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UP: 'पुलिस अंकल... फुरकान सपने में आता है', व्यापारी नेता की हत्या के बाद 12 साल तक दहशत में जीता रहा परिवार

Thu, 06 Aug 2026 12:33 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

कुख्यात एक लाख के इनामी बदमाश फुरकान का खौफ में एक परिवार 12 साल तक दहशत में जीता रहा। बच्चे पुलिसकर्मियों से कहते थे, पुलिस अंकल... फुरकान सपने में आता है।
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UP Encounter - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कुख्यात एक लाख के इनामी बदमाश फुरकान का खौफ सिर्फ पुलिस तक सीमित नहीं था, बल्कि विनोद सिंघल के परिवार की जिंदगी में भी वह 12 वर्षों तक दहशत बनकर छाया रहा। व्यापारी नेता विनोद सिंघल की हत्या के बाद पूरा परिवार दहशत में था। बच्चे पुलिसकर्मियों से कहते थे, पुलिस अंकल... फुरकान सपने में आता है।

पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विनोद सिंघल के परिवार ने कई बार अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस से गुहार लगाई थी। परिवार के बच्चों के मन में इतना भय था कि उन्हें हर समय किसी अनहोनी का डर सताता रहता था। बच्चे पुलिसकर्मियों से कहते थे कि उन्हें लगता है कहीं उनके पिता के साथ भी वैसा ही न हो जाए, जैसा उनके दादा के साथ हुआ था। 
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एनकाउंटर के बाद इनामी की बरामद कार्बाइन - फोटो : पुलिस
परिवार की मानसिक स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार उनके घर के आसपास गश्त कर रही थी और फुरकान की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही थी। करीब एक सप्ताह पहले भी परिजनों ने एसपी से मिलकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी।
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एक लाख के इनामी कुख्यात फुरकान की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसपी ने बताया कि फुरकान के मारे जाने से एक परिवार के दिल से 12 वर्षों का डर जरूर खत्म हुआ है, लेकिन उसके गिरोह के अन्य बदमाश अभी भी पुलिस के निशाने पर हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
 

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कैराना में मृतक व्यापारी विनोद सिंघल की दुकान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बात करने से भी डर रहा था बेटा
बोला, भगवान ने हमारे पिता को इंसाफ दिलाया है। फुरकान के एनकाउंटर की खबर के बाद जब विनोद सिंघल के घर पहुंचे तो उनके बेटे अर्णव सिंघल ने पहले बात करने से ही इनकार कर दिया। उनके चेहरे पर आज भी वही डर साफ दिखाई दे रहा था, जो 12 साल पहले पिता की हत्या के बाद पूरे परिवार के जीवन में उतर आया था। 

 
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शामली में फुरकान मुठभेड़ पर जश्न मनाते व्यापारी - फोटो : व्यापारी
काफी समझाने के बाद अर्णव ने कहा कि जब उनके पिता की हत्या हुई थी, तब वह बहुत छोटे थे। उन्हें सिर्फ इतना याद है कि बाइक पर आए बदमाशों ने दुकान पर बैठे उनके पिता की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी।
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शामली में फुरकान मुठभेड़ पर जश्न मनाते व्यापारी - फोटो : व्यापारी
अर्णव ने भावुक होते हुए कहा कि हमने 12 साल डर के साये में बिताए हैं। आज लग रहा है कि भगवान ने हमारे पिता को इंसाफ दिलाया है। वहीं, विनोद सिंघल की माता बृज देवी की आंखें भी भर आईं। उन्होंने कहा कि बेटे को खोने का दर्द कभी खत्म नहीं होगा, लेकिन फुरकान के मारे जाने से यह संतोष जरूर है कि उसके अपराधों का अंत हो गया। अब परिवार को उम्मीद है कि वे बिना डर के सामान्य जीवन जी सकेंगे।
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एनकाउंटर के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक लाख का इनामी कुख्यात फुरकान मुठभेड़ में ढेर
शामली के झिंझाना थाना इलाके में रंगाना के निकट पोल्ट्री फार्म पर बुधवार की दोपहर में एक लाख रुपये का इनामी गैंग्स ऑफ कैराना का सरगना फुरकान पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। उसका साथी मौके से भाग गया।

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एनकाउंटर के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना निवासी फुरकान (37) व्यापारी विनोद सिंघल की हत्या का आरोपी था। उस पर लूट, हत्या, रंगदारी, गैंगस्टर आदि के 28 मामले दर्ज थे। वर्ष 2014 में व्यापारी विनोद सिंघल की हत्या के बाद से कैराना से पलायन का मामला देश भर में चर्चा में आया था।

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जिला अस्पताल में मुठभेड़ में घायल हेड कांस्टेबल का उपचार करते स्वास्थ्यकर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बदमाश के कब्जे से कार्बाइन, 9 एमएम की पिस्टल, 19 कारतूस, 10 खोखे और बिना नंबर की बाइक बरामद हुई है। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर को झिंझाना थाना प्रभारी निरीक्षक को सूचना मिली थी कि आर्यपुरी का निवासी फुरकान अपने एक साथी के साथ झिंझाना क्षेत्र के गांव रंगाना व खानपुर कलां के बीच स्थित पोल्ट्री फार्म में छिपा है।
 

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पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे इनामी फुरकान के परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूचना के बाद स्वाट टीम प्रभारी व बाबरी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह तीन पुलिस टीमों के साथ मौके की घेराबंदी कर दी। पुलिस से खुद को घिरा देख बदमाशों ने अंधाधुंध करीब 15 राउंड फायरिंग की। पुलिस ने भी पांच राउंड फायरिंग की। एसपी ने बताया कि फुरकान के सीने में एक गोली लगी थी। उसे सीएचसी ऊन ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। 

 

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फुरकान के एनकाउंटर के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे अधिकारी। - फोटो : पुलिस
हेड कांस्टेबल गोली लगने से घायल
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की तरफ से की गई फायरिंग में स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल हरविंद्र को गोली लग गई। उनका सीएचसी ऊन में उपचार कराया गया। प्रभारी निरीक्षक झिंझाना विरेंद्र कसाना, थानाध्यक्ष बाबरी कुलदीप सिंह व स्वाट टीम प्रभारी राहुल सिसौदिया के बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी हैं।
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मुठभेड़ के बाद बरामद पिस्टल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीनों सुरक्षित हैं। एसपी के मुताबिक फुरकान ने रंगदारी नहीं देने पर वर्ष 2014 में कैराना के व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष विनोद सिंघल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोप लगाया जाता है कि इसके बाद ही कैराना से पलायन शुरू हुआ था।
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