बागपत के बड़ौत स्थित कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका शुक्ला के फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर सहारनपुर, अंबेडकरनगर, अलीगढ़, प्रयागराज समेत 25 जिलों में तैनाती का पता लगा। बछरावां में भी शिक्षिका पर एफआईआर दर्ज की गई है।
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अनामिका शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के 25 स्कूलों में फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाली शिक्षिका अनामिका शुक्ला उर्फ प्रिया सहारनपुर और बागपत जिले में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में तैनात रही। सहारनपुर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुजफ्फराबाद में पूर्णकालिक शिक्षिका (विज्ञान) के तौर पर उसकी तैनाती रही, जबकि बागपत के बड़ौत स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में भी बतौर विज्ञान शिक्षिका तैनात रही। अब उसका फर्जीवाड़ा खुला है तो सहारनपुर में जिला समन्वयक ने जनकपुरी थाने में तहरीर दी है।
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शिक्षिका अनामिका शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुजफ्फराबाद में अनामिका शुक्ला ने अगस्त 2019 में ज्वॉइनिंग की थी।
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बीएसए कार्यालय में अनामिका शुक्ला से पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय से प्राप्त पत्र के अनुपालन में गत चार जून 2020 को समस्त मूल प्रमाण पत्रों के साथ बीएसए कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया था, जिससे सुनवाई की जा सके। लेकिन अनामिका ने उपस्थित होने की बजाय पांच जून को विद्यालय की वार्डन के व्हाट्सएप पर अपना त्यागपत्र भेज दिया।
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अनामिका शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
अनामिका शुक्ला ने कूटरचित अभिलेखों के आधार पर वर्ष 2019 से मानदेय प्राप्त किया है। अनामिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना जनकपुरी में बालिका शिक्षा के जिला समन्वयक आदित्य नारायण की ओर से तहरीर दे दी गई है।
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बीएसए कार्यालय में अनामिका शुक्ला से पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
उधर, बागपत के बड़ौत स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की वार्डन मधु त्यागी का कहना है कि अनामिका शुक्ला की तैनाती 31 दिसंबर 2019 को थी।
डीसी का दावा, विद्यालय में रहती थी अनामिका
सहारनपुर में कई विद्यालयों में फर्जीवाड़े से नौकरी करती रही अनामिका शुक्ला कस्तूरबा गांधी आवासी बालिका विद्यालय मुजफ्फराबाद में रहकर कक्षाएं लेती रही, यह दावा जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) आदित्य राणा का है। उन्होंने बताया कि अनामिका शुक्ला विद्यालय परिसर में ही रहती थी। प्रतिदिन कक्षा में पढ़ाने की सीसीटीवी फुटेज भी हैं। इसके अलावा बायोमेट्रिक से उपस्थिति दर्ज होती थी, जिसमें अन्य कोई व्यक्ति उपस्थिति नहीं दर्ज करा सकता है।
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