मंजिल को पाना तो दूर उनके हालात ऐसे भी नहीं थे कि वो मंजिल की ओर एक भी कदम बढ़ा पाते। लेकिन उनमें जज्बा था कुछ कर गुजरने और अपनों के सपनों को साकार करने का। यहीं लगन, मेहनत और ईमानदारी आज उनको उस मुकाम पर ले आई, जहां हर कोई उनकी पीठ थपथपा रहा है। यूपी बोर्ड परीक्षा देने वाले शहर के कुछ ऐेसे भी मेधावी हैं, जिन्होंने विपरीत हालातों में लक्ष्य हासिल कर सभी छात्रों के लिए नजीर पेश की है।