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डॉक्टर और बेटी की मौत: एयर बैग खुले पर तेज टक्कर से टूट गईं कार की सीटें, इंजन तक बाहर निकला; हादसे की कहानी

Wed, 27 May 2026 02:10 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

यूपी के संभल जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर गलत लेन में घुसी कार मर्सिडीज से भिड़ गई। हादसे में डॉक्टर और उसकी बेटी की मौत हो गई। जबकि छह घायल हो गए। कार दिशा सूचक बोर्ड न होने से गलत लेन में पहुंच गई। जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया।
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sambhal road accident - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

यूपी के संभल के सौंधन इलाके में गंगा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह करीब आठ बजे दिल्ली के डॉक्टर की कार की सामने से आ रही मर्सिडीज से सीधी भिड़ंत हो गई। पुलिस के अनुसार कार गलत लेन में चली गई थी, जिसकी वजह से यह हादसा हो गया। 

इस हादसे में चंदौसी के चंदोई में निजी अस्पताल चलाने वाले दिल्ली निवासी डॉक्टर अरविंद कुमार (52) और उनकी बेटी यामिनी (30) की जान चली गई। डॉक्टर के अन्य परिजनों समेत दूसरी कार में सवार छह लोग घायल हो गए। 

पुलिस ने बताया कि चंदौसी से दिल्ली जा रहे डॉक्टर की कार एक्सप्रेसवे की गलत लेन में दाखिल हो गई थी। दूसरी ओर सहारनपुर से लखनऊ जा रही मर्सिडीज 140 किमी की रफ्तार पर थी। अचानक विपरीत दिशा की कार से सामना होने के कारण मर्सिडीज चालक अपनी गाड़ी रोक नहीं सका और हादसा हो गया। एक्सप्रेसवे पर दिशा सूचक बोर्ड न होना डॉक्टर की कार के गलत लेन में पहुंचने का कारण बताया जा रहा है।

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संभल में एक्सप्रेसवे में हादसे के बाद जमा लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संभल के कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव अझरा के निकट हुए इस हादसे के घायलों में डॉक्टर की पत्नी मोना,  दूसरी बेटी प्रिया और डेढ़ साल की नातिन प्रियदर्शनी शामिल हैं।  मर्सिडीज कार में सहारनपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर विनोद शर्मा, शिवम शर्मा, अमिश शर्मा सवार थे। ये सभी घायल हुए हैं। इस कार के एयर बैग खुलने से उनकी जान की हिफाजत हो गई। पुलिस ने बताया कि मर्सिडीज कार शिवम शर्मा चला रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया है कि हादसे के समय उनकी कार की रफ्तार 140 किमी प्रति घंटे के आसपास थी। सभी घायलों का उपचार कराया जा रहा है। घायल कार चालक शिवम पुलिस की हिरासत में उपचाराधीन हैं।
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घायलों का अस्पताल में किया गया उपचार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक्सप्रेसवे के गोल चक्कर पर दिशा सूचक बोर्ड न होने से चकराते हैं चालक
हादसे में जान गंवाने वाले डॉक्टर अरविंद के रिश्तेदारों ने बताया कि चंदौसी दिशा से आने वाले वाहनों के एक्सप्रेसवे पर पहुंचने के लिए लहरावन में एप्रोच रोड है। यहीं से उनकी कार एक्सप्रेसवे पर पहुंची थी। लहरावन से करीब सात किलोमीटर आगे एक्सप्रेसवे पर गोल चक्कर है। इस इंटरचेंज से गाड़ियां अपने आगे के सफर के हिसाब से लेन तय करती हैं। इस स्थान पर दिशा सूचक बोर्ड (रोड साइन) न होने से दिल्ली जा रहे अरविंद उस लेन में जा पहुंचे, जिससे लखनऊ-प्रयागराज दिशा के वाहन जा रहे थे। यही वजह रही कि उनकी कार सहारनपुर से लखनऊ जा रही मर्सिडीज से टकरा गई। पुलिस ने घायल मर्सिडीज चालक के हवाले से बताया कि आमना-सामना होने पर दोनों ही चालकों ने बचाव में स्टीयरिंग बाईं ओर काटा, जिससे बचाव की गुंजाइश ही खत्म हो गई।

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एक्सप्रेसवे में हुए हादसे में जख्मी महिला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एयर बैग खुले पर तेज टक्कर से टूट गईं कार की सीटें
गंगा एक्सप्रेसवे पर 120 से ज्यादा रफ्तार पर चालान का प्रावधान है लेकिन गांव अझरा के ग्रामीणों के अनुसार हादसे की आवाज गांव तक पहुंची। इसके बाद ही गांव निवासी सतीश और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। जब करीब पहुंचे तो डॉक्टर की पोलो कार का इंजन अलग पड़ा था। कार के एयर बैग तो खुले लेकिन टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पोलो कार की सीट ही टूट गईं। मर्सिडीज के एयर बैग खुल हुए थे और कार में लोग फंसे थे। इसके बाद ही पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों कार में सवार लोगों को बाहर निकालना शुरू किया।
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हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मौके पर पहुंचे दरोगा ने बताया कि पोलो और मर्सिडीज कार के एयर बैग खुले मिले हैं। पोलो कार के एयर बैग तो खुले लेकिन टक्कर इतनी जोरदार थी कि आगे की दोनों सीट ही टूट गईं इससे ही आगे सीट पर बैठे डॉक्टर और उनकी बेटी की जान चली गई। पोलो का इंजन भी टूटकर अलग हो गया। वहीं, मर्सिडीज कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ लेकिन लग्जरी कार होने के चलते अगला ही हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ लेकिन उसमें सवार तीनों लोगों को मामूली चोट लगी है।
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संभल एक्सप्रेसवे में हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एआरटीओ हादसे की जांच के लिए पहुंचे, माना तेज रफ्तार थी कोई एक कार : हादसे की सूचना के बाद एआरटीओ अमिताभ चतुर्वेदी जांच के लिए मौके पर पहुंचे। दोनों कार को देखकर उन्होंने ने माना कि हादसे के समय कोई एक कार तेज रफ्तार में थी। इससे इतना भीषण हादसा हुआ कि सीटें टूट गईं। एआरटीओ ने माना कि गलत दिशा से आ रही पोलो कार की रफ्तार ज्यादा नहीं होगी लेकिन सही दिशा में दौड़ रही मर्सिडीज की रफ्तार काफी तेज होने का अनुमान है। इसकी रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
28 दिन में चार लोगों की जान गई, 58 लोग हुए घायल
गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को हुआ है। इस दिन से ही वाहन दौड़ रहे हैं। 16 अप्रैल तक ट्रायल अवधि में वाहन चले लेकिन 17 अप्रैल से टोल लिया जा रहा है। इस अवधि में हुए हादसे में चार लोगों की जान जा चुकी है और 58 लोग घायल हुए हैं। इसमें मंगलवार का हादसा भी शामिल है। वहीं, लोकार्पण से पहले अवैध तरीके से वाहनों का संचालन किया गया। इसमें भी 10 लोगों की जान गई थी। एक हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों ने जान गंवा दी थी। इसके बाद भी न एक्सप्रेसवे के जिम्मेदार चेते और न जिला प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया है।

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हादसे में कार के परखच्चे उड़े - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लोकार्पण हुए महीना नहीं बीता गंगा एक्सप्रेसवे के कैमरे खराब
मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को किया गया है। अभी महीना भी नहीं गुजरा है और एक्सप्रेसवे के निगरानी कैमरे खराब हो गए हैं। इससे राहगीरों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गए हैँ। सुनसान जगह से गुजर रहे इस एक्सप्रेसवे पर जब निगरानी के लिए लगे कैमरे ही खराब हैं तो यात्रा सुरक्षित कैसे होगी। इसी तरह की चूक का शिकार दिल्ली निवासी पिता-पुत्री हो गए। इसी परिवार के तीन लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

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हादसे का शिकार मर्सडीज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों का कहना है कि हर पांच किलोमीटर पर एक कट बनाया गया है। रास्ते में पेट्रोल या डीजल खत्म होने पर 14449 पर फोन करने पर तुरंत मदद मिलती है। तीन एंबुलेंस और तीन गाड़ियां सूचना पर पहुंचकर पीड़ितों की सहायता करती हैं। हर 45 किलोमीटर पर एक विश्राम क्षेत्र है।  मेरठ की तरफ आने पर 74 नंबर का विश्राम क्षेत्र अमरोहा जनपद के हसनपुर तहसील में आता है।

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संभल एक्सप्रेसवे में हादसे में जख्मी बच्ची - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब सवाल उठता है कि जब पांच किलोमीटर पर कट बना है तो पोलो कार सवार डॉक्टर को सही दिशा में जाने का रास्ता क्यों नहीं मिला। यदि कैमरों से देखकर मदद की होती तो दो लोगों की जान बच सकती थीं। जबकि कार की रफ्तार 120 किलोमीटर तय है। इससे भी ज्यादा रफ्तार से लोग कार दौड़ा रहे हैं। इसके बाद भी निगरानी कैमरों को तत्काल सही नहीं कराया गया।

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हादसे में क्षतिग्रस्त कारें - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लहरावन इंटरचेंज पर नहीं लगे सही संकेतक इसलिए भ्रमित हो रहे वाहन चालक
संभल जिले में दो इंटरचेंज बनाए गए हैं। इसमें पहला है लहरावन और दूसरा है खिरनी। लहरावन से ज्यादातर लोग एंट्री करते हैं। लेकिन गोल चक्कर पर घूमते रहते हैं। जरा सी चूक से मेरठ की ओर से आने वाले वाहनों की लेन में प्रवेश कर जाते हैं और फिर गलत दिशा में चलते रहते हैं। कट नहीं मिलने से यह दिक्कत होती है। संकेतक सही दिशा के अनुसार लग जाएं तो वाहन चालकों को सहूलियत मिलेगी लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। जिला प्रशासन ने भी सुधार के निर्देश 10 दिन पहले दिए थे लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है।

 

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जांच करते पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक कार गलत दिशा में जाते हुए सामने से आई कार से टकराई है। इसमें दो की मौत हो गई है। अन्य लोग घायल हैं जिनका उपचार कराया जा रहा है। कैलादेवी थाने में तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल
 
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संभल एक्सप्रेसवे में हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कैमरे बंद पड़े हैं। मरम्मत के लिए संबंधित कंपनी को शिकायत दर्ज करा दी है। उनको तत्काल सही कराया जाएगा। जिससे एक्सप्रेसवे की निगरानी की जा सके। -पुनीत शर्मा, सेक्शन प्रभारी, खिरनी इंटरचेंज
 
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