Meerut News: मेरठ समेत वेस्ट यूपी में सुबह से ही झमाझम बारिश हो रही है। इससे तापमान में जहां गिरावट दर्ज की गई, वहीं बारिश किसानों के लिए लाभकारी मानी जा रही है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को समस्या भी हुई।
मानसून ने मंगलवार को मेरठ समेत पूरे वेस्ट यूपी में जमकर दस्तक दी। सुबह से शुरू हुई रिमझिम बारिश दिनभर रुक-रुककर जारी रही। मौसम विभाग के अनुसार मेरठ में शाम तक 68 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार हुई बारिश से कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली और तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। बारिश के बाद मौसम खुशनुमा हो गया, हालांकि शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
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मेरठ में बारिश से हुआ जलभराव।
- फोटो : अमर उजाला
कई दिनों से तेज धूप और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित था। मंगलवार को आसमान दिनभर बादलों से ढका रहा और रुक-रुककर होती बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही, वहीं बच्चों और युवाओं ने बारिश का आनंद लिया। शाम के समय ठंडी हवाएं चलने से वातावरण और भी सुहावना हो गया।
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वेस्ट यूपी में बारिश।
- फोटो : अमर उजाला
शहर के कई प्रमुख मार्गों, कॉलोनियों और बाजारों में जलभराव की स्थिति बन गई। नालों की सफाई अधूरी होने से कई स्थानों पर पानी देर तक भरा रहा, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ क्षेत्रों में यातायात भी प्रभावित रहा।
चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स गंगानगर में 196, जयभीम नगर में 61, एमआईईटी कॉलेज में 163, पल्लवपुरम में 104 दर्ज किया गया।
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वेस्ट यूपी में बारिश।
- फोटो : अमर उजाला
किसानों के लिए राहत की बारिश
कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरएस सेंगर के अनुसार मानसून की यह बारिश खरीफ की फसलों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। विशेष रूप से धान की रोपाई के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल हो गया है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से रोपाई कार्य में तेजी आएगी। इसके अलावा मक्का, बाजरा, ज्वार, सोयाबीन, मूंग, उड़द, तिल और गन्ने की फसलों को भी इस वर्षा से लाभ मिलेगा। मिट्टी में नमी बढ़ने से सिंचाई की आवश्यकता कम होगी और फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। हालांकि, कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में पहले से खड़ी फसल है, वहां जलभराव न होने दें। अतिरिक्त पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें, ताकि जड़ों में सड़न और रोगों का खतरा न बढ़े।
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बारिश के बीच गुजरते वाहन सवार।
- फोटो : अमर उजाला
10 जुलाई तक बारिश के आसार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। 10 जुलाई तक रुक-रुककर वर्षा होने की संभावना है। इसके बाद भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। लगातार मानसूनी गतिविधियों के चलते तापमान सामान्य से नीचे रहने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं अच्छी बारिश से भूजल स्तर, तालाबों और जलाशयों में भी सुधार होगा तथा प्रदूषण के स्तर में कमी आने की संभावना है।
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सहारनपुर में बारिश से हुआ जलभराव।
- फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर: बारिश से छह डिग्री गिरा तापमान, गर्मी से राहत
जिले में मंगलवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे से शाम तक रुक रुककर हल्की बारिश होती रही। बादल छाए रहने और हल्की हवा चलने से मौसम सुहावना हो गया। अधिकतम तापमान में छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 28 और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा। कई क्षेत्रों में मामूली जलभराव भी हुआ, जिससे लोगों को परेशानी हुई। मौसम विभाग ने बुधवार को भी बारिश होने का अनुमान जताया है।
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हाईवे पर भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर: जिले में 65 एमएम बारिश
सुबह के समय जहां उमसभरी गर्मी रही, वहीं दोपहर होते होते बारिश शुरू हो गई। जिलेभर में बारिश से गर्मी से राहत मिल गई। मौसम विभाग के मुताबिक 65 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री दर्ज किया गया।
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जलभराव में फंस गए वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
शामली: 90 एमएम बारिश से मौसम सुहाना
जिले में सुबह दस बजे से शुरू हुई बारिश शाम तक कभी हल्की कभी तेज चलती रही। बादल छाये हुए हैं। जिले में तेज बारिश होने से सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। जिले में 90 एमएम बारिश हुई।
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दोपहिया वाहन आधा डूब गए।
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मुजफ्फरनगर: तापमान गिरा, जलभराव से परेशानी
सुबह 11 बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिल गई। दिन के तापमान में गिरावट रही। भोकरहेड़ी कस्बे में जलभराव से नाराज लोगों ने प्रदर्शन किया। दिल्ली-दून हाईवे पर जलनिकासी के लिए नाले की सफाई कराई गई। उधर, शहर में टाउनहॉल बिजलीघर से आपूर्ति बाधित रही।
बागपत में हाईवे पर खराब हुए वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
बागपत: हाईवे पर पानी भरने से फंसे वाहन, कई जगह बत्ती गुल
जिलेभर में बारिश से जलभराव हुआ तो शहर व गांवों में बत्ती गुल हो गई। बारिश के कारण नेशनल हाईवे पर पानी भरने से वाहन फंसे और खराब हो गए। कई स्थानों पर बारिश के कारण छत भी गिर गई और गांवों में जलभराव के कारण काफी परेशानी हुई। बागपत में बारिश होते ही दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर सिसाना गांव में दो फीट तक पानी भरने से वाहन फंसे गए। दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। 50 से अधिक बाइकें खराब हो गईं और गाड़ियां भी फंसीं। वहीं धान, गन्ना, मक्का व सब्जियों की फसल को लाभ पहुंचा है। किसानों के चेहरे खिले तो गर्मी से भी राहत मिली है।
बागपत में नेशनल हाईवे पर पानी में फंसी 50 बाइकें खराब
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर सिसाना में मंगलवार दोपहर को हुई बारिश के कारण डेढ़ से दो फीट पानी भर गया। इससे वहां से गुजरने वाली बाइकें और गाड़ियां पानी में फंस गईं। जलभराव के कारण 50 से ज्यादा बाइकें खराब हो गईं और कई गाड़ियों में भी पानी भर गया। लोगों को धक्का लगाकर गाड़ियों को पानी से बाहर निकालना पड़ा।