मुठभेड़ में ढेर हुआ कुख्यात रोहित
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जेल में रहते हुए ही उसका मंसूरपुर क्षेत्र में अवैध वसूली का काला कारोबार शुरू हुआ था। रोहित ने अपना आतंक जारी रखते हुए अपने गुर्गों से 25 जनवरी 2017 को माफिया सरगना सुशील मूंछ के करीबी यशपाल राठी का मंसूरपुर हाईवे पर उसकी दुकान के सामने ही मर्डर कराया था। यहीं से रोहित का माफिया सरगना सुशील मूंछ के साथ छत्तीस का आंकड़ा शुरू हुआ था।
हालांकि जिस आपराधिक साम्राज्य को खड़ा करने में सुपारी किलर रोहित को आठ साल का समय लगा। एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि रोहित पर विभिन्न थानों पर हत्या, लूट, रंगदारी जैसे संगीन अपराधों के 44 मुकदमे दर्ज है, जबकि उसके साथ मारे गए राकेश यादव पर एक दर्जन मुकदमे दर्ज थे।