अभी चार साल पहले की बात है, तत्कालीन सीओ सिटी आले हसन की रामपुर में तूती बोला करती थी। उस वक्त उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस सिविल लाइंस कोतवाली के वह कई बार कोतवाल रहे हैं, उसी की हवालात में उनको रात काटनी पड़ेगी। सोमवार की पूरी रात हवालात में आले हसन बेचैन रहे।
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जिस थाने के थे कोतवाल उसी की हवालात में हुए बंद
- फोटो : अमर उजाला
रात के वक्त कोतवाली की मेस में बनी दाल-रोटी उनको दी गई। उन्होंने थोड़ा बहुत खाया और थाली सरका दी। रात के वक्त ठीक से सोए भी नहीं। पूर्व सीओ आले हसन खां सांसद आजम खां के करीबी हैं। नजदीकियां इतनी अधिक थीं कि जब-जब सपा की सरकार बनी तो उनकी तैनाती रामपुर में रही। वहां सिविल लाइंस थाने के कोतवाल रहे।
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पूर्व सीओ आले हसन गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
फिर उनका प्रमोशन हो गया, जिसके बाद सीओ बन गए। सीओ बनने के बाद भी आले हसन खां रामपुर में ही रहे और सीओ सिटी के रूप में कार्य किया। आजम खां के करीबी होने की वजह से बड़े से बड़ा अधिकारी भी उनसे कुछ नहीं कह पाता था। वह भले ही सीओ सिटी थे, लेकिन रहते सिविल लाइंस थाने के आवास में ही थे।
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पुलिस की गिरफ्त में पूर्व सीओ
- फोटो : अमर उजाला
सरकार बदलने के बाद उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए थे। कई मुकदमों में उनको जमानत मिल गई थी। सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज जमीन पर कब्जा कराने के मुकदमे में कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। लगातार गैर हाजिर रहने पर एसपी ने उनपर 25 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया था।
आले हसन सोमवार की सुबह लगभग 11 बजे कोर्ट में सरेंडर करने जा रहे थे। पुलिस ने कलक्ट्रेट परिसर के अंदर उनको गिरफ्तार कर लिया था। रात में वो सिविल लाइंस कोतवाली की हवालात में रहे। हवालात में उनकी पहली रात काफी मुश्किल से कटी। वह रातभर बेचैन रहे। रात में खाना भी थोड़ा बहुत ही खाया। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर बिजेन्द्र सिंह ने बताया कि बताया कि उन्होंने मेस में बनी दाल रोटी ही खाई थी।