एसओ रोहटा उपेंद्र मलिक की सलाह पर टीम ने दोनों बोट के बीच में रस्सी में कांटे फंसा कर दोनों को बराबर नहर में चलाया। इससे पूर्व पुलिस ने जूम कंपनी से आए कर्मी जितेंद्र से कार की अंतिम लोकेशन जीपीएस से ट्रैक करके बताई, जिसके बाद टीम ने दुर्घटनास्थल से चार सौ मीटर आगे तक सर्च अभियान कांटा डालकर चलाया, तो कार कांटे में जिस जगह गिरी थी, उससे करीब 370 मीटर आगे ट्रेस की गई। इसके बाद दो बजे से कार को बाहर निकालने के प्रयास शुरु किये गये और पुलिस ने हाईड्रॉलिक क्रेन मंगाई। शाम छह बजे लगभग चार घंटे के जबरदस्त ऑपरेशन रेस्क्यू के बाद कार को बाहर निकाला गया। कार में पुलिस ने तलाशी ली तो कुछ कागजात दो लैपटॉप, दो मोबाइल मिले लेकिन नितिन का कोई सुराग नहीं मिला।