मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : Amar Ujala Meerut
परमवीर के पिता बताते हैं कि उसने करीब आठ बजे जहर खा लिया, लेकिन उनको सूचना रात में 12 बजे दी गई। बेटा हॉस्पिटल में भर्ती है, इसका पता लगते ही वह मवाना पहुंचे। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
डेयरी वाले हॉस्पिटल के बाहर खड़े थे, उनके पहुंचने के बाद वह वहां से चले गए। बेटे ने ऐसा क्यों किया, किसी ने कुछ नहीं बताया। जानकारी मिली है कि मौत से पहले डॉक्टरों से परमवीर की बात हुई, जिसमें उसने खुद ही जहर खाने की बात कही है। जहर खाने के बाद करीब दो घंटे तक वह जीवित रहना बताया गया है।