Meerut News Today in Hindi: मेरठ में परतापुर से मोदीपुरम तक 8 स्टेशनों पर कॉमर्शियल स्थानों के लिए निविदा आमंत्रित की गई हैं। इससे यात्री सुविधाओं में सुधार और नमो भारत कॉरिडोर की व्यावसायिक क्षमता का विस्तार होगा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीईआरटीसी) ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर आठ वाणिज्यिक स्पेस के लिए टेंडर निकाले हैं। कंपनी ने परतापुर से मोदीपुरम तक 8 स्टेशनों पर कॉमर्शियल स्थानों की लाइसेंसिंग के लिए निविदा आमंत्रित की हैं। यह पहल यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ स्टेशन परिसरों को जीवंत वाणिज्यिक हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखती है।
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मेरठ साउथ मेट्रो स्टेशन।
किन स्टेशनों पर खुलेगा वाणिज्यिक स्पेस?
इस निविदा के दायरे में आने वाले 8 स्टेशन परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, भैंसाली, एमईएस कॉलोनी, डौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम हैं। इन सभी स्टेशनों पर कुल 13 अलग-अलग स्थानों को वाणिज्यिक उपयोग के लिए चिन्हित किया गया है।
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शताब्दी नगर मेट्रो स्टेशन।
9 वर्ष की लाइसेंस अवधि और विभिन्न आकार के स्पेस
एनसीईआरटीसी द्वारा इन वाणिज्यिक स्थानों को 9 वर्ष की लाइसेंस अवधि के लिए चयनित भागीदारों को प्रदान किया जाएगा। निविदा में बेयर (अनिर्मित) और बिल्ट-अप (निर्मित अवसंरचना के साथ) दोनों तरह के वाणिज्यिक स्पेस शामिल हैं। इन स्थानों का आकार 14 वर्ग मीटर की छोटी इकाइयों से लेकर 128 वर्ग मीटर तक के पॉकेट स्पेस तक भिन्न है, जिससे विभिन्न प्रकार के उद्यमियों और व्यवसायों के लिए अवसर उपलब्ध होंगे।
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मेट्रो स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
यात्रियों की सुविधा और स्थानीय जरूरतों का ख्याल
इन वाणिज्यिक स्थानों का उपयोग मुख्य रूप से यात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से किया जाएगा। इसमें फूड आउटलेट्स, कैफे, सुविधा स्टोर, सेवा कियोस्क और अन्य खुदरा उद्देश्यों के लिए स्पेस शामिल हैं। ये आउटलेट स्टेशन के आसपास रहने वाले निवासियों की रोजमर्रा की जरूरतों को भी पूरा करेंगे।
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मेरठ मेट्रो
- फोटो : अमर उजाला
व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्टेशन
मेरठ में नमो भारत और मेट्रो स्टेशनों का निर्माण घनी आबादी वाले क्षेत्रों के पास किया गया है। वर्तमान में, इन ट्रेनों में प्रतिदिन औसतन लगभग एक लाख यात्री यात्रा कर रहे हैं। यह भारी यात्री संख्या इन स्टेशनों को व्यापारिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है और इनमें एक मजबूत व्यावसायिक क्षमता है। कॉरिडोर पर लगातार बढ़ती यात्री संख्या के साथ, ये स्टेशन दैनिक यात्रियों, स्थानीय निवासियों और व्यापक जनसमूह तक उच्च दृश्यता प्रदान करते हैं, जिससे यह भागीदारों के लिए एक आकर्षक निवेश अवसर बनता है।
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बेगमपुल मेट्रो स्टेशन।
रोजगार सृजन और राजस्व वृद्धि का लक्ष्य
एनसीईआरटीसी का उद्देश्य स्थानीय विक्रेताओं, उद्यमियों, व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करके स्टेशन परिसरों को एक जीवंत वाणिज्यिक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित करना है। इस पहल से न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि एनसीईआरटीसी के लिए गैर-किराया राजस्व (नॉन-फेयर रेवेन्यू) में भी वृद्धि होगी।
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भैसाली मेट्रो स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का विस्तार
82 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ में मोदीपुरम तक संचालित है, जिसमें कुल 25 स्टेशन हैं। इनमें से 16 स्टेशन नमो भारत सेवा प्रदान करते हैं, जबकि 12 स्टेशनों पर मेरठ मेट्रो सेवा उपलब्ध है, जिनमें 4 इंटरचेंज स्टेशन हैं। उल्लेखनीय है कि मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक एक ही अवसंरचना पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो, दोनों सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जो देश में अपनी तरह की पहली सुविधा है।
ऐसे लगा सकते हैं बोली
इच्छुक बोलीदाता ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से इस निविदा में भाग ले सकते हैं। निविदा से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता मानदंड, नियम व शर्तें तथा निर्धारित समय-सीमा एनसीईआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।