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PHOTOS: एक-एक कर फावड़े से काटता रहा और खून चाटता रहा...

Mon, 20 Aug 2018 12:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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लोगों पर फावड़े से हमला करने वाला आरोपी युवक (बाएंं) - फोटो : अमर उजाला
सिरफिरे संजीव (25) के हाथ में फावड़ा था। उसके सामने जो आया, उस पर वो वार करता गया। मौत का खूनी खेल देखकर ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो उसकी मानसिक स्थिति का आलम यह था कि वह फावड़े से लोगों को काटता रहा और फिर फावड़े पर लगा खून चाटता रहा। हत्यारोपी का भयावह और नरपिशाच रूप देख पूरे गांव में दहशत फैली रही। ग्रामीणों ने छतों से पथराव कर उसे काबू में किया।  
तस्वीरों में देखें कैसे सिरफिरे ने गांव में मचाया आतंक :-

 
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ऐसे मचाया आतंक 

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मारकाट के बाद मौके पर पड़ा हुआ रतन सिंह का शव - फोटो : अमर उजाला
शाम के 6:15 बजे थे जब मेरठ के कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के जंगेठी गांव में आरोपी संजीव शर्मा ने आतंक मचाया। सबसे पहले वह परचून दुकानदार रतन सिंह के पास पहुंचा। बोला कि तुम इतने बूढे़ हो गए। लेकिन बोलते बहुत हो। बार-बार पैसे मांगते हो। आज तुम्हारा हिसाब ही कर देता हूं। इससे पहले रतन कुछ समझते कि संजीव ने फावडे़ से पहला बार उनके सिर पर किया। जिस पर रतन दुकान के अंदर जा गिरे। इसके बाद संजीव ने उन पर एक के बाद एक करीब आधा दर्जन वार किए। चीख पुकार उनका पुत्र संजय, पुत्रवधू सुमन, पोती अंजली पहुंचे तो उसने सभी पर हमला बोल दिया। 
 
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जिसमें दम है, सामने आओ 

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रतन सिंह की फाइल फोटो व विलाप करता उनका पोता - फोटो : अमर उजाला
रतन की हत्या व परिवार को घायल करने के बाद हत्यारोपी संजीव कंधे पर फावड़ा लेकर गांव में घूमता रहा। चिल्लाता रहा कि जिसमें दम है, वह सामने आकर दिखाए। उसके सामने जो भी आया, उस पर हमला बोला। फिर कोई ग्रामीण उसके सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। 
 

पुलिस को भी दौड़ाया

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मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों ने बताया कि रतन की हत्या करने के बाद आरोपी ने बुजुर्ग हरपाल को लहूलुहान कर दिया। यूपी 100 पुलिस और फैंटम पुलिस मौके पर पहुंची तो हत्यारोपी संजीव ने फावड़ा लेकर पुलिस को दौड़ा लिया। पुलिस ने उसे किसी तरह पकड़ा तो वह फिर गाड़ी से कूदकर भाग गया। ग्रामीणों ने उसे पकड़ा।
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सिर में मारी ईंट

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मेडिकल में भर्ती हमले में घायल व्यक्ति - फोटो : अमर उजाला
संजीव फावड़े से आठ लोगों को घायल कर चुका था। जिसके चलते लोग अपने घरों की छत पर जा चढ़े और घेराबंदी कर पथराव किया। संजीव के सिर पर ईंट लगी तो वह जमीन पर जा गिरा। तब जाकर लोगों ने उसे पीटकर पुलिस को सौंपा। 
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दोनों पोते बचाए 

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विलाप करता मृतक रतनसिंह का पौत्र - फोटो : अमर उजाला
रतन ने घर में ही परचून की दुकान खोली थी। दादा रतन के साथ दुकान में उसके दोनों पोते शुभम (11) और कार्तिक (8) भी थे। हमले के दौरान संजीव बार बार दुकान में घुसना चाहता था। लेकिन रतन ने घुसने नहीं दिया। इस दौरान दुकान से दोनों बच्चे पीछे के रास्ते घर में चले गए। ग्रामीणों ने बताया कि रतन सिंह ने अपने दोनों पोतों की जान बचा ली। 
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आरोपी की लाश दे दो 

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परिजनों को समझाते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने जब रतन सिंह के शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो दोनों मासूम पोते अधिकारियों के सामने आ गए। कहा कि या तो बाबा को लौटा दो या आरोपी की लाश हमें सौंप दो, उसके बाद शव उठने देंगे। मासूमों की आंखों में गुस्सा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। किसी तरह अधिकारियों ने उन्हें समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 

प्रधान के बेटे पर किया था हमला 

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मौके पर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों के अनुसार तीन साल पूर्व संजीव ने पूर्व प्रधान सोहन पाल के बेटे बिशू को घायल किया था। संजीव आए दिन शराब पीकर गांव में झगड़ता था। आरोपी का पिता कचहरी में सौर ऊर्जा कार्यालय में नौकरी करता है। जो अधिकारियों के संपर्क में रहता है। उसकी सिफारिश पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती थी। होती भी थी तो हल्की धाराओं में चालान होता था। आरोपी कई बार झगड़ों में जेल जा चुका है। 
 

80 मिनट तक चला खूनी खेल

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हमले में घायल युवक का इलाज करते डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
जंगेठी गांव में शनिवार शाम करीब 80 मिनट तक खूनी खेल चला। संजीव शराब के नशे में धुत था, जिसने भी उसके सामने आने का साहस किया, उसका फावड़े से या तो सिर फूटा या फिर कंधा, हाथ, पैर या टांग टूटी।
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अरे! दरवाजे बंद कर लो

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विलाप करते मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला
रतन सिंह की हत्या के बाद संजीव खून से सना फावड़ा लेकर गांव में निकला और लोगों को घायल करने लगा तो लोगों ने शोर मचाते हुए घरों के दरवाजे बंद कर लिए कि संजीव खूनी बन गया है। दरवाजे बंद कर लो, नहीं तो पता नहीं आज कितनों की जान ले लेगा। इस दौरान पुलिस ने उसे घेरने का प्रयास किया तो एक सिपाही के सिर में फावड़ा लगने से बचा। वहीं  पुलिस के अनुसार हमला सिर्फ संजीव ने किया। लेकिन आरोपी संजीव के पूरे परिवार पर मुकदमा दर्ज हुआ है। अफसरों का कहना है कि पुलिस जांच कर रही है।

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