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आत्महत्या: परमवीर की मौत का राज गहराया, एनआईए की पूछताछ के बाद उठाया था खौफनाक कदम

Thu, 22 Jul 2021 04:03 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ/हस्तिनापुर
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मृतक परमवीर का फाइल फोटो, गमगीन महिलाएं व मौके पर जांच करती पुलिस - फोटो : Amar Ujala Meerut
मेरठ हथियार सप्लाई के मामले में शक के आधार पर एनआईए और पंजाब पुलिस लगातार परमवीर से पूछताछ कर रही थी। दो बार चंडीगढ़ बुलाकर जानकारी ली। जिसके बाद से परमवीर गुमसुम रहने लगा था। मंगलवार रात जहर खा लिया। 

10 दिन पहले एनआईए की टीम ने हथियार सप्लायर गगनदीप निवासी रामराज बहसूमा की निशानदेही पर दूधली गांव में छापा मारा था। जहां से परमवीर उर्फ परमजीत उर्फ मंगल को पकड़ा था घंटों पूछताछ के बाद एनआईए ने उसको छोड़ दिया था। दो दिन बाद फिर पूछताछ के लिए एनआईए ने मंगल को बुलाया था। परमवीर के पिता अजित सिंह का कहना है कि बेटा बेकसूर था। गगनदीप ने उसको फंसाया है।

पिता का कहना है कि सुरक्षा एजेंसी ने जब भी परमजीत को बुलाया, वह खुद उसे लेकर चंडीगढ़ गए। बार बार पूछताछ के बाद से परमजीत गुमसुम रहने लगा था। कई बार परिवार के लोगों ने पूछा भी, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। वह रोजाना की तरह हस्तिनापुर स्थित सन्नी की डेयरी पर मंगलवार शाम में चला गया था।
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मौके पर जांच करती पुलिस - फोटो : Amar Ujala Meerut
परमवीर के पिता बताते हैं कि उसने करीब आठ बजे जहर खा लिया, लेकिन उनको सूचना रात में 12 बजे दी गई। बेटा हॉस्पिटल में भर्ती है, इसका पता लगते ही वह मवाना पहुंचे। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

डेयरी वाले हॉस्पिटल के बाहर खड़े थे, उनके पहुंचने के बाद वह वहां से चले गए। बेटे ने ऐसा क्यों किया, किसी ने कुछ नहीं बताया। जानकारी मिली है कि मौत से पहले डॉक्टरों से परमवीर की बात हुई, जिसमें उसने खुद ही जहर खाने की बात कही है। जहर खाने के बाद करीब दो घंटे तक वह जीवित रहना बताया गया है।

 
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मृतक परमवीर का फाइल फोटो (दाएं), गमगीन महिलाएं - फोटो : Amar Ujala Meerut
एनआईए ने हिरासत में लिया था
परमजीत उर्फ मंगल सिंह (36) को 12 जुलाई 2021 को एनआईए की टीम ने हिरासत में लिया था। जहां एनआईए की टीम कई घंटे तक हस्तिनापुर और दूधली गांव में छानबीन करने में जुटी रही।

12 जुलाई की देर शाम ही परमजीत को पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। 14 जुलाई 2021 को पंजाब पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए चंडीगढ़ बुलाया, जहां पर उससे कुछ जानकारी ली। 

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मौके पर जांच करती पुलिस - फोटो : Amar Ujala Meerut
गगनदीप की निशानदेही पर उठाया  
रामराज, बहसूमा निवासी गगनदीप ने एनआईए को बयान दिया था कि पंजाब में खालिस्तानियों को हथियार सप्लाई किए गए थे। गगनदीप से जब एनआईए ने पूछताछ की तो उसने दूधली के परमवीर का नाम भी बताया था।
गगनदीप दहेज उत्पीड़न के मामले में जमानत तुड़वाकर जेल गया था, जिसको पंजाब पुलिस ने मेरठ जेल से पंजाब की जेल में शिफ्ट कराया था। उसके बाद उसको रिमांड पर लिया गया। 
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मृतक परमवीर का फाइल फोटो - फोटो : Amar Ujala Meerut
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के कारण का लगेगा पता
सीओ मवाना उदय प्रताप का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, उसने जहरीला पदार्थ खाने के बाद अपने कुछ दोस्तों को फोन किया। जिसके बाद उन्होंने उसे मवाना के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जहां उसकी मौत हुई। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लग सकेगा और उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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मेरठ एसएसपी प्रभाकर चौधरी। - फोटो : amar ujala
बिसरा रखा गया सुरक्षित
परमवीर का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें बिसरा सुरक्षित रखा गया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में जहरीला पदार्थ खाने से परमवीर की मौत होना बताया गया है। पुलिस सभी बिंदु पर जांच करने में लगी है। -प्रभाकर चौधरी, एसएसपी 
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