नाम शार्दूल विहान, उम्र 15 वर्ष लेकिन एशियाड गेम्स की डबल ट्रैप व्यक्तिगत निशानेबाजी में रजत और कोरिया में टीम इवेंट में कांस्य पदक जीतने की उपलब्धि अपने नाम की। यूपी के मेरठ में रहने वाले इस शूटर ने छोटी उम्र में जितनी उपलब्धि बड़ी है, उतनी ही बड़ी इसके पीछे की कहानी है। साढ़े छह किलो की बंदूक से निरंतर अभ्यास के दौरान कांधे में दर्द सहा, जख्म खाए और तब देश के लिए पदक जीतकर लाए। शार्दूल खुद को कुंदन की तरह तपा रहे हैं। उनकी सारी परेशानियां और कठिन तपस्या लक्ष्य के लिए हैं। किशोरावस्था में भारी बंदूक साधना बेहद चुनौतीपूर्ण है। लेकिन वह इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए अभ्यास से लेकर मुकाबले तक हमेशा तैयार हैं। उनके पेरेंट्स से जानते हें उनके सघर्ष की कहानी :-