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पुलिस लाइन में रंगरूटों की लिखित परीक्षा पूरी, परेड-फायरिंग की ट्रेनिंग के बाद 16 को पासिंग आउट  

Wed, 04 Dec 2019 12:10 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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up police training - फोटो : अमर उजाला
मेरठ पुलिस लाइन में रूंगरूटों की लिखित परीक्षा मंगलवार को पूरी हो गई। इस दौरान मुरादाबाद से परीक्षा समिति के अधिकारी भी मेरठ पहुंचे। अधिकारियों ने अपनी देखरेख में लिखित परीक्षा और शारीरिक व्यायाम परीक्षा कराई। 16 दिसंबर को पुलिस लाइन में पासिंग आउट परेड का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसके लिए पुलिस के साथ ही अभ्यर्थियों ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

 
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up police training - फोटो : अमर उजाला
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती के लिए मेरठ में पुलिस लाइन, पीएसी वाहिनी और पीटीएस में ट्रेनिंग दी जा रही है। जल्द ही ट्रेनिंग पूरी होने वाली है। मेरठ पुलिस लाइन में हरदोई से भर्ती हुए 197 रंगरूटों की यहां ट्रेनिंग शुरू हुई थी। जिनमें से नौ रंगरूटों ने ट्रेनिंग छोड़कर यूपी पुलिस में दरोगा और शिक्षक की नौकरी ज्वाइन कर ली। अब पुलिस लाइन में 188 पुरुष रंगरूटों की ट्रेनिंग चल रही है।

 
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up police training - फोटो : अमर उजाला
सेंटर में आरटीसी मेजर राकेश कुमार के अलावा 11 हेड कांस्टेबल ट्रेनिंग दे रहे हैं। एसपी लाइन/एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई का कहना है कि लिखित परीक्षा के लिए मुरादाबाद से परीक्षा समिति के अधिकारी आए थे। लिखित परीक्षा पूरी हो चुकी है। जिनकी कॉपी मुरादाबाद भेजी गई है। वहीं शारीरिक व्यायाम के लिए खुद मैदान में पहुंचकर रंगरूटों की ट्रेनिंग देखी। पासिंग आउट परेड के बाद सभी सिपाही बन जाएंगे और इन्हें हरदोई के लिए रिलीव कर दिया जाएगा।

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meerut police, up police - फोटो : अमर उजाला
रस्सा पकड़कर 15 बार चढ़ाया
रस्सा पकड़कर 20 से 22 फीट की ऊंचाई तक चढ़ना होता है। यदि चढ़ते समय पैर रस्से से मिल गए तो फिर दोबारा से चढ़ना पड़ता है। ऐसे ही उतरना पड़ता है कि पैर रस्से से अलग रहें। ऐसे में 15-15 बार रस्सा पकड़कर चढ़वाया गया। 
 
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एसपी लाइन संजीव बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
मैदान के आठ चक्कर, 60 मिनट परेड
एसपी लाइन संजीव बाजपेई ने बताया कि पीटी, परेड, सभी प्रकार के शस्त्र चलाना, फायरिंग की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। इस दौरान रंगरूटों को बिना रुके मैदान पर 60 मिनट तक उनसे परेड कराई गई। जबकि परेड के बाद 60 मिनट अलग-अलग पोजीशन में रखा। जितनी मजबूत ट्रेनिंग होगी, चार दशक तक पुलिस विभाग में काम आएगी। इस दौरान मैदान के आठ-आठ चक्कर लगवाए।
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