फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: गंगनहर में 65 घंटे बाद मिली कार, इंजीनियर का कोई सुराग नहीं

Mon, 17 Dec 2018 01:40 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 7
गंगनहर
चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग (गंगनहर) में गुरुवार गिरी एचसीएल कंपनी के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार 65  घंटे बाद एनडीआरएफ की टीम ने निकाल ली। लेकिन कार चला रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर नितिन गुप्ता का कुछ पता नहीं चला। पानी के तेज बहाव में कार को तलाशने में टीम के पसीने छूट गये। 
विज्ञापन

2 of 7
गंगनहर में कार की तलाश करती टीम
गुरुवार की रात में नोएडा सेक्टर 126 में स्थित एचसीएल कंपनी में तैनात साफ्टवेयर इंजीनियर फतेहपुर निवासी नितिन गुप्ता (25) की कार रोहटा क्षेत्र में पूठ पुल के पास गंगनहर में गिर गई थी। कार नितिन ही चला रहे थे, वहीं झारखंड निवासी विशाल कुमार, लक्ष्मी नगर दिल्ली निवासी गुरनीक कौर कार के शीशे से निकलकर तैरकर पानी में बाहर आए थे। जबकि कार चालक नितिन का कोई सुराग नहीं लगा था।

 
विज्ञापन

3 of 7
गंगनहर में कार की तलाश करती टीम
तीनों नोएडा से जूम कंपनी से किराये की कार लेकर अपनी एक साथी इंजीनियर नेहा वर्मा को मुजफ्फरनगर में उनके घर पर छोड़ने के लिये गये थे। वापसी के दौरान कार को इंजीनियर नितिन गुप्ता चला रहा था, रात में करीब एक बजे चौधरी चरण सिंह कांवड मार्ग पर पूठ गंगनहर के पुल से आगे व भोला झाल से पहले तो कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी थी। 

 

4 of 7
गंगनहर
शुक्रवार की सुबह से लेकर शनिवार की देर शाम तक एनडीआरएफ की टीम को गाजियाबाद से बुलाकर पूरे दिन पानी में सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया था। हालांकि इस दौरान पहली बार जिले में पैंतीस लाख रुपये के सोनार कैमरे से भी ऑपरेशन रेस्क्यू चलाया गया था लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पाई।  जिसके बाद रविवार की सुबह साढ़े आठ बजे से फिर से सोनार कैमरे से कार व नितिन की तलाश की गई।
विज्ञापन

5 of 7
गंगनहर
एसओ रोहटा उपेंद्र मलिक  की सलाह पर  टीम ने दोनों बोट के बीच में रस्सी में कांटे फंसा कर दोनों को बराबर नहर में चलाया। इससे पूर्व पुलिस ने जूम कंपनी से आए कर्मी जितेंद्र से कार की अंतिम लोकेशन जीपीएस से ट्रैक करके बताई, जिसके बाद टीम ने दुर्घटनास्थल से चार सौ मीटर आगे तक सर्च अभियान कांटा डालकर चलाया, तो कार कांटे में जिस जगह गिरी थी, उससे करीब 370 मीटर आगे ट्रेस की गई। इसके बाद दो बजे से कार को बाहर निकालने के प्रयास शुरु किये गये और पुलिस ने हाईड्रॉलिक क्रेन मंगाई। शाम छह बजे लगभग चार घंटे के जबरदस्त ऑपरेशन रेस्क्यू के बाद कार को बाहर निकाला गया। कार में पुलिस ने तलाशी ली तो कुछ कागजात दो लैपटॉप, दो मोबाइल मिले लेकिन नितिन का कोई सुराग नहीं मिला।
विज्ञापन

6 of 7
गंगनहर में कार की तलाश करती टीम - फोटो : अमर उजाला
कार के शीशे खुले मिले
जिस स्थान पर इंजीनियर विशाल नेे कार को गंगनहर में गिरना बताया था। उससे करीब 370 मीटर दूर कार ट्रेस की गई। विशाल ने यह भी बताया था कि जिस समय कार नहर में गिरी थी तो वह स्टार्ट थी, जब शीशे से निकलकर जब वह तैरते हुए बाहर आया कार की लाइट जल रही थी, अचानक कार की लाइट बंद हुई जिसके कार डूब गई। उस समय गुरनीक कौर भी बचाओ की आवाज कह रही थी, उन्हें भी किसी तरह बचाया गया। दोनों ने यह भी बताया था उनके दो बैग, लैपटॉप और मोबाइल व अन्य सामान भी कार में था। पुलिस ने सभी सामान कार में मिलना बताया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
गंगनहर
परिजन और रिश्तेदार भी रहे
नितिन के परिजन और अन्य रिश्तेदार भी मौके पर रहे। इस दौरान परिजन दिनभर गंगनहर की लहरों को देखते रहे। जैसे ही कार को ट्रेस किया गया तो परिजनों को एक उम्मीद रही अभी भी नितिन यहीं पर है। लेकिन कार ट्रेस होने के चार घंटे बाद निकाली गई। कार में नितिन नहीं मिले तो परिजनों की आंखों से आंसू आने लगे। सोमवार सुबह से नितिन की तलाश में फिर से सर्च अभियान चलाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि स्थानीय गोताखोर लगाये जाएंगे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें