Durga Ashtami 2025: विंध्याचल धाम में मंगलवार को भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन- पूजन कर सुख- समृद्धि की कामना की। त्रिकोण मार्ग पर स्थित अष्टभुजा व माता काली के दर्शन को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर मंगलवार को भक्तों ने महागौरी स्वरूप में मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन किए। त्रिकोण मार्ग पर स्थित माता काली व अष्टभुजा देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
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विंध्याचल मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मंगला आरती के बाद माता के जयकारे से आदि शक्ति का दरबार गुंजायमान रहा। स्नान ध्यान के लिए श्रद्धालु विभिन्न गंगा घाटों पर उमड़े रहे। गंगा स्नान के बाद विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचे श्रद्धालुओं में किसी ने गर्भगृह तो किसी ने झांकी से ही माता के दिव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन किए।
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विंध्याचल मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। भोर में मंगला आरती के बाद से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला अनवरत चलता रहा। मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद देवी भक्तों ने मंदिर परिसर में विराजमान अन्य देवी- देवताओं के दर्शन पूजन किए। साथ ही हवन कुंड में आहुति डालकर सुख समृद्धि की कामना की।
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विंध्याचल मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
अष्टम महागौरी का होगा पूजन
महाअष्टमी पर मंगलवार को अष्टांग योग की अधिष्ठात्री महागौरी की पूजा-अर्चना होगी। पुरोहित आरके पाठक ने बताया सौभाग्य, धन-संपदा, सौंदर्य और स्त्री जनित गुणों की अधिष्ठात्री देवी महागौरी हैं।
पुरोहित आरके पाठक ने बताया भगवान शिव ने काली जी पर गंगाजल छिड़का तो वह महागौरी हो गईं। देवी के इस रूप की पूजा-अर्चना विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का फल प्रदान करने वाला है।