यूक्रेन में फंसे थे मेरठ के छात्र।
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घर पहुंचने की खुशी, भविष्य की चिंता
सूर्या पैलेस निवासी मानसी शर्मा खारकीव मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। शनिवार को मानसी घर लौटीं तो परिजनों की आंखें भर आईं। मानसी ने बताया कि घर पहुंचने की खुशी है, लेकिन भविष्य की चिंता भी सता रही है। मानसी ने बताया कि नौ दिन तक बहुत समस्याएं झेली लेकिन, साहस नहीं छोड़ा। कंकरखेड़ा की ख्याति कौशल भी मानसी के साथ थीं। मानसी ने बताया कि 27 फरवरी को दोनों कैब से रेलवे स्टेशन पर पहुंचीं। स्टेशन पर बहुत भीड़ थी। 20 घंटे भूखे-प्यासे सफर कर लवीव और वहां से पोलैंड बॉर्डर पहुंचे। कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। 14 घंटे लग गए। चार मार्च की सुबह फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे।