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पश्चिमी यूपी में फिर बिगड़ा मौसम: शहर में राहत, देहात में आफत, तेज बारिश-ओलावृष्टि ने बर्बाद की फसल

Sat, 14 Mar 2020 04:46 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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आसमान पर छाए काले बादल - फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से लगातार मौसम का मिजाज बिगड़ रहा है। शुक्रवार को कभी काले बादलों ने डेरा जमाया तो कभी तेज धूप खिली। वहीं, देहात में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया।

शनिवार को जहां सुबह तेज धूप खिली वहीं शाम होते होते आसमान पर काले बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा हो गया। मेरठ समेत पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलों में तेज बारिश के आसार बन रहे हैं -
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खेत में बिछी गेहूं की फसल - फोटो : अमर उजाला
मौसम वैज्ञानिकों ने 11 मार्च से 14 मार्च तक तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि के आसार जताए थे। मेरठ देहात के फलावदा, दौराला, नंगली साहिब, माछरा, मुंडाली, नंगली अब्दुल्ला, कासमपुर, अमरपुर, रछौती, हसनपुर कलां, भटीपुरा आदि गांवों में बारिश और ओलावृष्टि से सरसों, सब्जी, फूल, आम व लीची की फसल को भारी नुकसान होना बताया जा रहा है।
 
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ओले दिखाता किसान - फोटो : अमर उजाला
हस्तिनापुर में भी ओले की चादर बिछी नजर आई। करीब एक घंटे हुई बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों, आलू, मसूर, मटर की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। इस बार ओलावृष्टि से 30 से 40 फीसदी उत्पादन गिरने का अनुमान जताया जा रहा है।

आलू उत्पादक सुरेंद्र जाटव, जितेंद्र कुमार, राकेश, संजय, प्रदीप, आरिफ, गुलजार आदि ने बताया कि फसल में पानी जाने से आलू खराब हो जाएगा। ओलावृष्टि से सरसों की फसल खराब हो गई है। किसानों ने प्रदेश सरकार से किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।

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देहात में जमकर गिरे ओले - फोटो : अमर उजाला
मौसम वैज्ञानिक डा. एन सुभाष के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के लगातार सक्रिय होने के कारण इस बार किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हवा दोपहर से शाम तक 10 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली।

देहात क्षेत्र में लगभग 8 मिमी बारिश दर्ज की गई। शनिवार को भी बारिश व ओलावृष्टि के आसार बने हुए हैं। 15 मार्च के बाद ही मौसम पूरी तरह साफ होगा। मौसम में परिवर्तन आने से ठंडी हवाओं के चलने से दोबारा ठंड का असर शुरू हुआ है।
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खेत में बिछी सरसों की फसल - फोटो : अमर उजाला
शामली जिले में बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को जबर्दस्त नुकसान हुआ है। तेज हवा के कारण गेहूं की अगेती फसल बर्बाद हो गई है। गन्ने की फसल भी गिर गई। गेहूं और सरसों की फसल में भी भारी नुकसान हुआ है।  

बारिश के कारण गन्ने की छिलाई नहीं हो सकी। ऊन चीनी मिल पर जाने वाले रास्ते पर भारी मात्रा में कीचड़ का जमा हो गया है। जिससे गन्ने से लदे वाहन शुगर मिल तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा मौसम की मार सब्जी उत्पादक किसानों पर भी पड़ी है।
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बिजनौर में गिरे ओले - फोटो : अमर उजाला
बारिश के  के कारण सब्जियों व अन्य फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बिजनौर में शुक्रवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से किसान चिंतित दिखाई दिए। वहीं, शामली के चौसाना में शुुक्रवार दोपहर तीन बजे ओलों के साथ बारिश भी हुई। जिससे मौसम का मिजाज भी बदल गया। ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा फसलें प्रभावित हुई हैं।

 
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बिजनौर में गिरे ओले - फोटो : अमर उजाला
किसानों ने बताया कि अभी तक गेहूं की फसल लगातार हो रही बारिश के कारण तबाह हो गई। किसानों का डर है कि अनाज की रिकवरी भी इस साल अन्य वर्षों की अपेक्षा बहुत ही निकलेगी। जिससे किसानों को बहुत नुकसान हो सकता है। 

तेज बारिश से सारी फसल चौपट हो गई है। गेहूं के खेतों में बहुत नुकसान हुआ है। मिलों में गन्ने की सप्लाई देने के लिए सड़कों पर भी कीचड़ और गंदगी हो गई है जिससे ओर समस्या बढ़ गई है। - पदम सिंह
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खेत में बिछी गेहूं की फसल - फोटो : Amar Ujala
फाल्गुन और चैत माह में इस तरह से  बारिश हमने कभी नहीं देखी। इस तरह भारी बारिश के कारण अगेती गेहूं और खेतों में खड़ी गन्ने की फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसान तो बुरी तरह बर्बाद हो गया है। - मान सिंह        
    
हवा के साथ तेज बारिश से गेहूं सरसों और गन्ने की फसल गिरकर बर्बाद हो गई है। नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिलाना चाहिए। किसानों की फसलों के नुकसान की रिपोर्ट बनाए और मुआवजा दिलाए।- मनोज कुमार   
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