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PHOTOS: तिरंगे में लिपटे जिगर के टुकड़े को देख मच गई चीख-पुकार, हर आंख से निकले आंसू

Sat, 06 Jan 2018 08:31 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर - फोटो : अमर उजाला
बहादुर सिपाही अंकित तोमर का शव वाजिदपुर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। हर आंख से आंसु निकले। गमगीन माहौल के बीच सिपाही का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने मातमी धुन बजाई।
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तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले शामली से वाजिदपुर तक सड़क के दोनों ओर खड़े ग्रामीणों ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। छतों से महिलाओं और बच्चों ने फूल बरसाए।
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तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर - फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ में घायल अंकित बुधवार की रात में जिंदगी की जंग हार गया था। बृहस्पतिवार को शामली पुलिस लाइन में सलामी के बाद पुलिस और परिजन पार्थिव शरीर को लेकर वाजिदपुर गांव के लिए रवाना हुए। अंतिम यात्रा बड़े काफिले में तब्दील हो गई।

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तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से लेकर बड़ौत से वाजिदपुर तक मार्ग में पड़ने वाले गांव के लोगों ने अंकित तोमर के जयकारे लगाए और श्रद्धा पुष्प अर्पित किए। दोपहर करीब सवा बजे अंकित का शव गांव पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। अंतिम दर्शन के लिए वाजिदपुर में हजारों लोग जमा थे।
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ग्रामीणों में शोक की लहर - फोटो : अमर उजाला
महिलाओं का रुदन देख हर किसी की आंख आंसुओं से भर गई। पुलिस और परिजन तिरंगे में लिपटे अंकित के पार्थिव शरीर को लेकर गांव के बाहर श्मशान स्थल तक पहुंचे। यहां पर मातमी धुन बजाई गई। पुलिस गारद ने गॉड ऑफ ऑनर दिया। छोटे भाई दानवीर ने मुखाग्नि दी तो हर किसी की आंख में आंसू भर आए।
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तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर - फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए राजनीतिक दल, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के अलावा आसपास के गांव के लोग पहुंचे। बड़ौत के भाजपा विधायक केपी मलिक, छपरौली के रालोद विधायक सहेंद्र सिंह रमाला, एडीजी प्रशांत कुमार, डीआईजी सहारनपुर केएस इमैनुअल, डीएम ऋषिरेंद्र कुमार, एसपी शामली डॉ. अजयपाल शर्मा, एसपी बागपत जयप्रकाश, एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार द्विवेदी मौजूद रहे।
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परिवार में टूटा दुख का पहाड़ 

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शहीद सिपाही की पत्नी और दोनों बच्चे - फोटो : अमर उजाला
शहीद अंकित तोमर की मौत के बाद उसकी पत्नी नेहा अपने चार माह के बेटे लक्ष्य और तीन साल की बेटी अभि तोमर गोद में लिए निहार रही थी। बच्चों को नहीं पता कि इस बाल्य अवस्था में ही उनके सिर से उनके पिता का साया उठ जाएगा। मां भी बच्चों के आगे गमगीन तो थी, लेकिन आंसू नहीं बाह रही थी, क्योंकि बच्चों पर इसका प्रभाव पड़ता।

दिल में था देश सेवा का जज्बा

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शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा - फोटो : अमर उजाला
शहीद अंकित तोमर ने बड़ौत के जनता वैदिक कॉलेज से बीए किया। उसकी 2012 में लिलोन खेड़ी शामली से नेहा के साथ शादी हुई। परिजन बताते है कि अंकित तोमर शुरू से ही होनहार था।

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शहीद सिपाही को सलामी देते साथी - फोटो : अमर उजाला
उसका कहना था कि या तो वह पुलिस की नौकरी करेगा या फिर सेना में जाकर देश की सेवा करेगा। काफी मेहनत कर बदायूं में 2011 में उसने यूपी पुलिस की भर्ती पास की। वह क्रिकेट खेलने का शौकीन था। गांव के लोग भी बताते हैं कि जब भी वह छुट्टी आता तो देश की सेवा के लिए दम भरता था।

बेटे की शहादत पर है गर्व

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शहीद सिपाही की मां - फोटो : अमर उजाला
शहीद अंकित तोमर की मां अमरेश अपने बेटे को देख आंसू तो बहा रही थी, लेकिन उसे अपने बेटे पर गर्व भी था कि उसने शातिर बदमाश को मारने में अपनी जान गवां दी। जिसने न जाने कितने खून किए थे।
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शहीद सिपाही के पिता और एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
पिता जयपाल सिंह को भी गम तो था, लेकिन वह आंसू नहीं बहा पा रहे थे, लेकिन शहीद की पत्नी नेहा को देख उनकी आंखें भी भर आई और उन्होंने लाड़ से गले से लगाकर सांत्वना दीं। 

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