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West UP Weather: मेरठ समेत छह जिलों में मूसलाधार बारिश, कई साल का रिकॉर्ड टूटा, यहां हो गई स्कूलों की छुट्टी

Thu, 09 Jul 2026 07:51 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बागपत और बिजनौर में तीन दिन से लगातार बारिश जारी है। बृहस्पतिवर को भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बागपत और बिजनौर में कक्षा 12 तक के स्कूलों की शुक्रवार को छुट्टी कर दी गई है। 
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मेरठ में पूरे दिन होती रही बारिश। - फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह मेहरबान है, जिसके चलते बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। इस मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में पिछले कई साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मेरठ में तो जुलाई के नौ दिनों में हुई बारिश ने पिछले 15 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटे तक बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

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मेरठ में बारिश से हुआ जलभराव। - फोटो : अमर उजाला
मेरठ: 15 साल का रिकॉर्ड टूटा, 33 घंटे में 201.2 मिमी बारिश
मेरठ में लगातार दूसरे दिन रुक-रुककर झमाझम बारिश हुई। सुबह से लेकर देर शाम तक कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। इस बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहाना हो गया। जुलाई के नौ दिनों में 201.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले 15 साल में सबसे ज्यादा है। सुबह से शाम तक 94.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते दिन में भी आसमान घने बादलों से ढका रहा, जिससे दृश्यता कम हुई और दिल्ली-देहरादून हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा और कई जगहों पर लंबा जाम लगा। बारिश से प्रदूषण का स्तर भी कम हुआ है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार, अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम शमीम ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले 24 घंटे में 50 मिमी से अधिक बारिश होने की संभावना है।
 
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सहारनपुर के देवबंद का हाल। - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर: पांच साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, बाढ़ जैसे हालात
सहारनपुर जिले में 126 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले पांच वर्षों में एक दिन में सबसे ज्यादा हुई बारिश है। बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव हो गया। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए। शाकंभरी, मिर्जापुर और बिहारीगढ़ क्षेत्रों में बरसाती नदियां उफान पर आ गईं, जिससे कई गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया। मिर्जापुर क्षेत्र में बरसाती नदी के रपटे में बहे दो बाइक सवार युवकों को ग्रामीणों ने बचा लिया।
 

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शामली में बारिश के बीच स्कूल से लौटते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
शामली: 84 एमएम बारिश, एक की मौत, कई घायल
शामली जिले में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव और कीचड़ से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। जिले में 84 एमएम बारिश दर्ज की गई है। थानाभवन में एक आरा मशीन की दीवार और टीन शेड गिरने से मलबे में दबकर आरा मशीन संचालक शाहिद (49) की मौत हो गई, जबकि उनके दो बेटे अरमान (17) और नौमान (15) घायल हो गए। कैराना में एक महिला के मकान की कच्ची छत गिर गई। लिसाढ गांव में बिजली के खंभे में करंट आने से एक मवेशी की मौत हो गई।
 
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बागपत में बारिश से हुआ जलभराव। - फोटो : अमर उजाला
बागपत: घरों की छतें गिरीं, सड़क बही, जनजीवन अस्त-व्यस्त
बागपत में तीन दिनों से हो रही बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। जिवाना गुलियान, रोशनगढ़, बरवाला, सूरजपुर महनवा गांवों में घरों की छतें गिरने से कई लोग घायल हुए। बागपत में भाजपा कार्यालय की दीवार गिर गई, वहीं पूठड गांव में प्राथमिक विद्यालय की दीवार गिरी। कई गांवों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चमरावल-धौली प्याऊ सड़क बह जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार दोपहर से बृहस्पतिवार दोपहर तक 24 घंटे में 54 एमएम बारिश दर्ज की गई।
 
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मुजफ्फरनगर में बारिश में मस्ती करते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर: पांच साल का रिकॉर्ड टूटा, 182.8 मिमी बारिश
मुजफ्फरनगर में आषाढ़ माह में एक दिन की बारिश ने पिछले करीब पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जिले में अब तक कुल 182.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पौड़ी हाईवे पर पानी भर जाने से वाहनों का आवागमन बाधित हुआ। बिजनौर बॉर्डर पर जाम की स्थिति बनी रही। उत्तराखंड से सोलानी नदी में पानी छोड़े जाने के कारण पुरकाजी के खादर में पानी भरने लगा। मंसूरपुर के पास मोलाहेड़ी जाने वाला मार्ग का एक हिस्सा पानी में बह जाने से आवागमन थम गया है। शुकतीर्थ खादर से पशुपालक सुरक्षित स्थानों पर लौटने लगे हैं। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कक्षा 12 तक के स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश घोषित कर दिया है।
 
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बिजनौर में मंडावर क्षेत्र के गांव खिरनी के पास बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़क। संवाद - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर: 175.6 मिमी बारिश से जनजीवन बेहाल, संपर्क मार्ग टूटे
बिजनौर जिले में बुधवार शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने बृहस्पतिवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में 175.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 10 और 11 जुलाई के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश से शहरों की सड़कें जलमग्न हो गईं, नदियां उफान पर आ गईं और कई स्थानों पर संपर्क मार्ग टूट गए। मालन नदी के तेज बहाव में बरमपुर-पुंडरीकला के बीच बना अस्थायी पुल बह गया। बैराज से मीरापुर के पास जलभराव के कारण बिजनौर का मेरठ-मुजफ्फरनगर से सीधा संपर्क टूट गया। वाहनों को चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग से निकाला जा रहा है। कादराबाद में टीनशेड का एक मकान गिर गया। कई बिजलीघरों में पानी भरने और फॉल्ट के कारण बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

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