valentine week
न रस्में थीं, न कसमें थीं
बिना वादों वाली मोहब्बत... न कोई शर्त न उपहार ऐसा भी होता है प्यार। साकेत की रहने वाली अंजली सांई रत्नम चित्रकार हैं। हाल में ही दिल्ली विवि में उनके चित्रों की प्रदर्शनी लगी है। वह कहती हैं वैलेंटाइन वीक चल रहा है तो कहूंगी मोहब्बत की राह में चलना संभल-संभलकर यहां जो भी आया गया हाथ मलकर। उन्होंने बताया कि मेरा सपना क्रिएटिव राइटर बनने का था। कुछ भी लिखती तो लोग मजाक उड़ाते थे, लेकिन मैं रुकी नहीं। अपने लेखन को शौक को बदस्तूर जारी रखा। कॉलेज मैगजीन के साथ नेशनल जर्नल में आर्टिकल छपा तो सभी ने मुझे सराहा। तब लगा कि मेरी मोहब्बत सफल हो गई।