापित करना चाहता हूं। सियासी सक्रियता के दौरान 1991 में अमरोहा लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार बनने के बाद हर कस्बे में दौरा किया था।
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चेतन चौहान (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान जब वह मंडी धनौरा पहुंचे तो उनसे राजनीति में आने के उद्देश्य पर सवाल किया गया था। जवाब में उन्होंने कहा था कि वह स्वस्थ और साफ सुथरी राजनीति करना चाहते हैं। चुनाव जीतने के बाद नगर में आयोजित एक सम्मान समारोह में उन्होंने कहा था कि वह सलामी बल्लेबाज रहे हैं और अब सियासी पारी की ओपनिंग करते हुए छक्का मारा है।
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चौहन के चित्र के साथ फैक्टरी के शोकाकुल कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
छक्के से उनका आशय अपनी अमरोहा लोकसभा सीट के साथ पांचों विधानसभा सीट पर भाजपा की जीत से था। वह दौर राम मंदिर लहर का था। उस समय अमरोहा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत हसनपुर, गंगेश्वरी, अमरोहा, धामपुर व स्योहारा विधानसभा क्षेत्र आते थे।
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चेतन चौहान
- फोटो : पीटीआई
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री व पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज चेतन चौहान का रविवार को 73 साल की उम्र में निधन हो गया। यूपी के मंत्री चेतन चौहान का निधन दिल का दौरा पड़ने से हो गया।कोरोना से संक्रमित चौहान गुरूग्राम में मेदांता अस्पताल में भर्ती थे। चौहान पिछले महीने कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया है और वह गुरूग्राम के अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे।
11 जुलाई को हुआ था कोरोना
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री चौहान को 11 जुलाई को कोरोना जांच में पॉजिटिव पाए जाने के बाद लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 15 जुलाई को उन्हें लखनऊ के पीजीआई से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया था। शनिवार को तबीयत ज्यादा खराब होने पर वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया था। यूपी के दूसरे मंत्री की कोरोना की वजह से मौत हुई है। इससे पहले कमल रानी वरुण की भी कोरोना की वजह से मौत हुई थी। अमरोहा जिले की नौगांवा विधानसभा के विधायक चेतन चौहान ने पिछले महीने 21 जुलाई को अपना 73वां जन्मदिन मनाया था।