डायल 100 रात में एक्टिव हो जाती तो शायद परिवार का इकलौता बेटा संजीव उर्फ शैंकी जिंदा होता। पल्लवपुरम में शैंकी को बचाने के लिए उसकी प्रेमिका ने प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हुई। उसने पिता और भाइयों से कहा कि शैंकी से उसके पांच साल से संबंध हैं, उसको मत मारो। आप कहोगे तो हम दोनों कहीं दूर चले जाएंगे।
आपकी कोई बदनामी नहीं होगी। लेकिन युवती के पिता और दोनों भाई शैंकी को मारने पर अड़े थे। वह बार बार चिल्लाते थे कि पांच साल से शैंकी के कारण उनकी बदनामी हो रही है। आज हत्थे चढ़ा है, नहीं छोड़ेंगे। बेबस युवती ने मदद के लिए पुलिस को कॉल किया तो वहां से भी कोई मदद नहीं आई। अंततः युवती के परिजनों ने उसके सामने ही शैंकी की नृशंस हत्या कर दी।