यूपी के बागपत में पुलिस ने खेकड़ा में हुई दस वर्षीय बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने दावा किया है कि बालिका की हत्या सभासद तारा देवी के 28 वर्षीय बेटे रजनीश ने की थी और भेद खुलता व पुलिस का शिकंजा बढ़ता देख उसने खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसकी दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में दुष्कर्म और हत्या से पहले और बाद की घटना रिकार्ड है। कैमरे की फुटेज में वह बालिका को दुकान के अंदर ले जाते हुए और बाद में बोरे में बंद शव को कं धे पर लादकर ले जाता हुआ दिख रहा है।
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बाजार से कॉपी लेने गई थी छात्रा
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बच्ची को बोरे में बंद करके लेजाता आरोपी
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खेकड़ा थाना क्षेत्र से 19 सितंबर को बाजार से 10 वर्षीय छात्रा गुम हो गई थी। उसके पिता ने खेकड़ा थाने पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की छह टीमें छात्रा की तलाश में जुट गई थी। अगले दिन 20 सितंबर को शाम छह बजे के लगभग छात्रा का शव शाह गार्डन अर्वाचीन पब्लिक स्कूल खेकड़ा के पीछे सड़क किनारे प्लास्टिक के बोरे में बंद मिला था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई।
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सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
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मेरठ न्यूज
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एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में 25-30 लोगों से पूछताछ की और कस्बे में लगे 10-12 जगह सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर रजनीश पुत्र रामकुमार निवासी मोहम्मद रैदासपुरी कस्बा खेकड़ा का नाम प्रकाश में आया। रजनीश की मां तारा देवी वर्तमान में वार्ड नंबर एक से सभासद है। 21 सितंबर की देर रात में पुलिस ने रजनीश के घर, दुकान व गोदाम की तलाशी तो ली, लेकिन दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों को नहीं देखा।
पोल खुलने के डर से कर ली आत्महत्या
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गहन जांच करती पुलिस
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पुलिस ने आरोपी रजनीश को 22 सितंबर की सुबह पूछताछ के लिए थाने पर आने को कहा गया, लेकिन रजनीश ने पोल खुलने के डर से रात्रि में अपने घर पर ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 22 सितंबर को पुलिस ने फांसी से उतारकर शव का पोस्टमार्टम कराया। 23 सितंबर को पुलिस ने फिर से मृतक रजनीश की दुकान व गोदाम की तलाशी ली। इसी दौरान दुकान में सीसीटीवी दिखाई दिए। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखा तो घटना का अनावरण हुआ। फुटेज में रजनीश छात्रा को दुकान के अंदर ले जाता, हत्या के बाद शव बोरे में डालकर बाहर ले जाता और छिपाता हुआ दिख रहा है। पुलिस ने छात्रा के परिजनों को घटना के खुलासे की जानकारी दे दी है। एसपी ने बताया कि घटना के खुलासे में कस्बावासियों ने पुलिस का बहुत सहयोग किया है।
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बड़े भाई से पूछा था लोग क्या मांग कर रहे हैं
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प्रदर्शन करते लोग
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एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि 20 सितंबर को घटना के विरोध में कस्बावासियों ने कैंडल मार्च निकाला था। जिसमें मृतक आरोपी रजनीश का बड़ा भाई शामिल हुआ था। कैंडल मार्च से आने के बाद आरोपी ने भाई से पूछताछ था कि लोग क्या मांग कर रहे थे, तो बड़े भाई ने बताया गया कि लोग आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने व फांसी देने की मांग कर रहे थे। इसके बाद उसने फांसी पर लगाकर आत्महत्या कर ली।
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आत्महत्या से पहले रजनीश तक पहुंचकर चूक गई थी पुलिस
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बालिका के हत्यारोपी को पुलिस आत्महत्या से पहले ही दबोच सकती थी, लेकिन इसमें पुलिस से चूक हो गई और वह ऐसा नहीं कर पाई। एसपी ने बताया कि जिस प्लास्टिक के बोरे में छात्रा का शव मिला था, उस बोरे के इनपुट पर दुकानदार रजनीश का नाम था, उससे पूछताछ की गई थी। पुलिस ने जानकारी जुटाई कि इस तरह के बोरे किस-किस दुकान पर मिल सकते हैं। उसकी दुकान की भी तलाशी ली गई, लेकिन उस समय दुकान के बाहर और भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों पर पुलिस की नजर नहीं गई। पुलिस ने बोरे के लिखे नाम के आधार पर आरोपी से पूछताछ की थी, लेकिन उसने पुलिस को कुछ नहीं बताया। पुलिस ने पर्याप्त सबूत न होने के कारण उसे घर भेज दिया गया था और अगले दिन थाने पर आने के लिए कहा गया था। रात में ही उसने आत्महत्या कर ली।
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28 मिनट में घटना को दिया अंजाम
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मृतक आरोपी रजनीश ने 28 मिनट में छात्रा की रेप के बाद हत्या की घटना को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी 3:05 बजे छात्रा को दुकान के अंदर लेकर आता है। उसे गोदाम की तरफ ले जाता है। 3:33 बजे वह अकेला गोदाम से बाहर आता है और तौलिये से अपना पसीनी पोंछता है और इसके बाद वह दुकान पर इधर-उधर घूमता रहा है और ग्राहकों को सामान भी देता है। अगले दिन शाम 7:14 बजे अंधेरा होने पर वह प्लास्टिक के बोरे में छात्रा के शव को लेकर दुकान से बाहर निकलता है और सामने खाली पड़े प्लॉट में बोरे को छिपा देता है। इसके बाद दुकान बंद कर घर चला जाता है। रात्रि में 12:24 बजे वह बाइक लेकर दुकान की आता है और बोरे को (जिसमें छात्रा का शव है) बाइक पर रखकर ले जाता है।
आरोपी के परिजनों को नहीं हुआ आभास
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गांव में पूछताछ करती वंदना शर्मा
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एसपी ने बताया कि आरोपी रजनीश के परिजनों को घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जिस दिन उसे घटना को अंजाम दिया, उस दिन पिता भी थोड़ी देर के लिए दुकान पर गया था। परिजनों को आभास ही नहीं था कि उनके ही बेटे ने छात्रा की रेप के बाद हत्या की। मृतक के भाई ने पुलिस को बताया कि यदि उन्हें पता होता कि उसने ही इस घटना को अंजाम दिया है तो वे उसे खुद ही पुलिस को सौंप देते।
खुद ही फांसी पर खुद ही झूल गया दरिंदा
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खेकड़ा क्षेत्र में 10 वर्षीय छात्रा की रेप के बाद हत्या की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। हर कोई आरोपी को फांसी पर चढ़ाने की मांग कर रहा था, लेकिन 60 घंटे में ही आरोपी ने आत्मघाती कदम उठाया और दरिंदा खुद ही फांसी पर झूल गया।
बोरे में बंद मिला था छात्रा का शव
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खेकड़ा क्षेत्र में 19 सितंबर को सांय तीन बजे के लगभग 10 वर्षीय छात्रा अचानक लापता हुई थी और 20 सितंबर की शाम छह बजे बोरे में बंद छात्रा का शव पड़ा मिला था। इस घटना के बाद जिले भर में जन आक्रोश फैल गया था। लोगों ने सड़क पर उतर कर कैंडल मार्च निकाले। हर कोई आरोपी को फांसी पर चढ़ाने की मांग कर रहा था। इस घटना से हर कोई आहत था। स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी खेकड़ा कस्बे में रैली निकाल कर विरोध जताया गया। 21 सितंबर की रात में तीन बजे के बाद आरोपी रजनीश स्वयं ही फांसी के फंदे पर झूल गया। 22 सितंबर को शव घर पर फांसी के फंदे पर लटका मिला।
बड़ौत निवासी मनोविज्ञान के शिक्षक पंकज कुमार कहते हैं कि ऐसी स्थिति में आरोपी को जनाक्रोश भडक़ने का डर रहता है। पकड़े जाने और सजा के डर के कारण ही आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया।
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