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UP Abhinav Kidnap: 'मुझे अल्मोड़ा में बंधक बनाकर पीटा...'; जिओ मैनेजर अभिनव ने बताए अपहरण के वो खौफनाक पल

Sun, 05 Jan 2025 02:11 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाए गए जिओ फाइबर के मैनेजर अभिनव भारद्वाज डरे और सहमे हुए हैं। उन्होंने बताया कि वह जिंदा रहने की उम्मीद ही छोड़ चुके थे। अपहरणकर्ता उन्हें हाथरस के सिकंदरा राव से एक जनवरी को अगवा कर ले गए थे।
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हाथरस से अगवा मैनेजर अभिनव ने बताई पूरी कहानी - फोटो : अमर उजाला
फिरौती के लिए हाथरस से अगवा किए गए जिओ फाइबर के मैनेजर अभिनव भारद्वाज को एसटीएफ ने अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया। मुरादाबाद में शनिवार को 12 घंटे में अपहरणकर्ताओं से दो बार हुई मुठभेड़ में दो बदमाशों को गोली लगी है। इस मामले में अब तक एसटीएफ चार अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर चुकी है। अपहरणकर्ताओं से पूछताछ में इनके दो अन्य साथियों विक्की और गौरव के नाम सामने आए हैं, जो अल्मोड़ा के रहने वाले हैं। 

बदमाशों से एसटीएफ की मुरादाबाद में 12 घंटे के अंतराल में दो बार मुठभेड़ हुई। पहली मुठभेड़ शनिवार सुबह करीब पांच बजे शहर की आवास विकास कॉलोनी में एसएसपी बंगले के पास हुई। जिसमें गोली लगने से एक बदमाश विशाल घायल हो गया, जबकि उसके दो साथी करन बिष्ट और सुजल कुमार को गिरफ्तार कर अभिनव को सकुशल बरामद कर लिया है। 
 
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घायल अपहरणकर्ता और छुड़ाए गए अभिनव - फोटो : अमर उजाला
दूसरी मुठभेड़ शाम करीब पांच बजे पाकबड़ा में हर्बल पार्क के पास हुई। चौथे अपहरणकर्ता बुलंदशहर निवासी गोलू ठाकुर को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मूलरूप से बिहार के बेगूसराय निवासी अभिनव भारद्वाज जिओ फाइबर कंपनी में मैनेजर हैं। उनकी तैनाती हाथरस में है। वह पत्नी स्वीटी भारद्वाज और बेटा अंश भारद्वाज के साथ हाथरस के नवल नगर में रहते हैं। 
 
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मैनेजर अभिनव भारद्वाज - फोटो : परिजन
बदमाश ने खुद को टिल्लू ताजपुरिया गैंग का सदस्य बताया 
एक जनवरी की दोपहर करीब एक बजे वह हाथरस के सिकंदराराऊ में नए साल की पार्टी में अपने दोस्तों के साथ गए थे। इसके बाद वह घर नहीं लौटे। एक जनवरी की रात करीब नौ बजे अभिनव के नंबर से उनकी पत्नी के मोबाइल पर फोन किया गया और उनके अपहरण किए जाने की बात कही गई थी। बदमाश ने खुद को टिल्लू ताजपुरिया गैंग का सदस्य बताते हुए 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। हाथरस और एसटीएफ उनकी तलाश में जुटी थी। अपहरणकर्ता ने रकम लेकर मुरादाबाद में बुलाया था। 

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पुलिस की गिरफ्त में अपहरणकर्ता - फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ ने बदमाशों की कार को घेरा
पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य फिरौती की रकम लेकर मुरादाबाद पहुंचे। इनके पीछे एसटीएफ लगी थी। शनिवार की सुबह करीब बजे अपहरणकर्ता कार से अभिनव को लेकर आवास विकास कॉलोनी में एसएसपी बंगले के पास पहुंच गए। इसी दौरान एसटीएफ ने बदमाशों की कार को घेर लिया। इसके बाद बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ ने जवाबी फायरिंग की तो एक गोली बदमाश की गर्दन में लगी। तीन बदमाश कार उतरकर भाग निकले। गोली लगने से घायल  बदमाश विशाल अल्मोड़ा जिले के धारानौला थाना क्षेत्र के रजपुरा गांव का रहने वाला है। 
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घायल अपहरणकर्ता - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने हर्बल पार्क के पास घेरा
इसी कार में पुलिस अभिनव भी मिल गए। पुलिस और एसटीएफ की टीम ने अपहरणकर्ताओं के दो अन्य साथियों  उत्तराखंड के अल्मोड़ा कोतवाली के कनेली निवासी सुजल कुमार और अल्मोड़ा के मालगांव धारानोला निवासी करण बिष्ट को पीलीकोठी चौराहे के पास से गिरफ्तार किया, जो स्कूटी पर  सवार थे। एसपी सिटी ने बताया कि कार से भागने वाले बदमाशों से एक गोलू ठाकुर को पुलिस ने शनिवार शाम करीब पांच बजे पाकबड़ा क्षेत्र में हर्बल पार्क के पास घेर लिया। खुद को घिरता देख बदमाश ने फायरिंग की। पुलिस के जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी है।  पुलिस के मुताबिक वह बुलंदशहर के छतारी थाना क्षेत्र के सहार का निवासी है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी सिटी के मुताबिक अल्मोड़ा निवासी विक्की और गौरव फरार चल रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। 
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घायल अपहरणकर्ता - फोटो : अमर उजाला
कोहरे का लाभ लेकर एक भागा
आवास विकास कॉलोनी में सुबह पांच बजे हुई मुठभेड़ के दौरान गोलू ठाकुर कार में मौजूद था, लेकिन सुबह घना कोहरा होने के कारण वह भागने में कामयाब हो गया। पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ की तो उन्होंने अपने चौथे साथी का नाम गोलू ठाकुर उर्फ यश  ठाकुर बताया। एसटीएफ और हरथला की पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। इसी दौरान उसके पाकबड़ा क्षेत्र में होने की जानकारी मिली। टीम ने उसे हर्बल पास के पास घेर लिया और पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। 

 
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घायल अपहरणकर्ता - फोटो : अमर उजाला
विशाल की हालत गंभीर, रेफर
शनिवार सुबह मुठभेड़ में घायल हुए बदमाश विशाल को गर्दन में पीछे से गोली लगी है। पुलिस ने उसे पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे टीएमयू भेज दिया गया। शनिवार दोपहर बाद उसे टीएमयू अस्पताल से रेफर कर दिया गया। दिल्ली के गुरु तेगबहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  
 

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अभिनव को अगवा करने के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
अभिनव को अल्मोड़ा ले गए थे बदमाश 
अपहरण करने वाले अभिनव के परिवार को फोन पर दिल्ली में होने की जानकारी दे रहे थे, लेकिन उनकी लोकेशन पहले नैनीताल और फिर अल्मोड़ा में मिली थी। हाथरस की दो टीमें नैनीताल और अल्मोड़ा पहुंचीं तो बदमाशों की लोकेशन मुरादाबाद की ओर मिली।  

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अपहरणकर्ताओं से छुड़ाए गए अभिनव - फोटो : अमर उजाला
अभिनव ने बयां की पीड़ा, मुझे अल्मोड़ा में बंधक बनाकर पीटा
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाए गए अभिनव भारद्वाज डरे और सहमे हुए हैं। उन्होंने बताया कि वह जिंदा रहने की उम्मीद ही छोड़ चुके थे। अपहरणकर्ता उन्हें हाथरस के सिकंदरा राव से एक जनवरी को अगवा कर ले गए थे। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने मुझे कार में डाल लिया और पिस्टल तान कर जान से मारने की धमकी दी थी। शोर मचाने पर मारपीट करते थे। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ता उन्हें अल्मोड़ा ले गए और वहां एक कमरे में बंद कर लिया था। उनके साथ यहां मारपीट की जाती थी। 
 

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अभिनव को अगवा करने के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
वीडियो कॉल पर कराई थी परिवार से बात
परिवार से बात करने के लिए दबाव बनाते थे। उन्होंने वीडियो कॉल पर परिवार से बात कराई थी। वह दबाव डालते थे कि वह परिवार से कहें कि अगर रकम नहीं देंगे तो यह लोग मेरी हत्या कर देंगे। अल्मोड़ा से लौटते समय अपहरणकर्ताओं ने अभिनव के डेबिट कार्ड से रकम निकालने का प्रयास किया था लेकिन उन्होंने पासवर्ड गलत बता दिया था। यहां रोडवेज बस अड्डे के पास सुबह साढ़े चार बजे अपहरणकर्ताओं ने कार खड़ी कर दी थी।
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अभिनव का परिवार - फोटो : अमर उजाला
परिवार में लौटीं खुशियां, पुलिस भी राहत में 
अभिनव के अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटने के बाद उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। एक जनवरी की देर शाम से अभिनव के परिजन बेचैन थे। पत्नी स्वीटी भारद्वाज और सात वर्षीय बेटे हंस का रो-रोकर बुरा हाल था। बेटा अपने पिता के लौटने का इंतजार कर रहा था। इधर, पत्नी फिरौती की रकम एकत्रित करने के लिए अपने रिश्तेदारों से संपर्क करने में जुटी थी। परिजनों ने वीडियो कॉल के जरिये अभिनव की उनकी पत्नी से बात कराई। जिसके बाद उनके चेहरे पर मुस्कान आई। हंस अपने दादा के साथ खेलने-कूदने में लग गया है। पुलिस के लिए भी यह घटना चुनौती बन गई थी। जैसे ही पुलिस को इस अपहरण की सूचना मिली, वैसे ही पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक गई थी।

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