बच्चों की जिद और शौक पूरा करने में अभिभावक अपने बच्चों को बाइक की नहीं, बल्कि मौत की चाबी पकड़ा रहे हैं। पिछले साल हुए हादसों में मृतकों की संख्या में बाइक चालकों की संख्या करीब 50 फीसदी से ज्यादा रही। इन मौतों में करीब 30 प्रतिशत मृतक किशोर उम्र के बाइक चालक रहे। सिलसिलेवार हादसों के बावजूद अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति नहीं सचेत नहीं हैं।