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डेंगू-मलेरिया मच्छरों का पश्चिमी यूपी में खौफ, यदि ये लक्षण आएं नजर तो न करें देर, अपनाएं ये उपाय

Mon, 24 Sep 2018 02:24 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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डेंगू के मच्छर
मौसम का मिजाज़ बदलते ही पश्चिमी यूपी में  खतरनाक मच्छरों का डर बढ़ गया है। डेंगू और चिकनगुनिया का लोगों में खौफ चढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रदेश भर में अब तक डेंगू और चिकनगुनिया के कई मरीज सामने आए हैं। वहीं अब तक  डेंगू के कई मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। आइए जानते हैं कैसे डेंगू -चिकनगुनिया व वायरल जैसी बीमारियों  से बचा जा सकता है और क्या रखें सावधानी:-  
 
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ये है अभी का हाल

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डेंगू
डेंगू और चिकनगुनिया का घातक वार शुरू हो गया है। मेरठ में डेंगू के अब तक तीन मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनके अलावा मलेरिया और वायरल के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले साल मेरठ में डेंगू के 660 मरीज मिले थे,जबकि 2016 में 183 मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई थी। हालांकि मौसम में नमी आने के बाद मच्छर द्वारा जनित रोगों की आशंका और बढ़ गई है ऐसे में मेरठ में स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर अलर्ट है और जगह जगह इससे निपटने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।  
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वायरल का प्रकोप

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डेंगू, मच्छर - फोटो : file photo
यूपी के मुजफ्फरनगर में कस्बा और देहात क्षेत्र में वायरल बुखार का प्रकोप है। सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। सरकारी और प्राईवेट डाक्टरों के यहां मरीजों की भारी भीड़ है। क्षेत्र में पिछले दो सप्ताह से वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। यहां मलेरिया, चिकनगुनिया बुखार से लोग सर्वाधिक पीड़ित हैं। आलम यह है कि सरकारी अस्पताल के अलावा कस्बे के प्राइवेट डाक्टरों के क्लीनिकों पर मरीजों की भीड़ है। बुखार से अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कई रोगियों की भरमार है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट

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डेंगू
बिजनौर में बाढ़ग्रस्त इलाकों में डेंगू पर वार के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। डेंगू के लार्वा को जड़ खत्म करने के लिए जिले में 14 टीमों का गठन किया गया है। नगर पंचायतों के वार्डों में लार्वा साइट पर छिड़काव शुरू करा दिया गया है। साथ ही बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी ब्रजभूषण ने बताया कि आमतौर मलेरिया, डेंगू और वायरल फीवर के लक्षण अन्य बुखार की तरह से ही होते हैं, लेकिन इसे नजरअंदाज करने पर इसकी अवस्था गंभीर हो सकती है। इसलिए इसके प्रति सावधानी बरतना बेहद ही आवश्यक है। 
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बच्चों पर तेजी से असर करता है वायरल

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डेंगू
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बड़ों की अपेक्षा बच्चों में यह तेजी से फैलता है। कहना है कि बारिश होने के बाद धूप निकलने पर इसका संक्रमण अत्यधिक तेजी से सक्रिय हो जाता है। सावधानी ही इसका बेहतर उपचार है। घरों में रखे कूलर,टंकी आदि में मलेरिया एवं डेंगू के लार्वा ज्यादातर पनपता है। सभी गृह स्वामियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इस मौसम में जो बीमारियां फैल रही हैं उनमें डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार, जापानी इंसेफिलाइटिस आदि के मरीज चिकित्सालयों में पहुंच रहे हैं। 
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यहां पनपता है ये मच्छर

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गर्मियों का मौसम जोरों पर है। डेंगू समेत जलजनित रोगों को लेकर एहतियात बरतने के निर्देशों के बावजूद बद्दी में गंदगी का साम्राज्य है। - फोटो : अमर उजाला
पुराने कबाड़, टायरों, ड्रम और कूलर में भरे पानी में डेंगू का लार्वा ज्यादातर पनपता है। इसलिए जमा पानी जमा होने के कारण डेंगू का खतरा बढ़ा हुआ है। पिछले पांच दिन में चार मरीजों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि सिर्फ प्लेटलेट्स गिरने पर यह नहीं समझें कि डेंगू हैं। सामान्य बुखार भी हो सकता है। जांच कराने के बाद ही सही तरीके से पता चलता है कि डेंगू है या नहीं। मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी लैब और जिला चिकित्सालय की लैब में जांच के बाद ही आधिकारिक तौर से डेंगू की पुष्टि मानी जाती है। निजी लैब में पुष्टि होने पर भी इन्हीं लैब में पूरी तरह से पुष्टि करने के लिए सैंपल भेजे जाते हैं।

 
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ये हैं डेंगू के लक्षण

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डेंगू
-अचानक तेज सिर दर्द व बुखार होना।
-मांसपेशियां एवं जोड़ों में दर्द होना।
-आंखों के पीछे दर्द होना, जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है।
-जी मिचलाना एवं उल्टी आना, रक्त संचरण का बिगड़ना।
-नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना।
-स्किन में लाल धब्बे पड़ना भी कभी-कभी देखा गया है। 
-डेंगू की सबसे अहम पहचान होती है कि मरीज को बुखार के साथ कमजोरी लगने लगती है क्योंकि उसके प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं।

 

क्या करें क्या न करें

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
डेंगू,चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इसमें होने वाले बुखार की वजह से मरीज के प्लेटलेट्स एक दम नीचे गिर जाते हैं। ऐसे में जरूरी है आप ऐसे पदार्थों का सेवन करें जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्घि करें। हरी सब्जियों जैसे हरा कद्दू,गिलोय का रस व पपीते के पत्तों को जूस प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा चुकंदर और तुलसी के पत्तों का भी सेवन करें। बुखार आने पर माथे और हथेलियों में ठंडे पानी की पट्टियां रखें। इसके अलावा बड़ी इलायची के साथ मुनक्का, सोंठ, मिर्च, पीपल, तुलसी, गिलोय का काढ़ा बनाकर देसी गुड़ के साथ पिएं। रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए 10-15 मुनक्का भूनकर सेंधा नमक और काली मिर्च का पाउडर बुरक कर खाएं। अमरूद, अनार, आदि का सेवन करें। घर में तुलसी का पौधा लगाएं यह मच्छरों को दूर रखने में मदद करता है। 

 
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ये बरतें सावधानी

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वलि अस्पताल में बना डेंगू वार्ड - फोटो : अमर उजाला
चिकनगुनिया से बचने के लिए फिलहाल कोई टीका अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाया है। इस बीमारी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है खुद को मच्छरों से बचाए रखें। अपने घर के आसपास की जगह पर सफाई रखें। घर के पास पानी न जमा होने दें। बात दें, डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छर साफ पानी में ही पैदा होते हैं। चिकनगुनिया के मच्छर ज्यादातर दिन के समय काटते हैं। इसलिए सिर्फ रात ही नहीं बल्कि दिन में भी मच्छरों से बचाव जरूरी है। इनसे बचने के लिए मच्छरदानी का इस्तमाल करें। इस मौसम में कोशिश करें कि हमेशा पूरी बाजू के ही कपड़े पहनें। लक्षणों के आधार पर डॉक्टर से सलाह लेकर ही दवा लें। डॉक्टर को दिखाए बिना अपनी मर्जी से ही कोई दवा लेने की भूल बिल्कुल न करें।

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