अमरोहा जिले में हुए सड़क हादसे में चार डाॅक्टरों की जान चली गई। इससे उनके परिजनों में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर चारों डाॅक्टरों के दोस्त भी उन्हें याद कर फफकते रहे।
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अमरोहा में हुए सड़क हादसे में चार डॉक्टरों की जान चली गई
- फोटो : संवाद
यूपी के अमरोहा जिले में दिल्ली हाईवे पर बुधवार देर रात रजबपुर थानाक्षेत्र में हुए हादसे ने चार घरों के चिराग बुझा दिए। हादसे में जान गंवाने वाले श्री वेंक्टेश्वरा यूनिवर्सिटी के चारों डॉक्टर हाई प्रोफाइल परिवार से ताल्लुक रखते थे। चारों अपने-अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। होनहार बेटों की मौत की खबर मिलते ही चारों के परिवारों में कोहराम मच गया। चारों अच्छे दोस्त थे।
पुलिस से हादसे की जानकारी मिलते ही सभी ने अमरोहा का रुख कर लिया। दिल्ली के रहने वाले आयुष शर्मा के परिजन रात में ही अमरोहा पहुंच गए थे जबकि राजस्थान अलवर निवासी श्रेयस पंचोली के परिजन बृहस्पतिवार सुबह पहुंचे। पश्चिमी बंगाल के रहने वाले अर्णव चक्रवर्ती के परिवार से दिल्ली में रहने वाले उनके चचेरे मामा परिवार के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
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कार की जांच करती फाॅरेंसिक टीम
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वहीं, त्रिपुरा के रहने वाले सप्त ऋषि दास के चचेरे भाई भी वेंक्टेश्वरा विवि से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। लिहाजा, उन्होंने ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई जबकि उनके परिजन बृहस्पतिवार की देर शाम तक अमरोहा पहुंच सके। पुलिस के मुताबिक, मृतक आयुष शर्मा के पिता महेश शर्मा न्यू दिल्ली जनपद में एएसआई के पद पर तैनात हैं। उनकी बहन भी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं।
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पोस्टमार्टम हाउस में पहुंचे साथी
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पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे आयुष के पिता और बहन का रो-रोकर बुरा हाल था। श्रेयस पंचोली के पिता बलराम शर्मा और माता माधरी पांडेय सरकारी शिक्षक हैं। उनके पिता बलराम शर्मा की बीते लोकसभा चुनाव के दौरान सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
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क्षतिग्रस्त कार को ले जाती क्रेन
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श्रेयस परिवार में दो बहनों के इकलौते भाई थे। उनकी बड़ी बहन सलेजा की शादी हो चुकी है जबकि छोटी बहन सुमेधा मथुरा के एक संस्थान से एमबीबीएस करने के बाद इंटर्नशिप कर रही हैं।
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अमरोहा में डाॅक्टरों की माैत के बाद गमगीन दोस्त
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पुलिस ने सुमेधा को ही हादसे की जानकारी दी थी। श्रेयस 12 दिन पहले ही घर से लौटे थे। मृतक सप्त ऋषि दास के पिता शुशांत शेखर दास सेवानिवृत्त शिक्षक है जबकि उनकी मां अर्पिता शिक्षक हैं। सप्त ऋषि दास माता-पिता के इकलौता सहारा थे।
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर गमगीन परिजन
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वहीं, अर्णव चक्रवर्ती के पिता अरुण कुमार चक्रवर्ती रेलवे में तैनात थे और कुछ दिन पहले ही नौकरी से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके परिवार में मां के अलावा एक बहन भी है। बृहस्पतिवार की दोपहर तक आयुष और श्रेयस पंचोली के परिजन दोनों के शवों को घर ले गए थे। जबकि सप्त ऋषि दास और अर्णव चक्रवर्ती के परिजन देर शाम तक पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शवों को अपने साथ ले गए।
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अमरोहा पहुंचे गमगीन परिजन
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चारों अच्छे दोस्त थे डॉक्टर
नेशनल हाईवे पर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले चारों डॉक्टर बेहद अच्छे दोस्त थे। भले ही चारों अलग-अलग राज्यों के रहने वाले थे। यूनिवर्सिटी में आने के बाद चारों के बीच गहरी मित्रता हो गई। जिसके बाद यूनिवर्सिटी में लगभग एक साथ ही रहते थे। ये भी इत्तेफाक रहा कि हादसे के समय चारों एक साथ ही थे।
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जान गंवाने वाले डाॅक्टर
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जरूरी सामान लेने की बात कहकर निकले थे चारों
हादसे के समय आयुष शर्मा कार चला रहे थे और चारों डॉक्टर रजबपुर से कुछ समान लेने जाने की बात कहकर यूनिवर्सिटी से निकले थे। सभी 2020 बेच एमबीबीएस के छात्र थे और पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर्नशिप कर रहे थे। हादसे के बाद सीओ सिटी अभिषेक यादव ने भी हादसे स्थल का मुआयना किया।
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जान गंवाने वाले चिकित्सक
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श्री वेंक्टेश्वरा यूनिवर्सिटी के प्रतिकुलाधिपति राजीव त्यागी भी मौके पर पहुंच गए थे। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद चारों डॉक्टरों के परिजन शवों को घर ले गए। सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले में हादसे में जान गंवाने वाले आयुष शर्मा के पिता महेश कुमार शर्मा की तहरीर पर डीसीएम चालक के खिलाफ तेज व लापरवाही वाहन चलाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है। जल्द ही चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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हादसे में क्षतिग्रस्त कार
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थम नहीं रहे परिजनों के आंसू
अमरोहा में हादसे ने जो जख्म दिए... वो नासूर बन गए, चारों घरानों के लिए, गम का पैगाम बन गए। भूलने की कोशिशें तो बहुत कीं, मगर यह दर्द... दिल में उतरकर, एक अमर निशान बन गए। दिल्ली हाईवे पर हुए हादसे ने चार परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दिया। इन परिवारों के लिए किसी शायर की यह पंक्तियां सटीक बैठती हैं। हादसे ने होनहार बेटों के परिजनों की उम्मीदें और सपने धराशायी कर दिए।
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अमरोहा में हुआ सड़क हादसा
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चारों की मौत उम्रभर के परिवारों को गहरा सदमा दे गई है। आयुष शर्मा का पूरा परिवार उनके जल्दी ही अपने पैरों पर खड़े होने का इंतजार कर रहा था लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। श्रेयस पंचोली ने इंटर्नशिप करने के बाद सरकारी नौकरी करने का ख्वाब देख रहे थे।
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अमरोहा में हुए सड़क हादसे में चार डॉक्टरों की जान चली गई
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पिता की मौत के बाद उनकी मां माधुरी और उनकी दोनों बहनों की श्रेयस को बेहद दुलार करतीं थीं। श्रेयस और उनकी मझली बहन सुमेधा अलग-अलग कॉलेजों एक साथ एमबीबीएस पूरा किया और सुमेधा मथुरा के केडी हॉस्पिटल में इंटर्नशिप कर रही हैं तो श्रेयस श्री वेंक्टेश्वरा यूनिवर्सिटी से।
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चार डॉक्टरों की जान चली गई
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अर्णव चक्रवर्ती के परिजनों ने बड़ी दिलचस्पी के साथ उन्हें एमबीबीएस की पढ़ाई कराई थी जबकि सप्तऋषि दास के परिवार को उनकी इंटर्नशिप पूरी होने के बाद किसी अस्पताल में ज्वाइनिंग का इंतजार था। चारों ही परिवारों ने बेटों को बेहनत और लग्न के साथ पढ़ाया और उनकी पढ़ाई पर अच्छा खासा पैसा खर्च किया। लेकिन, लापरवाही ने चारों परिजनों की खुशियां छींन लीं।
करीब डेढ़ माह पहले हुई थी बहन की शादी
हादसे में जान गंवाने वाले वेकेंश्वरा के एबीबीएस छात्र अर्णव की बहन की करीब डेढ़ महीने पहले ही शादी हुई थी जिसमें वह शामिल होने गया था। वहीं, करीब एक माह पर वह लौटकर विवि आए थे।
हाईवे किनारे खड़ी डीसीएम में घुसी कार, चार छात्रों की मौत
अमरोहा में नेशनल हाईवे पर बुधवार की देर रात भीषण हादसा हो गया। हाईवे किनारे खड़ी डीसीएम में पीछे से तेज रफ्तार कार घुस गई जिसमें सवार श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी के चार छात्रों की मौत हो गई। जान गंवाने वालों में एक दिल्ली तो दूसरा त्रिपुरा का छात्र भी शामिल हैं। सभी छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चुके थे।