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Wedding: जहां शिव-पार्वती का हुआ विवाह, भारी बर्फबारी में त्रियुगीनारायण में हो रही शादियां, मेरठ का कपल वायरल

Sat, 24 Jan 2026 03:35 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

Snowfall Wedding: रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण मंदिर में वसंत पंचमी पर बर्फबारी के बीच एक साथ सात शादियां संपन्न हुईं। इनमें मेरठ से आए एक जोड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

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रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण में हो रही शादियां - फोटो : सोशल मीडिया
उत्तराखंड की खूबसूरत केदारघाटी में स्थित रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण मंदिर में वसंत पंचमी के पावन अवसर पर एक साथ सात शादियां संपन्न हुईं। बर्फबारी के बीच वर-वधुओं ने सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। विवाह बंधन में बंधने वाले जोड़े इस स्थान पर सात फेरे लेने का अपनी विशलिस्ट में शामिल कर रहे हैं।

इस वर्ष यहां सात शादियां हुई, जिनमें दो विवाह पश्चिम बंगाल, दो महाराष्ट्र और तीन उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आए वर-वधुओं के विवाह संपन्न हुए। सभी जोड़ों ने शिव-पार्वती के विवाह स्थल पर शादी को अपने जीवन का सौभाग्य बताया। त्रियुगीनारायण के ऑफिशियल इंस्टाग्राम पेज से बफबारी के बीच संपन्न हो रही शादियों की कुछ तस्वीरें और वीडियो भी शेयर की गई। मेरठ के एक जोड़े ने बर्फबारी के बीच शादी कर इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत लिया।
 
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रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण में हो रही शादियां - फोटो : सोशल मीडिया
अखंड धूनी के समक्ष होते हैं विवाह
त्रियुगीनारायण मंदिर भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। यहां सदियों से जल रही अखंड धूनी के सामने विवाह संपन्न कराए जाते हैं। मान्यता है कि यह अग्नि शिव-पार्वती के विवाह काल से प्रज्वलित है, जो शाश्वत प्रेम का प्रतीक है।

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रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण में हो रही शादियां - फोटो : सोशल मीडिया
छह माह पहले कराना होता है पंजीकरण
मंदिर समिति के अनुसार यहां विवाह के लिए कम से कम छह माह पूर्व पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। बुकिंग के बाद ही अखंड धूनी के समक्ष सात फेरे लिए जाते हैं। यह स्थल केदारनाथ धाम के नजदीक ही स्थित एक पवित्र और प्राकृतिक वैवाहिक स्थल माना जाता है।

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रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण में हो रही शादियां - फोटो : सोशल मीडिया
पौराणिक मान्यताओं से जुड़ा है स्थल
मान्यता है कि शिव-पार्वती के विवाह में भगवान विष्णु ने माता पार्वती के भ्राता का कर्तव्य निभाया था, जबकि ब्रह्मा विवाहयज्ञ के पुरोहित बने थे। मंदिर के सामने स्थित ब्रह्मशिला को शिव-पार्वती के विवाह का वास्तविक स्थल माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि श्रद्धालुओं का विश्वास है कि अखंड धूनी की राख साथ ले जाने से वैवाहिक जीवन सुखमय और मजबूत बनता है।
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रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण में हो रही शादियां - फोटो : सोशल मीडिया
बर्फबारी के बावजूद दिखा जबरदस्त उत्साह
वसंत पंचमी के मौके पर भी यहां हुई शादियों के दौरान मंदिर परिसर में लगातार बर्फ गिरती रही, लेकिन ठंड के बावजूद वर-वधु, स्वजन और पर्यटकों में उत्साह देखते ही बन रहा है। सभी रस्में पूरे विधि-विधान से संपन्न की जाती हैं और दिनभर मंदिर परिसर में रौनक बनी रहती है।
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त्रियुगीनारायण में मेरठ के जोड़े ने की शादी - फोटो : अमर उजाला
मेरठ का जोड़ा सोशल मीडिया पर वायरल
इन शादियों में शामिल एक जोड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में बर्फ के बीच सात फेरे पूरे करने के बाद जब जोड़े से पूछा गया कि वे कहां से आए हैं, तो उन्होंने खुद को मेरठ का निवासी बताया। 

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रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण में हो रही शादियां - फोटो : सोशल मीडिया
बर्फ से ढके त्रियुगीनारायण मंदिर में संपन्न हुए ये विवाह धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति के सान्निध्य में विवाह का एक नया ट्रेंड बनकर सामने आ रहे हैं।
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