विलाप करते परिजन
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उधर, मेरठ के मीरपुर जखेड़ा गांव में जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत के 36 घंटे बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। पुलिस घटना को फूड प्वॉइजनिंग का बताकर पल्ला झाड़ने में लगी है। यह हाल तब है, जब पीड़ित परिवार ने लिखित में अवैध शराब की शिकायत की है। ऐसे में सवाल यह है कि बिना एफआईआर किसकी और कैसी जांच होगी। यदि जांच शुरू भी होती है, तो समय बीतने के बाद इससे जुड़े सबूत भी खत्म हो जाएंगे। अंतत: पुलिस अपने मकसद में कामयाब हो जाएगी।