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पश्चिमी यूपी के किसानों को खूब पसंद आ रहा मिनी ट्रैक्टर, तस्वीरों के साथ जानिए खासियत

Sat, 20 Apr 2019 05:18 PM IST
कपिल kapil राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
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मिनी ट्रैक्टर - फोटो : अमर उजाला
आधुनिक कृषि यंत्रों के साथ खेती के लिए मशहूर पंजाब की तर्ज पर अब पश्चिमी यूपी के किसान भी तकनीक के साथ कदमताल करने लगे हैं। खेत की जुताई के लिए अब बड़े ट्रैक्टरों के साथ मिनी ट्रैक्टर भी किसानों को भा रहे हैं। इसके अलावा रोटरी टिलर, पावर हैरो के साथ पावर टिलर भी किसानों के घेर की शान बनने लगे हैं। इसके अलावा गेहूं, धान, जौ, जई आदि फसलों की कटाई आसानी से करने वाली मशीन रीपर बाइंडर भी किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। इसकी न केवल खरीद होने लगी है, बल्कि काफी किसान इसके बारे में जानकारी करने के लिए कृषि यंत्र केंद्रों पर पहुंच रहे हैं।
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रीपर बाइंडर - फोटो : अमर उजाला
किसानों को भाया मिनी ट्रैक्टर 
एक समय था जब किसानों को बाग आदि की जुताई-खुदाई करने के लिए ट्रैक्टरों के साइलेंसर उतारने पड़ते थे या मैसी फर्ग्यूसन टाइप ट्रैक्टरों का इस्तेमाल करना पड़ता था। लेकिन अब मिनी ट्रैक्टर ने इस कमी को पूरा कर दिया है। जुताई और ढुलाई श्रेणी में आने वाले मिनी ट्रैक्टरों की कीमत 2.5 लाख से 4.5 लाख तक है। जुताई वाले मिनी ट्रैक्टर 24 से 26 एचपी के फोर बाई फोर तकनीक पर आधारित है। वहीं ढुलाई वाले ट्रैक्टरों की क्षमता 15 से 18 एचपी है। किसानों को मिनी ट्रैक्टर इसलिए भी भा रहा है कि इसका जुताई खर्च कम है। यह एक घंटे में केवल 700 एमएल डीजल की खपत करता है। बैलों और भैसें की जगह किसान अब इस छोटे ट्रैक्टर ही ले रहे हैं।
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आधुनिक कृषि यंत्र - फोटो : अमर उजाला
- बड़े ट्रैक्टरों के अलावा मिनी ट्रैक्टरों और आधुनिक कृषि यंत्रों की बढ़ रही मांग 
- रोटरी टिलर, पावर हैरो, पावर टिलर, गन्ने पत्ती और धान आदि की पुआल काटने वाला मलचर बना पसंद
- गेहूं काटने की मशीन रीपर बाइंडर की भी हो रही बिक्री

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रोटरी टिलर (रोटावेटर) - फोटो : अमर उजाला
रीपर बाइंडर और पावर टिलर से होने वाली बचत 
- एक एकड़ गेहूं की कटाई मजदूरी 150 किलो गेहूं : कीमत 2700 रुपये
- रीपर बाइंडर से गेहूं की कटाई खर्च एक लीटर डीजल प्लस सुतली बंडल : कीमत 600 रुपये
- किसान को फायदा : 2100 रुपये प्रति एकड़
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आधुनिक कृषि यंत्र - फोटो : अमर उजाला
- एक एकड़ खेत की निराई-गुड़ाई मजदूरी : 2400 रुपये 
- पावर टिलर से निराई खर्च ढाई लीटर पेट्रोल : कीमत 200 रुपये 
- किसान को फायदा : 2200 रुपये
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मलचर - फोटो : अमर उजाला
छोटे यंत्रों की बढ़ रही खरीद 
- रोटरी टिलर (रोटावेटर)
पहले जहां किसान खेत की जुताई के लिए परंपरागत हैरो और टिलर का इस्तेमाल करते थे वहीं अब इनकी जगह रोटरी टिलर (रोटावेटर), पावर हैरो ने ले ली है। रोटरी टिलर और पावर हैरो हर प्रकार की मिट्टी में काम करता है और इसका रखरखाव खर्च कम से कम है। इसके अलाव पावर टिलर (कल्टीवेटर कम वीडर) भी सर्वाधिक पसंद किया जा रहा है। इस उपकरण की मदद से गन्ना, कपास, मैंथा, फूल, पपीता और केला आदि के अलावा कतार वाली फसलों की निराई-गुड़ाई आसानी से की जा सकती है।
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आधुनिक कृषि यंत्र - फोटो : अमर उजाला
- रीपर बाइंडर और मलचर बने आकर्षण का केंद्र
गेहूं काटने की मशीन रीपर बाइंडर और गन्ने की पत्ती व धान की पुआल आदि को काटने वाली मशीन मलचर भी किसानों की पसंद बनी है। रीपर बाइंडर के जरिये एक घंटे में पांच बीघा गेहूं, धान, जौ और जई की फसलों की कटाई व बंधाई की जा सकती है। मलचर के जरिये गन्ने की पत्ती व धान की पुआल को काटकर खेतों में ही फैला दिया जाता है। जो खाद में तब्दील होकर मिट्टी को उपजाऊ करता है। कृषि यंत्रों की खरीद पर सरकार अनुदान भी मुहैया करा रही है।
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राजेंद्र मेहता, चेयरमैन शिव शक्ति इंप्लीमेंट्स और एम सईद, एमडी सईद एंटरप्राइजेज का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पसंद बने आधुनिक यंत्र
आधुनिक कृषि यंत्र किसानों को पसंद आ रहे हैं। कंपनी नई तकनीक का इस्तेमाल कर यंत्र बना रही है।  - राजेंद्र मेहता, चेयरमैन शिव शक्ति इंप्लीमेंट्स (महिंद्रा ट्रैक्टर एजेंसी)

छोटे ट्रैक्टर खरीद रहे
खर्च से बचने के लिए छोटे किसान मिनी ट्रैक्टर पसंद कर रहे हैं। ये जुताई और ढुलाई श्रेणी में अलग-अलग आते हैं। - एम सईद, एमडी सईद एंटरप्राइजेज (फार्मट्रैक ट्रैक्टर)

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