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ओलंपिक 2021 : संसाधनों का अभाव मगर हासिल किया मुकाम, बैग की चाहत ने मेरठ की प्रियंका को पहुंचाया टोक्यो

Thu, 22 Jul 2021 05:53 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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एथलीट प्रियंका गोस्वामी - फोटो : social media
हमारी ओलंपिक किट बेहद  खूबसूरत है ... जापान से फोन पर परिजनों को यह बताते हुए मेरठ की एथलीट प्रियंका गोस्वामी की खुशी का ठिकाना नहीं था। इसी किट के लिए तो उसने दिन रात मेहनत की थी, ताकि वह सोने पर दांव लगाकर अपने देश को गौरवान्वित कर सके। प्रियंका के संघर्ष की कहानी दूसरे खिलाड़ियों को प्रेरित करने के लिए काफी है। 

मेरठ से कुल पांच खिलाड़ी इस बार ओलंपिक में हिस्सा ले रहे हैं। यह क्रांतिधरा के लिए गर्व की बात है। इन्हीं में से एक है मुजफ्फरनगर की मूल निवासी प्रियंका गोस्वामी। उन्हें ओलंपिक में पदक की मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ उनके परिवार दोस्त और रिश्तेदार उनकी जीत की कामना कर रहे हैं, वहीं उनके ओलंपिक तक पहुंचने के सफर और संघर्ष के किस्से दूसरों को प्रेरित कर रहे हैं। आइए जानते हैं कैसे एक बैग की चाहत ने उन्हें टोक्यो पहुंचा दिया : -
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एथलीट प्रियंका गोस्वामी - फोटो : social media
बैग की चाहत ने एथलीट प्रियंका गोस्वामी को ओलंपिक तक पहुंचा दिया। 3 जनवरी 2011 को पहली ही प्रतियोगिता में मिले उपहार ने उनकी खेल में रुचि पैदा की। दरअसल, खेल विभाग प्रतियोगिता में जीतने वाले खिलाड़ियों को बैग उपहार में देता था, जिसके बाद प्रियंका में भी इस बैग को पाने की ललक जाग उठी। उन्होंने पैदल चाल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और प्रतियोगिता जीती। इसके बाद प्रियंका ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

आज दुनिया की सबसे बड़ी प्रतियोगिता में वह पैदल चाल में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। यहां तक कि प्रियंका को आदर्श मानकर युवा खिलाड़ी एथलेटिक्स में अपना भविष्य बनाने में जुट गए हैं। जिले में तीन सौ से ज्यादा खिलाड़ी सुबह-शाम मैदानों में पसीना बहा रहे हैं।
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एथलीट प्रियंका गोस्वामी - फोटो : social media
माधवपुरम निवासी एथलीट प्रियंका गोस्वामी मूल रूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली हैं। आज उन पर पूरा शहर गर्व कर रहा है। वह ओलंपिक में पदक की मजबूत दावेदार हैं। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में उन्होंने अभ्यास कर अपना सपना पूरा किया है। 

प्रियंका को आदर्श मानकर फूलबाग निवासी आशु, पांडवनगर निवासी रवि व अन्नू, रोहटा रोड निवासी ललिता पैदल चाल में अभ्यास कर रहीं हैं। रेलवे में कार्यरत प्रियंका अभी तक 20 किमी. पैदल चाल में 3 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुकी हैं, जबकि 16 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 14 में पदक अपने नाम कर चुकी हैं। ओलंपिक में 20 किमी पैदल चाल में उनका मुकाबला 6 अगस्त को है।  

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ओलंपिक किट पहने एथलीट प्रियंका गोस्वामी - फोटो : social media
ओलंपिक किट में नजर आईं प्रियंका
हाल ही में प्रियंका गोस्वामी ने ओलंपिक किट पहनकर सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड किए हैं। उन्होंने लिखा ‘हमारी ओलंपिक किट बहुत खूबसूरत है, हम एथलीट बहुत खुशी महसूस कर रहे हैं। पूर्व खेल मंत्री किरण रिजिजू सर ने वादा किया था, एथलीटों को सर्वश्रेष्ठ ओलंपिक किट प्रदान की जाएंगी।’ 
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ओलंपिक किट पहने एथलीट प्रियंका गोस्वामी - फोटो : social media
दूसरे खिलाड़ियों को कर रहीं प्रेरित
कैलाश प्रकाश स्टेडियम में बिना सिंथेटिक ट्रैक के सालों से खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन खेल विभाग ने अभी तक जिले को सिंथेटिक ट्रैक नहीं दिया है। बावजूद इसके मेरठ से इस साल तीन एथलीट टोक्यो ओलंपिक खेलने जा रहे हैं। युवा एथलीटों ने प्रियंका गोस्वामी के ओलंपिक खेलने पर खुशी जताते हुए पदक की आस जताई है। उन्होंने कहा बिना संसाधनों के मेरठ की बेटी टोक्यो पहुंची है, यह बड़ी बात है। 
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