राज्यमंत्री की गाड़ी व विधायक लोकेंद्र चौहान पर हमले के आरोपी निपेंद्र राठी के पिता जसवंत सिंह की मौत के मामले में भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान, उनके भाई सीपी सिंह, सपा की पूर्व विधायक रुचि वीरा व शहर कोतवाली पुलिस के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आक्रोशित भीड़ ने शुक्रवार पूरी शहर रात कोतवाली में हंगामा किया तो शनिवार सुबह दिल्ली पौंडी राजमार्ग पर जाम लगा दिया।
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थाने के बाहर बैठे लोग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
भीड़ के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने पूर्व विधायक रुचि वीरा के आवास पर दबिश दी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिली। करीब 16 घंटे बाद डीएम के आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। परिवारीजन व रिश्तेदार शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे जसवंत सिंह के शव को लेकर थाने पहुंचे और उनकी मौत को हत्या बताते हुए हंगामा करने लगे थे। लोग सवा दस बजे थाने के बाहर शव रखकर जाम लगा दिया था।
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पूर्व विधायक के घर दबिश देने पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
देर रात निपेंद्र की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई। निपेंद्र ने बताया कि उसके पिता को दिल की बीमारी थी, पुलिस ने थाने में मौजूद विधायक लोकेंद्र के भाई सीपी सिंह के इशारे पर उनका उत्पीड़न किया। उन्हें दवा तक नहीं खाने दी, जिसके कारण उनके पिता की थाने में ही मौत हो गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शनिवार तड़के करीब पौने छह बजे शव थाने से उठाया, लेकिन पोस्टमार्टम से पहले आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर भीड़ ने सुबह करीब दस बजे दिल्ली पौड़ी नेशनल हाईवे पर बाईपास चौराहे पर शव के साथ जाम लगा दिया और धरने पर बैठ गए।
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पुलिस ने बंद किया सड़क
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत व भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह भी धरने में शामिल हुए। डीएम जगतराज व एसपी अतुल शर्मा ने भीड़ को समझाने की कोशिश की तो भीड़ ने बिना गिरफ्तारी के जाम खोलने से इंकार कर दिया। करीब डेढ़ बजे डीएम जगतराज ने दो नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा व बाकी को दो दिन में गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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पूर्व विधायक के घर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
ये है मामला : जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जिले में सियासी माहौल गर्माया हुआ है। गत छह अगस्त को लोकनिर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले साकेंद्र चौधरी ने राज्य मंत्री अतुल गर्ग की गाड़ी और विधायक लोकेंद्र चौहान पर हमला बोल दिया था। इस मामले में पुलिस ने साकेंद्र समर्थक निपेेंद्र राठी की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाने के लिए उनके पिता जसवंत सिंह को हिरासत में लिया था। शुक्रवार को उनकी हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी।
बिजनौर के डीएम जगतराज ने बताया कि जसवंत सिंह की मौत थाने में नहीं बल्कि घर पर हुई थी। जसवंत सिंह को पुलिस ने नौ अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया था और उसी दिन छोड़ दिया था। एफआईआर में जसवंत सिंह की मौत थाने में होना दर्शाया गया है, जो कि गलत है। इसकी विवेचना की जा रही है।